स्टीफन फ्लेमिंग के साथ फिर जुड़ेगा पुराना साथी, एरिक सिमंस संभालेंगे इंग्लैंड टेस्ट टीम में तेज गेंदबाजी की कमान चेन्नई सुपर किंग्स में लंबे समय तक कोचिंग देने वाले एरिक सिमंस अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम के बॉलिंग कोच बनने जा रहे हैं। दिसंबर में होने वाले साउथ अफ्रीका दौरे से पहले टीम के कोचिंग ढांचे में बड़े फेरबदल किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोचिंग व्यवस्था को नए सिरे से संवारते हुए इंग्लैंड ने अपनी टेस्ट सेटअप में एक बेहद अनुभवी चेहरे को शामिल करने का मन बना लिया है। साउथ अफ्रीका के पूर्व मुख्य कोच एरिक सिमंस को राष्ट्रीय टेस्ट टीम का नया गेंदबाजी कोच नियुक्त किया जाना लगभग तय हो चुका है। यह रणनीतिक कदम स्टीफन फ्लेमिंग के टेस्ट हेड कोच पद संभालने के साथ उठाया जा रहा है। फ्लेमिंग और सिमंस का तालमेल विश्व क्रिकेट में दशकों पुराना और बेहद परखा हुआ माना जाता है। इस औपचारिक फैसले का ऐलान सोमवार को नई केंद्रीय अनुबंध सूची के सार्वजनिक होने के दौरान किए जाने की पूरी तैयारी है। साउथ अफ्रीका दौरे से पहले सपोर्ट स्टाफ की नई जमावट न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान फ्लेमिंग आगामी दिसंबर महीने में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज के जरिए आधिकारिक तौर पर अपना कार्यकाल शुरू करेंगे। इस महत्वपूर्ण असाइनमेंट से ठीक पहले वह अपने सहयोगी स्टाफ की पूरी संरचना को अंतिम आकार दे रहे हैं। इंग्लैंड क्रिकेट प्रशासन ने एक बार फिर प्रारूपों के आधार पर अलग-अलग हेड कोच रखने की रणनीति पर मुहर लगाई है। जहां लाल गेंद की टीम की कमान फ्लेमिंग के कंधों पर रहेगी, वहीं सफेद गेंद यानी ODI और T20I में ब्रेंडन मैक्कुलम बतौर हेड कोच अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे। मैक्कुलम के पिछले कार्यकाल में गेंदबाजी सलाहकार के रूप में जेम्स एंडरसन, डेविड साकर और टिम साउदी जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की मदद ली गई थी। सीमित ओवरों के सेटअप में केविन पीटरसन और अन्य विशेषज्ञों की आमद सफेद गेंद क्रिकेट में 50 ओवरों के विश्व कप अभियान को ध्यान में रखते हुए पूर्व धाकड़ बल्लेबाज केविन पीटरसन को बैटिंग कंसल्टेंट के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि वह आगामी पाकिस्तान दौरे पर दल के साथ सफर नहीं करेंगे। पीटरसन सीधे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की शृंखला में खिलाड़ियों से जुड़ेंगे और उसके बाद जनवरी में अपने जन्मस्थान साउथ अफ्रीका में निर्धारित तीन एकदिवसीय मैचों के दौरान भी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रहेंगे। दूसरी तरफ डेविड साकर मौजूदा महीने में पाकिस्तान में आयोजित होने वाली वनडे ट्राई सीरीज के दौरान कोचिंग दल की अगुआई में मदद करेंगे, जहां मैक्कुलम के लंबे समय के सहयोगी जीतन पटेल, माइक यार्डी और कार्ल हॉपकिंसन भी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त टिम साउदी और फील्डिंग कोच सारा टेलर, जिन्होंने घरेलू समर में काम किया था, शीतकालीन दौरों के उत्तरार्ध में फिर से टीम का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैचों में अंतरिम जिम्मेदारी निभाने वाले मार्कस ट्रेस्कोथिक के भविष्य और भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक स्पष्टता नहीं आई है। वैश्विक फ्रेंचाइजी लीगों में फ्लेमिंग और सिमंस की परखी हुई जुगलबंदी 64 वर्षीय सिमंस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्होंने वर्ष 1994 और 1995 के दौरान साउथ अफ्रीका के लिए 23 एकदिवसीय मुकाबलों में शिरकत की थी। खेल को अलविदा कहने के बाद उन्होंने वर्ष 2002 से 2004 तक साउथ अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच पद की बागडोर संभाली थी। इसके अलावा वह भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। फ्लेमिंग के साथ उनकी पेशेवर साझेदारी इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के डगआउट से लेकर SA20 में जोबर्ग सुपर किंग्स और अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट में टेक्सास सुपर किंग्स तक लगातार फैली रही है। टेस्ट प्रारूप में सिमंस का विशाल अनुभव और फ्लेमिंग के साथ उनका सहज समन्वय इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण को तकनीकी मजबूती और सामरिक स्पष्टता देने के लिए तैयार किया गया है। इसका आप पर असर इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कोचिंग ढांचे में हुए इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय दौरों और आगामी टूर्नामेंटों की रणनीति में बड़ा असर दिखेगा। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: टेस्ट और सीमित ओवरों की टीमों में अलग-अलग कोचिंग दर्शन और रणनीतियां देखने को मिलेंगी। स्टीफन फ्लेमिंग और एरिक सिमंस के आने से गेंदबाजी आक्रमण में अधिक अनुशासित दृष्टिकोण नजर आएगा। • सीमित ओवरों की तैयारी: केविन पीटरसन की एंट्री से 50 ओवरों के विश्व कप की तैयारियों में आक्रामक बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित रहेगा। ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबलों में उनकी मौजूदगी बल्लेबाजों के प्रदर्शन को दिशा देगी। • खिलाड़ियों के चयन पर प्रभाव: सोमवार को घोषित होने वाले केंद्रीय अनुबंधों के जरिए खिलाड़ियों के लंबे प्रारूप और सीमित ओवरों के भविष्य का खाका तय होगा। नए सहयोगी स्टाफ की पसंद के आधार पर टीम संतुलन में फेरबदल हो सकते हैं। • फ्रेंचाइजी अनुभव का लाभ: दुनिया भर की लीगों में साथ काम कर चुकी जोड़ी का अनुभव टेस्ट स्तर पर दबाव प्रबंधन में काम आएगा। युवा और अनुभवी गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार ढालना आसान होगा। ऐसा क्यों हुआ इंग्लैंड ने तीनों प्रारूपों के भारी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को संतुलित करने और विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए अपने कोचिंग स्टाफ का पुनर्गठन किया है। • विभाजित कोचिंग रणनीति: व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण अलग-अलग प्रारूपों के लिए समर्पित मार्गदर्शकों की जरूरत महसूस हुई। इसी कारण स्टीफन फ्लेमिंग को टेस्ट और ब्रेंडन मैक्कुलम को सीमित ओवरों की कमान सौंपी गई। • परखा हुआ कामकाजी तालमेल: चेन्नई सुपर किंग्स, जोबर्ग सुपर किंग्स और टेक्सास सुपर किंग्स में फ्लेमिंग और सिमंस की लंबे समय से चली आ रही सफल साझेदारी इस चयन की मुख्य वजह बनी। टेस्ट सेटअप में हेड कोच अपने सबसे भरोसेमंद साथी को साथ रखना चाहते थे। • आगामी साउथ अफ्रीका दौरा: दिसंबर में होने वाली टेस्ट शृंखला से पहले सहयोगी स्टाफ को व्यवस्थित करना अनिवार्य था। सिमंस साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों और पिचों से भली-भांति परिचित हैं। • विश्व कप की रणनीतिक जरूरत: सफेद गेंद क्रिकेट में शीर्ष स्तर के आक्रामक खेल को निखारने के लिए केविन पीटरसन जैसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ी की विशेषज्ञता को बैटिंग कंसल्टेंट के रूप में शामिल किया गया। सवाल-जवाब 1. इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नया गेंदबाजी कोच कौन बनने जा रहा है? साउथ अफ्रीका के पूर्व हेड कोच एरिक सिमंस को इंग्लैंड टेस्ट टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया जाना तय है। 2. स्टीफन फ्लेमिंग किस दौरे से इंग्लैंड के टेस्ट हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे? फ्लेमिंग दिसंबर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। 3. केविन पीटरसन को इंग्लैंड टीम में क्या भूमिका दी गई है? पीटरसन को 50 ओवर के विश्व कप की तैयारी के लिए सीमित ओवरों की टीम का बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। 4. पीटरसन किन दौरों पर टीम के साथ जुड़ेंगे? वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज और जनवरी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन वनडे मैचों के दौरान टीम के साथ रहेंगे, लेकिन पाकिस्तान दौरे पर नहीं जाएंगे। 5. एरिक सिमंस और स्टीफन फ्लेमिंग किन फ्रेंचाइजी टीमों में साथ काम कर चुके हैं? दोनों चेन्नई सुपर किंग्स, जोबर्ग सुपर किंग्स और टेक्सास सुपर किंग्स में साथ काम कर चुके हैं। 6. इंग्लैंड के सीमित ओवरों के हेड कोच कौन बने रहेंगे? ब्रेंडन मैक्कुलम वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीमों के हेड कोच बने रहेंगे। https://trendkia.com/cricket/stephen-fleming-ke-satha-phira-jurega-purana-sathi-eric-simons-snbhalenge-england-testa-tima-men-teja-gendabaji-ki-kamana-46634 TrendKia — Har trend, sabse pehle.