# टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले सबसे तेज 5 दिग्गज बल्लेबाज

> टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 13,000 रन का आंकड़ा छूने वाले पांच महान बल्लेबाजों की सूची में सचिन तेंदुलकर का सोलह साल पुराना विश्व कीर्तिमान आज भी कायम है। इस एलीट क्लब में जैक्स कैलिस, रिकी पोंटिंग, राहुल द्रविड़ और जो रूट जैसे दिग्गज शामिल हैं।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/testa-kriketa-men-13000-rana-pure-karane-vale-sabase-teja-5-diggaja-sachin-tendulkar-jacques-kallis-ricky-ponting-rahul-dravid-aur-38668 · **Language:** Hindi
**Tags:** सचिन तेंदुलकर, जैक्स कैलिस, रिकी पोंटिंग, राहुल द्रविड़, जो रूट, टेस्ट क्रिकेट, क्रिकेट रिकॉर्ड

लाल गेंद के क्रिकेट में तेरह हजार रनों का पहाड़ जैसा मुकाम हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक असाधारण उपलब्धि होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब कोई खिलाड़ी इस आंकड़े तक पहुंचता है, तो उसकी तकनीकी महारत और मानसिक दृढ़ता की पूरी दुनिया कायल हो जाती है। टेस्ट इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो कुछ चुनिंदा बल्लेबाजों ने ही यह करिश्मा करके दिखाया है। इन दिग्गजों में भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर चमकता है, जिनका विश्व कीर्तिमान पिछले सोलह साल से पूरी तरह अटूट बना हुआ है। मैदान पर उनके उतरते ही देश भर में जो माहौल बनता था, उसकी बराबरी करना आज के दौर में भी नामुमकिन सा नजर आता है।

साल 2010 के जनवरी महीने की शुरुआत में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव के जहूर अहमद चौधरी स्टेडियम में एक ऐतिहासिक मुकाबला खेला जा रहा था। इस मैदान पर क्रिकेट की किताबों में नया अध्याय जोड़े जाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत पंद्रह नवंबर 1989 को करने वाले सचिन तेंदुलकर को इस खास मुकाम तक पहुंचने में पूरे बीस साल और तरेसठ दिन का लंबा सफर तय करना पड़ा था। यह उनके टेस्ट करियर का एक सौ तिरेसठवां मुकाबला और दो सौ छियासवी पारी थी। जैसे ही उनके बल्ले से रन निकला, उन्होंने सबसे कम पारियों में तेरह हजार रन पूरे करने का अद्भुत कारनामा अपने नाम कर लिया। उस पारी ने उन्हें केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि खेल के प्रति समर्पण और निरंतरता की सबसे बड़ी मिसाल के रूप में स्थापित कर दिया।

दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट की अभेद्य दीवार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ने भी इस सूची में अपना मजबूत स्थान बनाया है। सचिन तेंदुलकर के उस रिकॉर्ड को भेद पाना भले ही असंभव प्रतीत होता हो, लेकिन कैलिस ने अपने संयम और शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर इस मील के पत्थर के बेहद करीब पहुंचकर दिखाया। उन्होंने चौदह दिसंबर 1995 को अपना टेस्ट पदार्पण किया था और दो जनवरी 2013 को न्यू जीलैंड के खिलाफ केप टाउन की घरेलू पिचों पर यह मुकाम हासिल किया। अपने डेब्यू के सत्रह साल और उन्नीस दिन के बाद, एक सौ उन्सठवें मैच की दो सौ انہत्तरवीं पारी में उन्होंने तेरह हजार रनों के आंकड़े को पार कर लिया। पारियों के लिहाज से वह सचिन से केवल तीन कदम पीछे रहे, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह दक्षिण अफ्रीकी टीम के वह दृढ़ स्तंभ थे जिन्हें डिगा पाना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान नहीं था।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे सफल और आक्रामक कप्तानों में शुमार रिकी पोंटिंग का नाम भी इसी कड़ी में प्रमुखता से लिया जाता है। आठ दिसंबर 1995 को अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले पोंटिंग अपने बेखौफ अंदाज और शानदार पुल शॉट के लिए दुनिया भर में मशहूर थे। उन्होंने चौबीस जनवरी 2012 को भारत के खिलाफ एडिलेड ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर खेलते हुए तेरह हजार रनों के शिखर को छुआ था। यह उनके शानदार करियर का एक सौ बासठवां मुकाबला और दो सौ पचहत्तरवीं पारी थी। अपने करियर की शुरुआत से लेकर इस पड़ाव तक पहुंचने में उन्हें सोलह साल और सैंतालीस दिन का समय लगा। पोंटिंग की यह उपलब्धि उस ऑस्ट्रेलियाई दबदबे की प्रतीक थी जिसने एक दशक से भी ज्यादा समय तक वैश्विक क्रिकेट पर अपना एकछत्र राज कायम रखा था।

