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  "title": "टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में सबसे बड़े स्कोर का विश्व रिकॉर्ड 87 साल से है अटूट",
  "summary": "टेस्ट क्रिकेट के पांचवें दिन बिखरती पिच और स्पिन गेंदों के दबाव के बीच चौथी पारी में बड़ा स्कोर बनाना सबसे मुश्किल काम माना जाता है। आइए जानते हैं टेस्ट इतिहास के उन 5 सबसे बड़े स्कोर के बारे में, जो टीमों ने चौथी पारी में बनाए।",
  "content": "टेस्ट क्रिकेट में मैच के आखिरी दिन चौथी पारी के दौरान बल्लेबाजी करना किसी भी टीम के लिए परीक्षा से कम नहीं होता। पांचवें दिन बिखरती हुई दरारें, असमान उछाल और खतरनाक तरीके से टर्न लेती गेंदे बल्लेबाजों का कड़ा इम्तिहान लेती हैं। अक्सर विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत से मजबूत बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर जाते हैं। हालांकि, क्रिकेट के लंबे इतिहास में कुछ ऐसी असाधारण पारियां भी खेली गई हैं, जहां बल्लेबाजों ने न केवल नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्यों का निडर होकर मुकाबला किया, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के पन्नों पर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।\n\nडरबन का 'टाइमलेस टेस्ट' और इंग्लैंड का अटूट कीर्तिमान\nविश्व क्रिकेट के इतिहास में चौथी पारी में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम दर्ज है। यह कारनामा वर्ष 1939 में डरबन के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले गए उस ऐतिहासिक मुकाबले में हुआ था, जिसे 'टाइमलेस टेस्ट' यानी बिना किसी समय सीमा का मुकाबला कहा गया था। इस मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को जीत के लिए 696 रनों का विशालकाय लक्ष्य दिया था। इतने बड़े पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की टीम ने हार मानने के बजाय अद्भुत धैर्य का परिचय दिया।\n\nइंग्लैंड की टीम ने 218.2 ओवरों तक बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 654 रन ठोक दिए। उस दौर में एक ओवर में आठ गेंदे फेंकी जाती थीं। इंग्लैंड का रन रेट यद्यपि 2.24 का रहा, लेकिन उनका जज्बा तारीफ़ के काबिल था। यह ऐतिहासिक मुकाबला अंततः बिना किसी नतीजे के ड्रॉ पर समाप्त हुआ, क्योंकि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को अपने वतन वापस लौटने के लिए पानी का जहाज पकड़ना था। यदि जहाज छूटने की मजबूरी न होती, तो शायद यह स्कोर और भी अधिक विशाल हो सकता था। आज 87 साल बीत जाने के बाद भी यह रिकॉर्ड कोई तोड़ नहीं सका है।\n\nवेस्टइंडीज का जुझारूपन: क्राइस्टचर्च में क्रैम्पटन पार्क की लड़ाई\nचौथी पारी में पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने की सूची में वेस्टइंडीज की टीम का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। क्राइस्टचर्च के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए एक मुकाबले में कैरेबियाई टीम के सामने 531 रनों का विशाल लक्ष्य रखा गया था। पांचवीं पारी की बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक रवैये का बेहतरीन संतुलन पेश किया।\n\nवेस्टइंडीज ने पूरे 163.3 ओवरों तक बल्लेबाजी करते हुए 2.79 की रन गति से 6 विकेट पर 457 रन बनाए। कैरेबियाई बल्लेबाजों के इस साहसिक खेल की बदौलत टीम निश्चित हार को टालने में सफल रही और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। यह पारी जुझारू क्रिकेट के बेहतरीन उदाहरणों में गिनी जाती है।\n\nनाथन एस्टल का दोहरा शतक और न्यूजीलैंड का साहसिक प्रयास\nक्राइस्टचर्च के ही मैदान पर वर्ष 2002 में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच एक और अविश्वसनीय मुकाबला देखने को मिला था। इस मैच में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सामने जीत दर्ज करने के लिए 550 रनों का कठिन लक्ष्य रखा था। ज्यादातर टीमें इतने बड़े लक्ष्य के सामने केवल मैच बचाने का प्रयास करती हैं, लेकिन न्यूजीलैंड ने आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया।