वनडे क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड आज भी वीरेंद्र सहवाग के नाम दर्ज एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भारत के वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए थे। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का गौरव भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को हासिल है। अक्सर जब वनडे क्रिकेट में विशाल व्यक्तिगत पारियों की चर्चा होती है, तो प्रशंसक रोहित शर्मा, सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली का नाम सोचते हैं। हालांकि, कप्तान की जिम्मेदारी संभालते हुए एक ही पारी में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड पिछले कई वर्षों से अटूट बना हुआ है। उन्होंने 8 दिसंबर 2011 को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक ऐसी यादगार पारी खेली थी, जिसने क्रिकेट इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया था। इंदौर में सहवाग की ऐतिहासिक 219 रनों की पारी 8 दिसंबर 2011 को इंदौर में खेले गए उस वनडे मुकाबले में कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 149 गेंदों में 219 रनों की आतिशी पारी खेली थी। अपनी इस धमाकेदार बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने 25 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के जड़े थे। सहवाग ने मैदान के हर कोने में आकर्षक शॉट लगाए और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनकी इस निडर बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने अपना पहला वनडे दोहरा शतक छक्का जड़कर पूरा किया था। उस समय 219 रनों का यह स्कोर वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया था। रोहित शर्मा का 208 रनों का धमाकेदार प्रदर्शन कप्तान के रूप में वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में भारत के रोहित शर्मा दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। उन्होंने 13 दिसंबर 2017 को श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में कप्तानी करते हुए नाबाद 208 रनों की पारी खेली थी। अपनी इस पारी में रोहित शर्मा ने 153 गेंदों का सामना किया, जिसमें 13 चौके और 12 छक्के शामिल थे। वनडे क्रिकेट इतिहास में रोहित शर्मा के नाम कुल तीन दोहरे शतक दर्ज हैं, जिसमें उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर 264 रन है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ ही बनाया था। हालांकि, बतौर कप्तान उनकी सबसे बेहतरीन पारी 208 रन की ही रही है। दिलचस्प बात यह है कि वनडे क्रिकेट के पूरे इतिहास में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा ही ऐसे केवल दो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कप्तान रहते हुए दोहरा शतक बनाने का कारनामा किया है। सचिन तेंदुलकर और अन्य दिग्गजों का रिकॉर्ड क्रिकेट जगत में महानता के शिखर पर विराजमान सचिन तेंदुलकर भी कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने 8 नवंबर 1999 को न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में कप्तानी करते हुए 186 रनों की नाबाद पारी खेली थी। 150 गेंदों का सामना करते हुए सचिन तेंदुलकर ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी में 20 चौके और 3 छक्के लगाए थे। यह पारी वनडे इतिहास में बतौर कप्तान चौथी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी के रूप में दर्ज है। बतौर कप्तान वनडे की 6 सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में कप्तान के रूप में सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले शीर्ष छह खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है • वीरेंद्र सहवाग: 219 रन बनाम वेस्टइंडीज, इंदौर (8 दिसंबर 2011) • रोहित शर्मा: 208 रन बनाम श्रीलंका, मोहाली (13 दिसंबर 2017) • सनथ जयसूर्या: 189 रन बनाम भारत, शारजाह (वर्ष 2000) • सचिन तेंदुलकर: 186 रन बनाम न्यूजीलैंड, हैदराबाद (8 नवंबर 1999) • विवियन रिचर्ड्स: 181 रन बनाम श्रीलंका, कराची (वर्ष 1987) • कपिल देव: 175 रन बनाम जिम्बाब्वे, नेविल ग्राउंड (वर्ष 1983) सहवाग के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचे थे रोहित वीरेंद्र सहवाग द्वारा 2011 में बनाए गए 219 रनों के विशाल रिकॉर्ड को तोड़ने