# संजय बांगर की बेटी अनाया ने भारतीय क्रिकेटर्स पर रखी बेबाक राय, खेल में वापसी की भी कर रही हैं तैयारी

> पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर ने रैपिड फायर में भारतीय खिलाड़ियों पर अपनी पसंद जाहिर की, साथ ही जेंडर बदलने के बाद वह ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट करियर फिर से शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/sanjay-bangar-ki-beti-anaya-ne-bharatiya-kriketarsa-para-rakhi-bebaka-raya-khela-men-vapasi-ki-bhi-kara-rahi-hain-taiyari-49350 · **Language:** Hindi
**Tags:** अनाया बांगर, संजय बांगर, शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, श्रेयस अय्यर, महिला क्रिकेट, बीसीसीआई

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अपने फैशन सेंस और लाइफस्टाइल को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाली अनाया का एक नया इंटरव्यू सामने आया है। इस बातचीत के दौरान उन्होंने भारतीय टीम के युवा क्रिकेटरों को लेकर पूछे गए दिलचस्प सवालों के बेबाकी से जवाब दिए, जिसने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

## रैपिड फायर राउंड में चुने तीन क्रिकेटर्स के लिए विकल्प
कृष्णैंक अत्रे के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित एक इंटरव्यू में अनाया से हल्के-फुल्के अंदाज में रैपिड फायर सवाल पूछे गए। इस दौरान उनके सामने भारत के तीन उभरते हुए सितारे शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर के नाम रखे गए। सवाल के नियम के मुताबिक अनाया को इन तीनों खिलाड़ियों में से किसी एक को शादी, एक को हुक अप और एक को किल करने के विकल्प के तौर पर चुनना था।

सवाल सुनकर अनाया शुरुआत में थोड़ी असहज और सोच-विचार में नजर आईं, लेकिन फिर उन्होंने बड़ी सूझबूझ से अपना फैसला सुनाया। उन्होंने अभिषेक शर्मा को शादी के लिए चुना, जबकि शुभमन गिल को हुक अप की श्रेणी में रखा। वहीं श्रेयस अय्यर के लिए उन्होंने किल का विकल्प चुना। उनका यह छोटा सा वीडियो क्लिप इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

## पुरुष वर्ग के क्रिकेट से जेंडर बदलाव तक का सफर
अनाया सिर्फ सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ही नहीं हैं, बल्कि उनका खेल की दुनिया से भी पुराना नाता रहा है। जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी से पहले उनका नाम आर्यन था। अपने इस बदलाव से पहले वह मुंबई के लिए पुरुषों के एज-ग्रुप क्रिकेट में मैदान पर उतर चुकी थीं। क्रिकेट के माहौल में पली-बढ़ी अनाया खेल की बारीकियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

साल 2022 में उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा और साहसिक फैसला लेते हुए जेंडर बदलने की प्रक्रिया शुरू की। अब यह मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अनाया अपनी नई पहचान के साथ एक बार फिर उसी पिच पर लौटने की तैयारी कर रही हैं, जिसने उनके बचपन को संवारा था।

## ऑस्ट्रेलिया में करियर की शुरुआत और बीसीसीआई से उम्मीदें
अपने क्रिकेटिंग करियर को दोबारा पटरी पर लाने के लिए अनाया अब ऑस्ट्रेलिया का रुख करने की योजना बना रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में ट्रांसजेंडर एथलीटों को लेकर नियम अपेक्षाकृत अधिक समावेशी हैं। अनाया कुछ समय पहले ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर भी गई थीं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वह आगामी सीजन में विमेंस बिग बैश लीग में एक ट्रांसजेंडर खिलाड़ी के तौर पर खेलते हुए नजर आ सकती हैं।

इसके साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से भी खेल के नियमों में बदलाव की गुजारिश की है। उन्होंने अपील की है कि भारतीय बोर्ड को भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड की तरह ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में भाग लेने की इजाजत देनी चाहिए। अनाया ने अपनी बात रखते हुए कहा था, "अगर बीसीसीआई वह काम करे जो ऑस्ट्रेलिया ने किया है तो यह एक बहुत अच्छी बात होगी।" उनकी यह कोशिश महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी पर नई बहस छेड़ रही है।

