संजू सैमसन को टीम से बाहर करने पर छिड़ा विवाद, दिग्गजों ने चयनकर्ताओं के फैसले पर उठाए गंभीर सवाल जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम में संजू सैमसन का नाम न होने से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है। अजिंक्य रहाणे और रविचंद्रन अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने इस चयन प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टी20 टीम से संजू सैमसन को बाहर करने का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। इस विकेटकीपर बल्लेबाज को, जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, टीम में जगह नहीं दी गई। इस फैसले से न केवल उनके प्रशंसक निराश हैं, बल्कि खेल के कई दिग्गज भी हैरान हैं और चयनकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। अजिंक्य रहाणे की नाराजगी और उम्मीदें अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस चयन पर अपनी गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया विश्व कप अभियान में अहम योगदान देने वाले खिलाड़ी को टीम से बाहर करना समझ से परे है। अजिंक्य रहाणे ने उम्मीद जताई कि चयन प्रक्रिया के दौरान संबंधित चयनकर्ताओं ने संजू सैमसन के साथ संवाद जरूर किया होगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर संजू सैमसन जल्द ही राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह दोबारा बनाने में सफल होंगे। रविचंद्रन अश्विन ने चेताया दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस फैसले के आलोचकों में शामिल हैं। अश्विन का मानना है कि यदि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बिना किसी स्पष्ट कारण के टीम से बाहर किया जाएगा, तो ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। उनके अनुसार, जब खिलाड़ियों को यह एहसास होता है कि अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है, तो वे मैदान पर जोखिम लेने से कतराने लगते हैं। अंततः, इसका नकारात्मक प्रभाव भारतीय टीम की सामूहिक खेल शैली पर पड़ेगा। जल्दबाजी और निरंतरता का सवाल अश्विन ने इस मुद्दे पर आगे विस्तार से बात करते हुए कहा कि उनका यह विरोध वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की प्रशंसा की, लेकिन चयनकर्ताओं की जल्दबाजी पर सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप और आईपीएल में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन दिखाया है। अश्विन ने इसे एक कठोर निर्णय करार देते हुए कहा कि संजू लंबे अंतराल के बाद जिस तरह की निरंतरता दिखा रहे थे, ऐसे में उन्हें बाहर करना टीम के हितों के लिए सही नहीं है। भविष्य की संभावनाएं संजू सैमसन को जिम्बाब्वे के खिलाफ 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 श्रृंखला के लिए नहीं चुना गया है। इस सीरीज में चयनकर्ताओं ने ईशान किशन के बैकअप के रूप में प्रभसिमरन सिंह को अवसर दिया है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट के रणनीतिकारों ने संजू को पूरी तरह से योजनाओं से अलग नहीं किया है। उन्हें सितंबर महीने में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का हिस्सा पहले ही बनाया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अभी भी बीसीसीआई की योजनाओं का अभिन्न अंग बने हुए हैं। इसका आप पर असर भारत में: यह निर्णय चयनकर्ताओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, जिससे भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम चयन के बीच के संतुलन पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. संजू सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में क्यों शामिल नहीं किया गया? इस बारे में कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया गया है, लेकिन चयनकर्ताओं ने ईशान किशन के बैकअप के रूप में प्रभसिमरन सिंह को मौका दिया है। 2. अजिंक्य रहाणे की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया है? अजिंक्य रहाणे ने इस फैसले को अजीब बताया है और उम्मीद जताई कि चयनकर्ताओं ने संजू सैमसन के साथ बातचीत की होगी। 3. रविचंद्रन अश्विन का तर्क क्या है? रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों को बाहर करने से टीम में असुरक्षा बढ़ती है और खिलाड़ी जोखिम लेने से डरते हैं। 4. क्या संजू सैमसन का भारतीय टीम से करियर खत्म हो गया है? नहीं, संजू सैमसन को अभी भी सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। https://trendkia.com/cricket/sanju-samson-ko-tima-se-bahara-karane-para-chhira-vivada-diggajon-ne-chayanakartaon-ke-phaisale-para-uthae-gnbhira-savala-5503 TrendKia — Har trend, sabse pehle.