भारतीय बल्लेबाजी क्रम के मुख्य स्तंभ और द वॉल कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ का इस एलीट सूची में शामिल होना एक स्वाभाविक बात है। द्रविड़ ने बीस जून 1996 को ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान से अपने टेस्ट सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद बाईस नवंबर 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने अपने करियर का यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। अपने करियर के एक सौ साठवें मैच की दो सौ सतहत्तरवीं पारी में उन्होंने तेरह हजार टेस्ट रन पूरे किए। पदार्पण से लेकर इस पड़ाव तक पहुंचने में उन्हें पंद्रह साल और एक सौ पचपन दिन का वक्त लगा। मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर डटकर खड़े रहने की उनकी कला ने भारत को कई बार संकट से उबारा था और यह आंकड़ा उनकी उसी अटूट तपस्या का प्रत्यक्ष परिणाम था।

आधुनिक क्रिकेट की रन मशीन माने जाने वाले जो रूट ने हाल के दिनों में इस खास क्लब में एंट्री करके बड़ा उलटफेर किया है। तेरह दिसंबर 2012 को भारत के खिलाफ नागपुर में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले रूट ने वर्तमान दौर में टेस्ट क्रिकेट खेलने के तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। बाईस मई 2025 को जिम्बाब्वे के खिलाफ नॉटिंघम में खेलते हुए उन्होंने तेरह हजार रनों का जादुई आंकड़ा अपने नाम कर लिया। सबसे खास बात यह रही कि पारियों के मामले में रूट ने दो सौ उनास्सी पारियों और एक सौ तरेपन मैचों में यह कारनामा किया, लेकिन समय के मामले में उन्होंने बाकी सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। अपने डेब्यू के महज बारह साल और एक सौ साठ दिनों के भीतर उन्होंने इस मुकाम को छू लिया, जो इस पूरी सूची में सबसे तेज समय का रिकॉर्ड है।

## इसका आप पर असर
टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तेरह हजार रन बनाने वाले दिग्गजों की यह उपलब्धि खेल प्रेमियों और उभरते खिलाड़ियों को अपनी तकनीक और संयम मजबूत करने की प्रेरणा देती है।

- **भारत में:** खेल प्रेमियों के लिए सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के यह आंकड़े ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। इन रिकॉर्ड्स से युवा खिलाड़ियों को लंबे फॉर्मेट में मानसिक मजबूती और धैर्य का पाठ सीखने को मिलता है।
- **वैश्विक स्तर पर:** जो रूट और जैक्स कैलिस जैसे बल्लेबाजों की सफलता यह दिखाती है कि आधुनिक और पारंपरिक शैली दोनों में निरंतरता कैसे बनाई जाती है। इससे खेल प्रशंसकों को यह समझने में मदद मिलती है कि टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने के लिए अनुशासन कितना जरूरी है।

## ऐसा क्यों हुआ
टेस्ट क्रिकेट में तेरह हजार रनों का जादुई आंकड़ा छूना किसी भी खिलाड़ी की असाधारण तकनीकी दक्षता, मानसिक सहनशक्ति और लंबी अवधि तक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता पर निर्भर करता है।

- **मानसिक दृढ़ता और संयम:** सचिन तेंदुलकर, जैक्स कैलिस, रिकी पोंटिंग, राहुल द्रविड़ और जो रूट जैसे बल्लेबाजों ने अपनी शानदार एकाग्रता के दम पर विपरीत परिस्थितियों में भी लंबी पारियां खेलीं।
- **लंबे समय तक निरंतरता:** इन सभी खिलाड़ियों ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर से लेकर वर्षों तक लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन जारी रखा, जिससे वे इस मील के पत्थर तक पहुंचने में सफल रहे।

## सवाल-जवाब

### 1. टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 13000 रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड किसके नाम है?
यह विश्व रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 266 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था।

### 2. सचिन तेंदुलकर ने अपने 13000 टेस्ट रन किस टीम के खिलाफ पूरे किए थे?
सचिन तेंदुलकर ने जनवरी 2010 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी।

### 3. जैक्स कैलिस ने अपने 13000 रन कितने मैचों में पूरे किए थे?
दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ने अपने 159वें मैच की 269वीं पारी में यह आंकड़ा छुआ था।

### 4. रिकी पोंटिंग ने किस मैदान पर अपने 13,000 टेस्ट रन पूरे किए थे?
रिकी पोंटिंग ने 24 जनवरी 2012 को एडिलेड ओवल के मैदान पर भारत के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।

### 5. राहुल द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर के 13000 रन कब और कहां पूरे किए थे?
राहुल द्रविड़ ने 22 नवंबर 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ यह मुकाम हासिल किया था।

### 6. समय के लिहाज से सबसे तेज 13000 टेस्ट रन किसने बनाए हैं?
इंग्लैंड के जो रूट ने अपने डेब्यू के महज 12 साल और 160 दिनों के भीतर यह मुकाम हासिल करके समय के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है।

## प्रेरणा और सबक
महान बल्लेबाजों के इस सफर से युवा खिलाड़ियों को खेल के प्रति समर्पण और अटूट अनुशासन का बड़ा पाठ सीखने को मिलता है।

- **धैर्य और निरंतरता:** कठिन से कठिन दौर में भी मैदान पर टिके रहकर रन बनाने की कला ही किसी खिलाड़ी को महान बनाती है।
- **कड़ी मेहनत और अनुशासन:** अपने डेब्यू से लेकर वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है।

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