## इसका आप पर असर
अनाया बांगर का यह सफर खेल और समाज में समावेशिता को लेकर एक बड़ा विमर्श खड़ा करता है।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** यह मामला दिखाता है कि आधुनिक क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत पहचान और रूचियों पर खुलकर बात हो रही है। खेल प्रेमी अब मैदान से इतर खिलाड़ियों की निजी सोच और जीवनशैली से सीधे जुड़ रहे हैं।
- **ट्रांसजेंडर एथलीटों के लिए:** अनाया का यह कदम अन्य एथलीटों को अपनी वास्तविक पहचान अपनाने और खेल जारी रखने का हौसला देता है। यह इस बात का उदाहरण है कि व्यक्तिगत परिवर्तन के बाद भी खेल में भविष्य तलाशा जा सकता है।
- **भारतीय खेल नीतियों पर:** बीसीसीआई जैसी बड़ी खेल संस्थाओं पर ट्रांसजेंडर नीति स्पष्ट करने का नैतिक दबाव बढ़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी घरेलू महिला प्रतियोगिताओं में समावेशी नियमों की मांग तेज हो सकती है।
- **वैश्विक खेल अवसरों के लिए:** भारतीय खिलाड़ियों के लिए विदेशी लीग्स में नए दरवाजे खुल सकते हैं। यदि अनाया ऑस्ट्रेलियाई लीग में खेलती हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई नीतिगत मिसाल बनेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम अनाया बांगर के एक सोशल मीडिया इंटरव्यू और उनके प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने की व्यक्तिगत तैयारियों के कारण चर्चा में आया है।

- **इंटरव्यू की लोकप्रियता:** एक यूट्यूब टॉक शो के दौरान रैपिड फायर सवाल पूछे जाने पर अनाया ने भारतीय क्रिकेटरों पर बेझिझक जवाब दिए, जिसके बाद यह वीडियो क्लिप तुरंत वायरल हो गई।
- **जेंडर बदलाव का फैसला:** मुंबई के लिए पुरुष वर्ग में एज-ग्रुप क्रिकेट खेलने के बाद अनाया ने साल 2022 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने का निर्णय लिया था, जिसकी प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है।
- **ऑस्ट्रेलियाई खेल नीतियां:** भारत में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट नियमों की कमी के कारण अनाया ने ऑस्ट्रेलिया का रुख किया, जहां नियम तुलनात्मक रूप से अधिक अनुकूल हैं।
- **क्रिकेट में वापसी की इच्छा:** सर्जरी पूरी होने के बाद अनाया अपने खेल को जारी रखना चाहती हैं और उन्होंने महिला बिग बैश लीग में खेलने की संभावनाओं के तहत हाल ही में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था।

## सवाल-जवाब

### 1. अनाया बांगर कौन हैं?
अनाया बांगर भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी हैं और पूर्व में मुंबई के लिए पुरुष एज-ग्रुप क्रिकेट खेल चुकी हैं।

### 2. रैपिड फायर राउंड में अनाया ने क्या विकल्प चुने?
उन्होंने अभिषेक शर्मा से शादी, शुभमन गिल के साथ हुक अप और श्रेयस अय्यर को किल करने का विकल्प चुना।

### 3. अनाया ने जेंडर बदलने का फैसला कब किया था?
अनाया ने साल 2022 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने और अपना जेंडर बदलने का निर्णय लिया था।

### 4. अनाया किस देश में क्रिकेट करियर शुरू करने की योजना बना रही हैं?
वह ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट करियर शुरू करने की तैयारी कर रही हैं और वहां विमेंस बिग बैश लीग में खेलने की संभावनाएं तलाश रही हैं।

### 5. अनाया ने बीसीसीआई से क्या अपील की है?
उन्होंने बीसीसीआई से अपील की है कि वह ऑस्ट्रेलिया की तरह ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने पर विचार करे।

## प्रेरणा और सबक
अनाया बांगर का सफर अपनी पहचान को स्वीकार करने और खेल के प्रति निष्ठा बनाए रखने का एक सशक्त संदेश देता है।

- **स्वयं के प्रति ईमानदारी:** जीवन में अपनी वास्तविक पहचान को बिना किसी झिझक के स्वीकार करना सबसे बड़ा साहस है। अनाया ने तमाम सामाजिक संकोचों से ऊपर उठकर अपनी सही पहचान चुनी।
- **सपनों का पीछा करना:** परिस्थितियां या जीवन की दिशा बदलने पर भी अपने मुख्य लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए। जेंडर बदलाव के बाद भी उन्होंने क्रिकेट के अपने सपने को जीवित रखा है।
- **बदलाव के लिए आवाज उठाना:** यदि व्यवस्था में कोई कमी हो, तो अधिकारों के लिए सकारात्मक तरीके से बोलना चाहिए। उन्होंने बीसीसीआई से नीतियों को अधिक समावेशी बनाने की स्पष्ट अपील की।
- **नए अवसरों की तलाश:** जब अपने आसपास रास्ते सीमित लगें, तो नए मंचों और देशों के अवसरों की ओर कदम बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए।

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