तीसरे अनऑफिशियल वनडे में इंडिया ए ने दर्ज की 49 रनों की जीत, ऑस्ट्रेलिया ए ने सीरीज 2-1 से जीती सूर्यांश शेड्गे के जुझारू अर्धशतक और गुरजापनीत सिंह की धारदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने अंतिम मुकाबले में जीत हासिल कर दौरे का सकारात्मक अंत किया। घरेलू मैदान पर खेलते हुए इंडिया ए ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनौपचारिक वनडे शृंखला के आखिरी मैच में जोरदार खेल दिखाया और विपक्षी दल को 49 रनों से मात दी। हालांकि शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर ऑस्ट्रेलियाई खेमा पहले ही शृंखला पर 2-1 से अपना वर्चस्व स्थापित कर चुका था, लेकिन इस अंतिम भिड़ंत में मेजबान टीम ने अपना मान बचाते हुए दौरे का समापन जीत के स्वाद के साथ किया। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारतीय बल्लेबाजों ने जुझारूपन दिखाते हुए बोर्ड पर लड़ने लायक स्कोर खड़ा किया था। शीर्ष क्रम की तेज शुरुआत और बीच के ओवरों में लगा झटका पारी का आगाज करने उतरे प्रियांश आर्य ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 45 गेंदों के भीतर 49 रन कूट दिए। उनकी इस तेजतर्रार पारी के दौरान 3 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के देखने को मिले। दूसरे छोर पर मौजूद प्रभसिमरन सिंह ने भी उनका बखूबी साथ दिया और 34 गेंदों पर 39 रनों की उपयोगी पारी खेली। दोनों सलामी बल्लेबाजों के दम पर टीम ने तेज रफ्तार पकड़ी, मगर इसके तुरंत बाद विरोधी गेंदबाजों ने जबरदस्त पलटवार किया। देवदत्त पडिक्कल केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि कप्तान रुतुराज गायकवाड़ 33 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। रजत पाटीदार भी सिर्फ 3 रन का योगदान दे सके, जिससे मध्यक्रम अचानक दबाव में आ गया। सूर्यांश और विपराज की साझेदारी ने संभाली लड़खड़ाती पारी एक वक्त जब भारतीय बल्लेबाजी संकट में घिरती दिख रही थी, तब मध्यक्रम में सूर्यांश शेड्गे ने मोर्चा संभाला। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन साधते हुए 60 गेंदों पर 66 रनों की अहम पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनका साथ देने आए विपराज निगम ने भी 44 गेंदों पर सूझबूझ भरी 40 रनों की पारी खेलकर स्कोर को आगे बढ़ाया। अंतिम ओवरों में अनुकूल रॉय 13 रन बनाकर नाबाद रहे। पूरी भारतीय टीम 47.3 ओवरों में 275 रन बनाकर सिमट गई। मेहमान टीम की तरफ से बेन ड्वारशुइस तथा विल सदरलैंड ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 3-3 बल्लेबाजों को चलता किया, जबकि लियाम स्कॉट के खाते में 2 सफलताएं दर्ज हुईं। लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत के लिए 276 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने लगातार बांधकर रखा। विकेटकीपर जोश फिलिप ने संघर्ष करते हुए 48 गेंदों में सर्वाधिक 56 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नाथन मैकस्वीनी ने 58 गेंदों पर 39 रन बनाए, लाछलन शॉ ने 38 गेंदों पर 31 रनों का योगदान दिया और निखिल चौधरी ने 34 गेंदों पर 29 रन जोड़े। अच्छी शुरुआत के बावजूद मध्यक्रम के लड़खड़ाते ही जरूरी रन गति का दबाव मेहमान टीम पर हावी हो गया। भारतीय गेंदबाजों का संयुक्त प्रहार दबाव के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी 46.2 ओवरों में केवल 226 रनों के कुल योग पर ढेर हो गई। गेंदबाजी विभाग में गुरजापनीत सिंह ने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए 9 ओवरों में 56 रन खर्च करके 3 बड़े विकेट झटके। उनका साथ निभाते हुए यश ठाकुर और निशांत सिंधु ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा विपराज