सुनील गावस्कर का वो कीर्तिमान, जिसे आज तक कोई भारतीय नहीं तोड़ सका भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे हासिल करने के करीब पहुँचने के बावजूद आज तक कोई अन्य भारतीय खिलाड़ी इसे पीछे नहीं छोड़ पाया है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी आए जिन्होंने अपनी कला से दुनिया को मंत्रमुग्ध किया, लेकिन सुनील गावस्कर का नाम इन सबमें सबसे अलग चमकता है। 10 जुलाई 1949 को मुंबई में जन्मे सुनील गावस्कर आज अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ओपनिंग बल्लेबाजों में से एक माने जाने वाले गावस्कर ने खेल की दुनिया में जो ऊंचाइयां छुईं, वे आज भी कई दिग्गजों के लिए एक मिसाल हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन्हें भेद पाना आज के दौर में भी लगभग असंभव सा दिखता है, लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा है जो पिछले 39 सालों से केवल उनके ही नाम के साथ जुड़ा हुआ है। लगातार 106 टेस्ट मैचों का अटूट सफर सुनील गावस्कर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत के लिए कुल 125 टेस्ट मैच खेले। उनके करियर के एक लंबे दौर में 1971 से लेकर 1987 तक उन्होंने बिना किसी ब्रेक के लगातार 106 टेस्ट मैच खेलने का अद्भुत कारनामा किया था। भारतीय क्रिकेट में यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसे आज तक कोई दूसरा खिलाड़ी दोहरा नहीं पाया है। इस दौड़ में राहुल द्रविड़ उनके सबसे करीब पहुंचे थे, जिन्होंने अपने करियर में लगातार 93 टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन वह भी गावस्कर के इस 'सैकड़ों वाले' रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सके। यह कीर्तिमान बताता है कि उस दौर में गावस्कर न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से कितने सक्षम थे, बल्कि उनकी निरंतरता का स्तर कितना ऊंचा था। स्कूल के दिनों से ही बुलंद थे हौसले गावस्कर का क्रिकेट के प्रति प्रेम और समर्पण उनके स्कूली जीवन से ही देखने को मिलता था। 1966 में जब वह अपने स्कूली करियर के अंतिम चरण में थे, तब उन्होंने 246, 222 और 85 जैसी पारियां खेलकर पूरे देश को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें 1966 में 'बेस्ट स्कूल बॉय क्रिकेटर ऑफ द ईयर' के पुरस्कार से नवाजा गया। इसके बाद 1966-67 सत्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और चार वर्षों तक लगातार दमदार प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि 1971 में उन्हें भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में अपना जलवा दिखाने का अवसर मिला। दुनिया के खूंखार गेंदबाजों के लिए काल जिस दौर में सुनील गावस्कर बल्लेबाजी कर रहे थे, उस समय वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया की टीमें अपनी घातक गेंदबाजी के लिए जानी जाती थीं। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों की बाउंसरों का सामना करते हुए वह बिना हेलमेट के भी अडिग रहते थे। उनकी धैर्यपूर्ण तकनीक और लाजवाब स्ट्रोक प्ले ने बड़े से बड़े गेंदबाजों की धार को कमजोर कर दिया था। वे भारतीय बल्लेबाजी के पहले ऐसे पोस्टर बॉय थे जिन्होंने विदेशी धरती पर भी भारतीय टीम को मजबूती दी। सांख्यिकी और विरासत गावस्कर के शानदार करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो टेस्ट क्रिकेट की 214 पारियों में उन्होंने 51.12 की औसत से 10,122 रन बनाए, जिसमें 34 शतक और 45 अर्धशतक शामिल हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन का आंकड़ा छूने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज भी थे। वहीं वनडे की 102 पारियों में उन्होंने 3,092 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक भी शामिल था। 1983 की विश्व कप विजेता टीम के गौरवशाली सदस्य रहे गावस्कर जब रिटायर हुए, तब उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन और सबसे अधिक शतक बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड था। उनकी इस विरासत से प्रेरित होकर ही सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों ने क्रिकेट को अपना धर्म माना। सम्मान और वर्तमान सक्रियता खेल के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1975 में अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया था, जबकि 1980 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया। संन्यास के बाद भी गावस्कर भारतीय क्रिकेट के साथ लगातार जुड़े हुए हैं। वे एक प्रतिष्ठित कॉलमिस्ट और कमेंटेटर के रूप में दुनिया भर में अपनी आवाज के जरिए खेल प्रेमियों को मार्गदर्शन देते हैं। आज भी आईपीएल और अन्य आईसीसी आयोजनों के दौरान उन्हें कमेंट्री बॉक्स में पूरी सक्रियता के साथ देखा जा सकता है, जो उनके खेल के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता है। इसका आप पर असर भारत में: सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का रिकॉर्ड भारतीय खिलाड़ियों के लिए निरंतरता बनाए रखने की प्रेरणा बना रहता है। सवाल-जवाब 1. सुनील गावस्कर ने लगातार कितने टेस्ट मैच खेले हैं? सुनील गावस्कर ने अपने करियर के दौरान लगातार 106 टेस्ट मैच खेले हैं। 2. गावस्कर के बाद लगातार टेस्ट मैच खेलने की सूची में दूसरे नंबर पर कौन है? राहुल द्रविड़ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने लगातार 93 टेस्ट मैच खेले हैं। 3. सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में कुल कितने रन बनाए हैं? गावस्कर ने 125 टेस्ट मैचों में 51.12 की औसत से कुल 10,122 रन बनाए हैं। 4. गावस्कर को अर्जुन पुरस्कार कब मिला था? सुनील गावस्कर को भारत सरकार द्वारा 1975 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रेरणा और सबक सफलता के सबक: • निरंतरता: लगातार अभ्यास और खुद को फिट रखकर ही बड़े कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। • साहस: विपरीत परिस्थितियों और मुश्किल चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी तकनीक पर विश्वास बनाए रखें। • समर्पण: खेल के प्रति लगाव बचपन से ही विकसित होता है, जिसे जीवन भर बनाए रखने की आवश्यकता है। https://trendkia.com/cricket/sunila-gavaskara-ka-vo-kirtimana-jise-aja-taka-koi-bharatiya-nahin-tora-saka-6445 TrendKia — Har trend, sabse pehle.