\n\nन्यूजीलैंड के धाकड़ बल्लेबाज नाथन एस्टल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए ऐतिहासिक दोहरा शतक जमाया। कीवी टीम ने 4.82 के अभूतपूर्व रन रेट से रन बनाते हुए 93.3 ओवरों में 451 रन बनाए। हालांकि पूरी टीम 451 रनों पर ऑलआउट हो गई और न्यूजीलैंड यह मुकाबला हार गया, लेकिन चौथी पारी में बिना ड्रॉ की परवाह किए इतने आक्रामक अंदाज में 451 रन बनाना टेस्ट इतिहास के सबसे साहसिक प्रयासों में गिना जाता है।\n\nवांडरर्स पर दक्षिण अफ्रीका का भारत के खिलाफ थ्रिलर ड्रा\nवर्ष 2013 में जोहान्सबर्ग के वांडरर्स मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच खेला गया मुकाबला भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को चौथी पारी में जीत के लिए 458 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया था। वांडरर्स की तेज और उछालभरी पिच पर इस लक्ष्य को हासिल करना बेहद कठिन माना जा रहा था।\n\nदक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का डटकर मुकाबला किया और 136 ओवरों में 3.30 की रन गति से 7 विकेट खोकर 450 रन बना लिए। मैच के आखिरी लम्हों में दोनों ही टीमों के पास जीत दर्ज करने का मौका था, लेकिन अंततः यह मैच टेस्ट क्रिकेट के सबसे रोमांचक ड्रॉ मुकाबलों में से एक बनकर समाप्त हुआ।\n\nगाबा में असद शफीक की शतकीय पारी और पाकिस्तान का संघर्ष\nवर्ष 2016 में ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान के सामने 490 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। गाबा में रोशनी के नीचे चौथी पारी में इतने बड़े लक्ष्य का सामना करना नामुमकिन जैसा लग रहा था।\n\nलेकिन असद शफीक के शानदार शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के बेहतरीन योगदान की मदद से पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को कड़ी टक्कर दी। पाकिस्तान की टीम ने 145 ओवरों तक संघर्ष किया और 3.10 के रन रेट से 450 रन बनाए। हालांकि पाकिस्तान की पूरी टीम ऑलआउट हो गई और वे लक्ष्य से महज 39 रन पीछे रह गए, लेकिन उनकी यह जुझारू पारी आज भी यादगार मानी जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nयह आंकड़े खेल प्रेमियों को टेस्ट क्रिकेट की अनूठी प्रकृति और दबाव प्रबंधन की महत्ता को समझने में मदद करते हैं।\n\n• क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: यह समझ मिलती है कि टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। इससे पांचवें दिन के खेल का रोमांच और विश्लेषण करने का नजरिया बदलता है।\n• खेल विश्लेषकों के लिए: इन ऐतिहासिक आंकड़ों से यह साबित होता है कि बिखरती पिचों पर भी रन बनाए जा सकते हैं। इससे टीमों की रणनीतियों का सही मूल्यांकन करने में मदद मिलती है।\n• युवा खिलाड़ियों के लिए: दबाव के क्षणों में संयम और मानसिक दृढ़ता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने का जज्बा क्या होता है।\n• टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता: यह रिकॉर्ड बताते हैं कि पांच दिवसीय प्रारूप में अंतिम क्षणों तक रोमांच बना रहता है। इससे रेड बॉल क्रिकेट के प्रति रुचि बनी रहती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में सबसे बड़ा स्कोर किस टीम के नाम है?\nटेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में सबसे बड़ा स्कोर इंग्लैंड के नाम है, जिसने 1939 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 विकेट पर 654 रन बनाए थे।\n\n2. क्या 1939 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का 'टाइमलेस टेस्ट' किसी नतीजे पर पहुंचा था?\nनहीं, यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था क्योंकि इंग्लैंड की टीम को स्वदेश लौटने के लिए पानी का जहाज पकड़ना था।\n\n3. 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च टेस्ट में किस कीवी बल्लेबाज ने तूफानी दोहरा शतक बनाया था?\nन्यूजीलैंड के बल्लेबाज नाथन एस्टल ने 550 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ दोहरा शतक लगाया था।\n\n4. 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन टेस्ट में किस पाकिस्तानी बल्लेबाज ने शानदार शतक बनाया था?\nपाकिस्तान के बल्लेबाज असद शफीक ने 490 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शतकीय पारी खेली थी।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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