# टीम इंडिया का हेड कोच क्यों नहीं बने वीवीएस लक्ष्मण? पूर्व बल्लेबाज ने खुद किया बड़ा खुलासा

> राहुल द्रविड़ के कार्यकाल के समापन के बाद वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। अब पूर्व बल्लेबाज ने इस फैसले के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/vvs-laxman-ke-baad-team-india-ke-coach-kyon-nahi-bane-15554 · **Language:** Hindi
**Tags:** वीवीएस लक्ष्मण, बीसीसीआई, भारतीय क्रिकेट टीम, राहुल द्रविड़, जय शाह, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, श्रीलंका टेस्ट सीरीज

जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हुआ और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को एक नए मुख्य कोच की तलाश थी, तब वीवीएस लक्ष्मण का नाम इस पद के सबसे मजबूत दावेदारों में शुमार था। लक्ष्मण लंबे वक्त से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे और जरूरत पड़ने पर कई दौरों पर अंतरिम कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। इसके बावजूद साल 2024 में उन्होंने इस पूर्णकालिक भूमिका को स्वीकार नहीं किया। अब इस दिग्गज पूर्व बल्लेबाज ने खुद सामने आकर उस फैसले के पीछे की पूरी कहानी बयां की है, जिससे तमाम कयासों पर विराम लग गया है।

 

## **जय शाह और देवजीत सैकिया से मिली पूरी छूट**
 वीवीएस लक्ष्मण ने खुलासा किया है कि उस वक्त बीसीसीआई के सचिव रहे जय शाह और मौजूदा सचिव देवजीत सैकिया ने उन्हें अपने विजन के हिसाब से काम करने की खुली छूट दी थी। इसी स्वतंत्रता के चलते उन्होंने मुख्य कोच की दौड़ से खुद को अलग रखना बेहतर समझा और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी CoE में अपनी सेवाएं जारी रखने का फैसला किया। उन्होंने बोर्ड के सामने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए CoE में कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाने की बात कही और साफ किया कि वह अभी इस संस्थान को छोड़कर भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच का पद नहीं संभालेंगे।

 

## **सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मजबूत सिस्टम तैयार करने पर जोर**
 अपने इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण समझाते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि उनका पूरा फोकस CoE के भीतर एक बेहद मजबूत और विश्वस्तरीय ढांचा तैयार करने पर था। वह अपने दो साल के इस कार्यकाल को पूरा करने से पहले और आगे बढ़ने से पहले संस्थान के हर एक विभाग के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रियाएं यानी SOP स्थापित करना चाहते थे। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि उन्हें वहां मनमुताबिक काम करने का मौका मिला और वह टीम के सहयोग से एक बेहतरीन प्रणाली विकसित करने में सफल रहे, जहां उन्हें लगातार उच्च स्तर का समर्थन मिलता रहा।

 

## **श्रीलंका दौरे पर टिकी नजरें और डब्ल्यूटीसी समीकरण**
 इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम आगामी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है और भारत तथा श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होने जा रहा है। इस श्रृंखला का पहला रोमांचक मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला और पूरी सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अपने अगले नौ में से कम से कम 6 टेस्ट मैचों में जीत दर्ज करनी होगी, जिसके चलते गॉल का यह आगामी मैच टीम के लिए काफी अहम साबित होने वाला है।

## सवाल-जवाब

### 1. वीवीएस लक्ष्मण ने टीम इंडिया का हेड कोच बनने का प्रस्ताव क्यों ठुकराया था?
लक्ष्मण ने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एक मजबूत और विश्वस्तरीय कार्यक्रम तैयार करने तथा वहां सभी विभागों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं स्थापित करने को प्राथमिकता दी।

### 2. वर्ष 2024 में बीसीसीआई के सचिव कौन थे जब लक्ष्मण से संपर्क किया गया था?
साल 2024 में जय शाह बीसीसीआई के सचिव थे, जिन्होंने लक्ष्मण को अपने विजन के अनुसार काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी थी।

### 3. भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज कब से शुरू हो रही है?
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू हो रही है, जिसका पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।

### 4. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को कितने टेस्ट जीतने होंगे?
डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने अगले नौ में से कम से कम 6 टेस्ट जीतने होंगे।

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