निगम और अनुकूल रॉय को भी 1-1 सफलता मिली। इस सधी हुई गेंदबाजी के चलते भारत ने 49 रनों के अंतर से मुकाबला अपनी झोली में डाल लिया। इसका आप पर असर इस मुकाबले के नतीजे से भारतीय बेंच स्ट्रेंथ की क्षमता और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर चयनकर्ताओं के सामने नई तस्वीर साफ हुई है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: युवा भारतीय प्रतिभाओं ने दबाव भरे हालात में संयम और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की होड़ और अधिक रोमांचक हो गई है। • खिलाड़ियों के करियर पर प्रभाव: सूर्यांश शेड्गे और गुरजापनीत सिंह जैसे नवोदित सितारों ने अहम मौकों पर चमक बिखेरकर सबका ध्यान खींचा है। इस तरह के प्रदर्शन घरेलू सत्र और आगामी बड़े दौरों के चयन में इन युवाओं के पक्ष को काफी मजबूत करेंगे। • शृंखला के नतीजे का सबक: शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद मिली यह जीत टीम के जुझारू तेवर को रेखांकित करती है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा रहेगा और विदेशी परिस्थितियों में खेलने की समझ बढ़ेगी। • टीम प्रबंधन की रणनीति: मध्यक्रम में संकटमोचक साझेदारियों और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी के अनुशासन ने टीम को सही संतुलन दिया। आगे के मुकाबलों में प्रबंधन इन खिलाड़ियों पर अधिक भरोसा दिखा सकता है। ऐसा क्यों हुआ इंडिया ए की यह जीत पहली पारी के मध्यक्रम में बनी मजबूत साझेदारी और दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों के कसे हुए स्पेल के चलते संभव हुई। • संकट के समय अहम साझेदारी: शीर्ष क्रम के अचानक बिखरने के बाद सूर्यांश शेड्गे और विपराज निगम ने संयम के साथ बल्लेबाजी की। इस जोड़ी ने जरूरी रन जोड़े जिससे टीम 275 रनों के चुनौतीपूर्ण आंकड़े तक पहुंच सकी। • गेंदबाजी में नियमित अंतराल पर प्रहार: ऑस्ट्रेलिया ए की मजबूत शुरुआत के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गुरजापनीत सिंह की अगुवाई में गेंदबाजों ने नियमित विकेट चटकाकर मेहमान टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। • बढ़ती रन गति का दबाव: जोश फिलिप के अर्धशतक के बावजूद मध्यक्रम के सस्ते में निपटने से रन गति काफी धीमी हो गई। जरूरी रन रेट बढ़ता चला गया और पुछल्ले बल्लेबाज इस दबाव को झेल नहीं पाए। सवाल-जवाब 1. तीसरे अनऑफिशियल वनडे में इंडिया ए ने ऑस्ट्रेलिया ए को कितने रनों से हराया? इंडिया ए ने ऑस्ट्रेलिया ए को 49 रनों से हराकर मुकाबला अपने नाम किया। 2. तीन मैचों की अनऑफिशियल वनडे सीरीज का अंतिम परिणाम क्या रहा? ऑस्ट्रेलिया ए ने शुरुआती दो मैच जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाया। 3. भारतीय पारी में सर्वाधिक रन किस बल्लेबाज ने बनाए? सूर्यांश शेड्गे ने 60 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से सर्वाधिक 66 रन बनाए। 4. भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में सबसे सफल गेंदबाज कौन रहे? गुरजापनीत सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 9 ओवर में 56 रन देकर 3 विकेट चटकाए। 5. ऑस्ट्रेलिया ए की ओर से सर्वोच्च स्कोर किसने बनाया? विकेटकीपर बल्लेबाज जोश फिलिप ने 48 गेंदों में 56 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। 6. भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए कितने ओवरों में और कितने स्कोर पर ऑलआउट हुई? भारतीय टीम 47.3 ओवर में 275 रनों के कुल स्कोर पर ऑलआउट हुई। https://trendkia.com/cricket/tisare-ana-phishiyala-vanade-men-india-a-ne-darja-ki-49-ranon-ki-jita-australia-a-ne-sirija-2-1-se-jiti-46453 TrendKia — Har trend, sabse pehle.