# टीएनपीएल मुकाबले के दौरान डगआउट से पार्टनर को मैसेज भेजना पड़ा भारी, क्रिकेटर पर लगा 1 लाख का जुर्माना

> तमिलनाडु प्रीमियर लीग के एक मैच के दौरान अपनी महिला मित्र को टेक्स्ट मैसेज भेजने पर 26 वर्षीय बल्लेबाज पर बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/tnpl-mukabale-ke-daurana-dagaauta-se-partanara-ko-maiseja-bhejana-para-bhari-kriketara-para-laga-1-lakha-ka-jurmana-16817 · **Language:** Hindi
**Tags:** तमिलनाडु प्रीमियर लीग, बीसीसीआई, क्रिकेट जुर्माना, पीएमओए नियम, एंटी करप्शन यूनिट, रणजी ट्रॉफी

तमिलनाडु प्रीमियर लीग के एक मुकाबले के दौरान मैदान पर अनुशासन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी एक युवा खिलाड़ी के लिए बेहद भारी साबित हुई है। मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम और प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर अपनी महिला मित्र को मैसेज भेजने के मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने सख्त रुख अपनाया है। 26 साल के इस उभरते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाज पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 1 लाख रुपये का नकद जुर्माना ठोका गया है।

## प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल इस्तेमाल का पूरा मामला
घटना तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) के एक हालिया मैच के दौरान की है, जब मैदान पर मुकाबला चल रहा था। क्रिकेट के नियमों के अनुसार स्टेडियम के भीतर स्थित 'खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र' जिसे संक्षेप में PMOA कहा जाता है, वहां किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या संचार साधन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। हालांकि, यह 26 वर्षीय बल्लेबाज मुकाबला जारी रहने के दौरान अपने फोन का उपयोग करने से खुद को नहीं रोक पाया। खिलाड़ी को अपनी गर्लफ्रेंड को टेक्स्ट मैसेज भेजते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। चुके यह कदम खेल के एंटी-करप्शन नियमों का सीधा उल्लंघन था, इसलिए इस मामले की शिकायत तुरंत बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के पास भेजी गई।

## खिलाड़ी की पहचान और एसोसिएशन का बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने फिलहाल इस क्रिकेटर के नाम को सार्वजनिक नहीं किया है। एसोसिएशन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक खिलाड़ी की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि प्रभावित खिलाड़ी बाएं हाथ का एक होनहार बल्लेबाज है, जिसने पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में तमिलनाडु की ओर से खेलते हुए दो महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारियां खेली थीं।

एसोसिएशन के अधिकारी ने यह भी साफ किया कि खिलाड़ी पर सट्टेबाजी या फिक्सिंग जैसा कोई गंभीर आरोप नहीं लगा है। उनका कहना था कि खिलाड़ी ने मैच के दौरान केवल अपनी महिला मित्र को संदेश भेजा था। भले ही मंशा गलत न रही हो, लेकिन PMOA जैसी सुरक्षित जगह पर मोबाइल फोन का प्रयोग करना सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी लापरवाही माना जाता है। इसी कारण बोर्ड ने इसे सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन माना।

## दो साल के प्रतिबंध का खतरा और राहत
शुरुआती जांच के दौरान बोर्ड की अनुशासन समिति इस लापरवाही से काफी नाराज नजर आ रही थी। शुरुआती दौर में अधिकारियों के बीच इस 26 वर्षीय क्रिकेटर पर दो साल का कड़ा प्रतिबंध लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा था। यदि दो साल का बैन लागू कर दिया जाता, तो इस युवा खिलाड़ी के करियर पर विराम लग सकता था।

हालांकि, जब विस्तृत छानबीन की गई तो सुरक्षा अधिकारियों को इस बात के पुख्ता सबूत मिले कि खिलाड़ी की मंशा किसी तरह की फिक्सिंग, सट्टेबाजी या भ्रष्टाचार से नहीं जुड़ी थी। यह घटना पूरी तरह से व्यक्तिगत लापरवाही और अनुशासनहीनता का नतीजा थी। अपराध की प्रवृत्ति में किसी तरह का भ्रष्टाचार शामिल न पाए जाने के बाद अधिकारियों ने कड़ा रुख थोड़ा नरम किया। अंततः 2 साल का निलंबन रद्द करते हुए खिलाड़ी पर केवल 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।

## क्या है PMOA सुरक्षा प्रोटोकॉल?
क्रिकेट मुकाबलों को भ्रष्टाचार और सट्टेबाजी से मुक्त रखने के लिए BCCI और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC ने बेहद कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों का पालन हर खिलाड़ी और अधिकारी के लिए अनिवार्य है

- **इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जमा कराना:** मैच वाले दिन स्टेडियम के PMOA क्षेत्र जैसे डगआउट, ड्रेसिंग रूम और मैच अधिकारियों के कमरे में प्रवेश करते ही सभी खिलाड़ियों और टीम स्टाफ को अपने मोबाइल, स्मार्टवॉच, लैपटॉप तथा अन्य संचार उपकरण एंटी-करप्शन अफसरों के पास जमा कराने होते हैं।
- **बाहरी दुनिया से संपर्क पर रोक:** जब तक मैच पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक डगआउट या ड्रेसिंग रूम से किसी भी बाहरी व्यक्ति के साथ मैसेज, फोन कॉल या इंटरनेट के जरिए बातचीत करना सख्त मना है। व्यक्तिगत कारणों से भी बाहरी संपर्क साधना सुरक्षा व्यवस्था में सेंध माना जाता है।

## आईपीएल में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
मैच के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई का यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बीते सीजन में भी सुरक्षा उल्लंघन का ऐसा ही वाकया देखने को मिला था। उस समय राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के अभिभावक के रूप में तैनात रोमी भिंडर को मैच के दौरान टीम डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते पाया गया था। उस मामले में भी कार्रवाई करते हुए BCCI ने रोमी भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह घटना युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि खेल के नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।
- **तमिलनाडु में:** टीएनपीएल जैसे राज्य स्तरीय टूर्नामेंटों में भी बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की सख्त निगरानी और अनुशासन व्यवस्था उजागर होती है।

## सवाल-जवाब

### 1. टीएनपीएल क्रिकेटर पर बीसीसीआई ने 1 लाख रुपये का जुर्माना क्यों लगाया?
उन्होंने मैच के दौरान खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र (PMOA) में अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके अपनी महिला मित्र को संदेश भेजा था, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन था।

### 2. क्या क्रिकेटर पर मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार के आरोप थे?
नहीं, विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इसमें सट्टेबाजी या फिक्सिंग की कोई मंशा नहीं थी। यह केवल व्यक्तिगत लापरवाही का मामला था।

### 3. जुर्माने से पहले क्रिकेटर पर किस तरह की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा था?
अनुशासन समिति शुरुआत में खिलाड़ी पर दो साल का कड़ा प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही थी, जिसे बाद में जुर्माने में बदल दिया गया।

### 4. पीएमओए क्षेत्र में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर क्या नियम हैं?
खिलाड़ियों और अधिकारियों को मैच क्षेत्र में प्रवेश करते ही अपने सभी संचार उपकरण जमा कराने होते हैं और मैच समाप्त होने तक बाहरी संपर्क पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है।

### 5. क्या इससे पहले भी आईपीएल या अन्य टूर्नामेंटों में ऐसी कार्रवाई हुई है?
हां, आईपीएल के पिछले सत्र में राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर भी डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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