# तकनीकी सुधार के लिए विदेश में कोचिंग लें बाबर आजम, मोहम्मद यूसुफ ने दी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जाने की सलाह

> पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने लंबे समय से फॉर्म तलाश रहे बाबर आजम को अपनी बल्लेबाजी सुधारने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का सुझाव दिया है.

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/takaniki-sudhara-ke-lie-videsha-men-kochinga-len-babar-azam-mohammad-yousuf-ne-di-australia-aura-south-africa-jane-ki-salaha-54526 · **Language:** Hindi
**Tags:** बाबर आजम, मोहम्मद यूसुफ, पाकिस्तान क्रिकेट, क्रिकेट समाचार, टेस्ट क्रिकेट, श्रीलंका बनाम पाकिस्तान

श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई त्रिकोणीय सीरीज के खिताबी मुकाबले में भले ही पाकिस्तान की टीम ने एक बड़ा लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की, लेकिन शीर्ष बल्लेबाज बाबर आजम का बल्ला खामोश ही रहा. पूरे टूर्नामेंट के दौरान वह कोई भी उल्लेखनीय पारी खेलने में असफल रहे. उनके इस लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने उन्हें कड़ा परामर्श दिया है. यूसुफ का कहना है कि सिर्फ घरेलू स्तर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने भर से बाबर की बुनियादी तकनीकी समस्याएं ठीक नहीं होने वाली हैं.

## विदेशी अकादमियों और विशेषज्ञों से मदद लेने की सिफारिश
मोहम्मद यूसुफ के मुताबिक, बाबर आजम को अपनी बल्लेबाजी की तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों से संपर्क करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय बल्लेबाज को अपना पूरा ध्यान केवल खेल की बुनियादी बारीकियों को ठीक करने पर लगाना चाहिए. सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी बात साझा करते हुए उन्होंने बताया कि यदि बाबर विदेशी कोचों की निगरानी में समय बिताते हैं, तो इससे उनके खेल में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है.

## घरेलू क्रिकेट में संघर्ष से आत्मविश्वास घटने की चिंता
बाबर आजम ने खोई लय हासिल करने के इरादे से 3 नवंबर से शुरू होने वाले घरेलू फर्स्ट क्लास मैचों में हिस्सा लेने का फैसला किया है. हालांकि, यूसुफ इस योजना से सहमत नहीं दिखते. उनका विश्लेषण है कि जब तक बुनियादी तकनीकी खामियां दूर नहीं होतीं, तब तक फर्स्ट क्लास मुकाबलों में उतरने से कोई ठोस फायदा नहीं होगा. यूसुफ के अनुसार, घरेलू स्तर पर लगातार संघर्ष करने से खिलाड़ी के आत्मविश्वास और समग्र करियर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. उनका विचार है कि बाबर को किसी विशेषज्ञ क्रिकेट अकादमी में भेजा जाना चाहिए, चाहे वह ऑस्ट्रेलिया में हो या इंग्लैंड में.

## तीन वर्षों में केवल एक वनडे शतक का आंकड़ा
अगर हालिया अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों पर नजर डालें तो बाबर आजम का संघर्ष साफ नजर आता है. उन्होंने बीते तीन साल की अवधि में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सिर्फ एक शतक बनाया है. इसके बावजूद वह आगामी 9 नवंबर से श्रीलंका के विरुद्ध प्रस्तावित दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तानी टेस्ट टीम की अगुवाई करने जा रहे हैं. यूसुफ ने याद दिलाया कि उन्होंने करीब चार साल पहले भी इसी तरह की चेतावनी दी थी, जिस पर तब किसी ने ध्यान नहीं दिया था. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार उनकी सलाह को गंभीरता से लिया जाएगा, क्योंकि सही मार्गदर्शन मिलने पर बाबर फिर से अपनी शीर्ष लय में लौट सकते हैं.

## इसका आप पर असर
पाकिस्तान क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाज की फॉर्म में गिरावट आगामी टेस्ट सीरीज और टीम संयोजन पर सीधा असर डाल सकती है.

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** बाबर आजम के फॉर्म की कमी से पाकिस्तान के आगामी मुकाबलों में शीर्ष क्रम पर दबाव बना रहेगा. प्रशंसक 9 नवंबर से शुरू होने वाली टेस्ट श्रृंखला में उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी रणनीति पर कड़ी नजर रखेंगे.
- **घरेलू सर्किट पर प्रभाव:** बाबर आजम ने 3 नवंबर से शुरू होने वाले फर्स्ट क्लास मैचों में उतरने की घोषणा की है. इससे घरेलू टूर्नामेंट में आकर्षण बढ़ेगा लेकिन उनकी फॉर्म की हर पारी का सूक्ष्म विश्लेषण होगा.
- **टीम पाकिस्तान की रणनीति:** आगामी श्रीलंका टेस्ट सीरीज में कप्तानी संभालने से पहले बाबर का आत्मविश्वास टीम के समग्र प्रदर्शन को प्रभावित करेगा. यदि वह तकनीकी सुधार नहीं करते हैं तो विदेशी दौरों पर कठिनाइयां बढ़ सकती हैं.
- **खिलाड़ी के करियर पर असर:** पूर्व कप्तान की चेतावनी के अनुसार लगातार खराब प्रदर्शन करियर और आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है. बल्लेबाज को अपनी साख बचाने के लिए जल्द से जल्द लय हासिल करने की चुनौती होगी.

## ऐसा क्यों हुआ
यह बहस बाबर आजम के लंबे समय से चले आ रहे खराब फॉर्म और हालिया त्रिकोणीय सीरीज फाइनल में उनकी नाकामी के बाद उठी है.

- **हालिया प्रदर्शन में विफलता:** श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज फाइनल में बड़ा लक्ष्य पीछा करने के बावजूद बाबर कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके. पूरे टूर्नामेंट में वह अपनी लय पाने के लिए जूझते दिखाई दिए.
- **तकनीकी खामियां और तीन साल का सूखा:** बाबर ने पिछले तीन वर्षों में वनडे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में केवल एक शतक बनाया है. पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ का आकलन है कि यह गिरावट सिर्फ मानसिक नहीं बल्कि बुनियादी बल्लेबाजी तकनीक से जुड़ी है.
- **प्रथम श्रेणी मैच खेलने का निर्णय:** बाबर ने 3 नवंबर से घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने की घोषणा की है. इसी कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए यूसुफ ने आगाह किया कि बिना तकनीकी सुधार के खेलने से आत्मविश्वास और गिर सकता है.

## सवाल-जवाब

### 1. मोहम्मद यूसुफ ने बाबर आजम को क्या सलाह दी है?
यूसुफ ने बाबर को घरेलू क्रिकेट खेलने के बजाय ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जाकर तकनीकी विशेषज्ञों से कोचिंग लेने की सलाह दी है.

### 2. बाबर आजम ने फॉर्म वापस पाने के लिए क्या कदम उठाने का फैसला किया है?
बाबर आजम ने 3 नवंबर से शुरू होने वाले घरेलू फर्स्ट क्लास मैचों में खेलकर अपनी लय तलाशने की घोषणा की है.

### 3. पिछले तीन वर्षों में बाबर आजम का वनडे प्रदर्शन कैसा रहा है?
बाबर आजम ने पिछले तीन साल की अवधि में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल एक शतक दर्ज किया है.

### 4. बाबर आजम किस आगामी सीरीज में कप्तानी करेंगे?
वह 9 नवंबर से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान की कप्तानी करेंगे.

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