श्रीलंका दौरे पर इतिहास रचने के बेहद करीब रवींद्र जडेजा, कपिल देव के खास रिकॉर्ड पर टिकी निगाहें श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा के पास इतिहास रचने का शानदार मौका है। सिर्फ दो विकेट लेते ही वह कपिल देव के खास क्लब में शामिल होने वाले देश के पहले स्पिन ऑलराउंडर बन जाएंगे। भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे अहम और भरोसेमंद ऑलराउंडरों में शुमार रवींद्र जडेजा श्रीलंका के आगामी दौरे पर केवल टीम को जीत दिलाने के इरादे से मैदान पर नहीं उतरेंगे, बल्कि उनके सामने एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत मील का पत्थर छूने का भी मौका होगा। श्रीलंका की धरती पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान यदि यह अनुभवी खिलाड़ी मात्र दो विकेट और चटका लेता है, तो वह भारतीय क्रिकेट के महान पूर्व कप्तान कपिल देव के एक विशिष्ट क्लब की सदस्यता हासिल कर लेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस मुकाम पर पहुंचकर वह भारत के पहले ऐसे स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर बन जाएंगे जिन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की हो। कपिल देव की बराबरी करने का ऐतिहासिक मौका वर्तमान में 36 वर्ष के रवींद्र जडेजा ने अपने शानदार टेस्ट करियर के दौरान कुल 89 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम गेंदबाजी करते हुए 348 विकेट दर्ज हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर 4095 रन भी बटोरे हैं। जैसे ही वह अपने टेस्ट करियर का 350वां शिकार पूरा करेंगे, वह टेस्ट प्रारूप में 4000 से ज्यादा रन बनाने और साथ ही 350 विकेट लेने वाले भारत के पहले स्पिन ऑलराउंडर बन जाएंगे। अब तक यह गौरवशाली उपलब्धि देश की तरफ से सिर्फ महान ऑलराउंडर कपिल देव के नाम ही दर्ज रही है। कपिल देव ने अपने लंबे टेस्ट करियर में कुल 5248 रन बनाए थे और गेंदबाजी में 434 विकेट चटकाए थे। हालांकि, कपिल देव एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर थे, जबकि रवींद्र जडेजा इस विशिष्ट मुकाम को हासिल करने वाले पहले भारतीय स्पिनर होंगे। यही वजह है कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाले इस आगामी दौरे पर उनकी हर एक गेंद और हर सफलता पर देश-विदेश के क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर टिकी रहेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में केवल तीन ही ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने 4000 रन और 350 विकेट का यह दुर्लभ डबल पूरा किया है, जिनमें कपिल देव के अलावा इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी का नाम शामिल है। संघर्ष से लेकर शिखर तक का प्रेरणादायक सफर रवींद्र जडेजा का यह पूरा टेस्ट सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं रहा है। उन्होंने साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट फॉर्मेट में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था और वह कई बार टीम से बाहर भी किए गए। लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और साल 2015-16 के घरेलू सीजन में जबरदस्त वापसी करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। समय के साथ उन्होंने अपनी बल्लेबाजी तकनीक में भी गजब का सुधार किया, जिसके कारण वह आज भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ बने हुए हैं। शानदार आंकड़े और सीमित फॉर्मेट से संन्यास लंबी अवधि से वह भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 शतक और 28 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए उन्होंने 15 बार पारी में पांच विकेट और 3 बार पूरे मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया है। घरेलू क्रिकेट में भी उनका बल्ला खूब बोला है और उन्होंने रणजी ट्रॉफी में तीन तिहरे शतक जड़कर अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी क्षमता का लोहा मनवाया है। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहने के बाद उन्होंने इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला कर लिया था। वर्तमान में वह केवल टेस्ट और वनडे क्रिकेट में ही सक्रिय रूप से खेल रहे हैं और हर किसी की निगाह इस बात पर है कि वह श्रीलंका की इस चुनौतीपूर्ण सीरीज में अपनी इस ऐतिहासिक मंजिल को कैसे पूरा करते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: क्रिकेट प्रेमियों और खेल प्रशंसकों के लिए यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी क्योंकि वे देश के एक दिग्गज खिलाड़ी को ऐतिहासिक मुकाम हासिल करते देख सकेंगे। • श्रीलंका में: इस सीरीज के दौरान भारतीय ऑलराउंडर के प्रदर्शन पर मेजबान टीम की रणनीति और मैच के नतीजों पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. रवींद्र जडेजा श्रीलंका दौरे पर कौन सा बड़ा रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं? रवींद्र जडेजा टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट और 4000 से ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले स्पिन ऑलराउंडर बनने के बेहद करीब हैं। 2. कपिल देव के इस खास क्लब में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल हैं? टेस्ट इतिहास में 4000 रन और 350 विकेट का डबल हासिल करने वाले खिलाड़ियों में कपिल देव के अलावा इयान बॉथम और डेनियल विटोरी शामिल हैं। 3. रवींद्र जडेजा ने अपना टेस्ट डेब्यू कब किया था? रवींद्र जडेजा ने साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। 4. जडेजा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कब की थी? टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहने के बाद जडेजा ने T20I क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। प्रेरणा और सबक • कड़ा संघर्ष और वापसी: शुरुआती असफलताओं के बाद भी अपनी मेहनत के दम पर करियर को दोबारा पटरी पर लाया जा सकता है। • निरंतर सुधार: केवल गेंदबाजी या बल्लेबाजी तक सीमित न रहकर अपने खेल के हर पहलू में लगातार सुधार करना सफलता की कुंजी है। • धैर्य और दृढ़ संकल्प: टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए लंबे समय तक अनुशासन और संयम बनाए रखना जरूरी होता है। https://trendkia.com/cricket/srilanka-daure-par-itihas-rachne-ke-beh-karib-ravindra-jadeja-kapil-dev-ke-khas-record-par-tiki-nigahein-13451 TrendKia — Har trend, sabse pehle.