के सबसे करीब रोहित शर्मा पहुंचे थे। मोहाली में 2017 में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200 का आंकड़ा तो पार कर लिया था, लेकिन वह नाबाद 208 रन बनाकर सहवाग के सर्वकालिक रिकॉर्ड से महज 11 रन पीछे रह गए। इस तरह सहवाग का यह अनूठा कीर्तिमान आज भी पूरी शान से कायम है। इसका आप पर असर वनडे क्रिकेट में कप्तानी के दौरान दर्ज की गई ऐतिहासिक पारियों के आंकड़े क्रिकेट प्रशंसकों और खेल विश्लेषकों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। • प्रशंसकों के लिए: यह रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी के बावजूद दिग्गजों ने हमेशा आक्रामक क्रिकेट खेला है। इससे प्रशंसकों को सीमित ओवरों के खेल में भारतीय बल्लेबाजों के ऐतिहासिक दबदबे का पता चलता है। • भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए: इस सूची के शीर्ष चार में से तीन स्थानों पर भारतीय कप्तानों का कब्जा कायम है। यह उपलब्धि विश्व क्रिकेट में भारतीय टीम की मजबूत कप्तानी परंपरा को रेखांकित करती है। • युवा खिलाड़ियों के लिए: इंदौर में वीरेंद्र सहवाग की 219 और मोहाली में रोहित शर्मा की 208 रनों की पारी प्रेरणास्रोत हैं। युवा क्रिकेटर सीख सकते हैं कि दबाव के क्षणों में नेतृत्व करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी कैसे की जाती है। • खेल के आंकड़ों के शौकीनों के लिए: सनथ जयसूर्या, विवियन रिचर्ड्स और कपिल देव के आंकड़े एकदिवसीय प्रारूप के ऐतिहासिक विकास को दिखाते हैं। ये आंकड़े खेल के अलग-अलग युगों में कप्तानों के प्रदर्शन की तुलना करने का मौका देते हैं। सवाल-जवाब 1. वनडे में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड किसके नाम है? वनडे में बतौर कप्तान सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भारत के वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए थे। 2. वीरेंद्र सहवाग ने अपनी 219 रनों की पारी कब और कहां खेली थी? वीरेंद्र सहवाग ने यह पारी 8 दिसंबर 2011 को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली थी। 3. कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में रोहित शर्मा किस स्थान पर हैं? रोहित शर्मा 208 रनों की पारी के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं, जो उन्होंने 13 दिसंबर 2017 को श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में बनाई थी। 4. वनडे में बतौर कप्तान दोहरे शतक लगाने वाले खिलाड़ी कौन-कौन हैं? वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में केवल वीरेंद्र सहवाग (219) और रोहित शर्मा (208) ही ऐसे दो कप्तान हैं जिन्होंने दोहरा शतक जमाया है। 5. सचिन तेंदुलकर ने बतौर कप्तान अपनी सबसे बड़ी वनडे पारी में कितने रन बनाए थे? सचिन तेंदुलकर ने 8 नवंबर 1999 को हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर कप्तान नाबाद 186 रन बनाए थे। 6. वनडे में बतौर कप्तान शीर्ष छह सबसे बड़ी पारियों में कौन-कौन से दिग्गज शामिल हैं? इस सूची में वीरेंद्र सहवाग (219), रोहित शर्मा (208), सनथ जयसूर्या (189), सचिन तेंदुलकर (186) और विवियन रिचर्ड्स (181) तथा कपिल देव (175) शामिल हैं। प्रेरणा और सबक वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा जैसी ऐतिहासिक पारियों से खेल और जीवन में सफलता पाने के लिए कई महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं। • बड़ी जिम्मेदारी में भी स्वाभाविक खेल: कप्तानी के अतिरिक्त दबाव के बावजूद सहवाग ने अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली को नहीं बदला। • आत्मविश्वास और निडरता: दोहरे शतक जैसे बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए भी सहवाग ने छक्का जड़कर अपने बेजोड़ आत्मविश्वास का परिचय दिया। • अनुशासन और निरंतरता: रोहित शर्मा का वनडे में तीन दोहरे शतक लगाना यह साबित करता है कि सफलता लगातार अभ्यास से मिलती है। • आगे बढ़कर नेतृत्व करना: व्यक्तिगत कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी टीम को जीत की नींव देना ही एक महान कप्तान की असली पहचान है। https://trendkia.com/cricket/vanade-kriketa-men-bataura-kaptana-sabase-bare-vyaktigata-skora-ka-aitihasika-rikorda-aja-bhi-virender-sehwag-ke-nama-darja-26048 TrendKia — Har trend, sabse pehle.