# वसीम जाफर ने ठोकी मुख्य चयनकर्ता पद के लिए दावेदारी, प्रज्ञान ओझा के सामने कड़ी चुनौती

> अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता पद के लिए वसीम जाफर ने आवेदन किया है, जिससे प्रज्ञान ओझा के स्थायी अध्यक्ष बनने की राह कठिन हो गई है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/wasim-jaffer-ne-thoki-mukhya-chayanakarta-pada-ke-lie-davedari-pragyan-ojha-ke-samane-kari-chunauti-48362 · **Language:** Hindi
**Tags:** बीसीसीआई, वसीम जाफर, प्रज्ञान ओझा, मुख्य चयनकर्ता, भारतीय क्रिकेट टीम, अजीत अगरकर, रमेश पोवार

भारतीय सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता पद को लेकर खींचतान काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड नई चयन समिति के गठन की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। अगरकर की विदाई के बाद से पैनल में सबसे वरिष्ठ होने के नाते पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा अंतरिम रूप से मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शुरुआत में ऐसा माना जा रहा था कि बोर्ड ओझा को ही स्थायी रूप से यह जिम्मेदारी सौंप देगा, लेकिन अब भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के इस पद के लिए औपचारिक रूप से आवेदन करने के बाद सारे समीकरण बदलते दिख रहे हैं।

## वसीम जाफर ने की दावेदारी की पुष्टि
भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेल चुके 48 वर्षीय वसीम जाफर ने चयनकर्ता पद के लिए आवेदन करने के फैसले पर मुहर लगाई है। जाफर ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने खाली पड़े इस महत्वपूर्ण पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी अर्जी दाखिल कर दी है। जाफर का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने 31 टेस्ट मुकाबलों में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग 2000 रन बनाए हैं। घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने वाले जाफर के इस दौड़ में कूदने से चयन समिति के अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला पूरी तरह से खुला हो गया है।

## अनुभव के नियम से जाफर का पलड़ा भारी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मौजूदा नियमों के अनुसार, चयन समिति में शामिल होने वाले सदस्यों में से जिस पूर्व खिलाड़ी के पास सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने का अनुभव होता है, उसे ही चयन समिति का अध्यक्ष यानी मुख्य चयनकर्ता बनाया जाता है। इस मापदंड के आधार पर वसीम जाफर अन्य सभी दावेदारों से आगे नजर आ रहे हैं। वर्तमान में अंतरिम जिम्मेदारी संभाल रहे प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जबकि जाफर के खाते में 31 टेस्ट दर्ज हैं। अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति उम्मीदवारों के साक्षात्कारों और छंटनी की प्रक्रिया को देखेगी। यदि यह सलाहकार समिति जाफर के नाम पर विचार करती है, तो अपने अधिक टेस्ट मैचों के अनुभव के चलते वह स्वाभाविक रूप से अध्यक्ष पद के सबसे मजबूत उम्मीदवार बन जाएंगे।

## बोर्ड के भीतर मंथन और जोनल समीकरण
जाफर के मैदान में आने से जहां चयन प्रक्रिया रोमांचक हो गई है, वहीं बोर्ड के भीतर एक बड़ा वर्ग प्रज्ञान ओझा को ही इस पद पर बनाए रखने का पक्षधर माना जा रहा है। इसका प्रमुख कारण क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और चयन समिति का आंतरिक संतुलन है। जाफर के आने से नई चयन समिति की भौगोलिक संरचना पर सीधा असर पड़ सकता है। इसी उठापटक के बीच भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार का नाम भी चयन समिति की दौड़ में उभरकर सामने आया है। पोवार पश्चिम क्षेत्र से प्रतिनिधि के तौर पर पैनल में शामिल होने की दौड़ में आ सकते हैं। रमेश पोवार ने भारतीय टीम के लिए 2 टेस्ट मैच खेले हैं। अब पूरा दारोमदार क्रिकेट सलाहकार समिति के फैसले पर टिका है कि वह टेस्ट मैचों की संख्या को प्राथमिकता देती है या मौजूदा प्रशासनिक संतुलन को बनाए रखती है।

## इसका आप पर असर
भारतीय क्रिकेट टीम की चयन प्रक्रिया में आने वाला यह बदलाव सीधे तौर पर आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम संयोजन को प्रभावित करेगा।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** मुख्य चयनकर्ता के रूप में नए चेहरे के आने से टीम इंडिया की चयन नीति और युवाओं को मौका देने की रणनीति में स्पष्ट बदलाव दिख सकता है। आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स और टेस्ट दौरों के लिए खिलाड़ियों के चयन का तरीका काफी हद तक नए अध्यक्ष की सोच पर निर्भर करेगा।
- **घरेलू क्रिकेटरों के लिए:** घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव रखने वाले वसीम जाफर जैसे दिग्गज के चयनकर्ता बनने से रणजी ट्रॉफी के बेहतरीन प्रदर्शनकर्ताओं को टीम इंडिया में जगह मिलने की संभावना बढ़ सकती है। जो खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंटों में लगातार रन बना रहे हैं, उन्हें राष्ट्रीय चयन में अधिक तवज्जो मिल सकती है।
- **चयन समिति की संरचना पर:** समिति के नए अध्यक्ष का फैसला होते ही पांचों जोनों के प्रतिनिधियों का संतुलन भी तय हो जाएगा। क्रिकेट सलाहकार समिति के इस फैसले के बाद ही आगामी सीरीज के लिए चयनकर्ताओं की आधिकारिक बैठक बुलाई जाएगी।
- **टीम प्रबंधन और रणनीति:** नए मुख्य चयनकर्ता को हेड कोच और कप्तान के साथ तालमेल बिठाकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की तैयारी करनी होगी। इससे सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य और कार्यभार प्रबंधन पर भी बड़ा असर पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
अजीत अगरकर का कार्यकाल पूरा होने के बाद मुख्य चयनकर्ता का पद रिक्त हुआ था, जिसके बाद वसीम जाफर की दावेदारी ने इस पद की चयन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है।

- **अगरकर का कार्यकाल समाप्त होना:** अजीत अगरकर के हटने के बाद वरिष्ठता के आधार पर प्रज्ञान ओझा को कार्यवाहक जिम्मेदारी दी गई थी। बोर्ड को इस पद पर पूर्णकालिक नियुक्ति करनी थी, जिसके लिए योग्य पूर्व खिलाड़ियों से आवेदन मंगाए गए थे।
- **वसीम जाफर द्वारा आवेदन करना:** पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने आधिकारिक रूप से इस पद के लिए आवेदन कर दिया। जाफर के पास 31 टेस्ट मैचों का अनुभव है, जिसने दावेदारों की वरिष्ठता सूची में उन्हें सबसे आगे खड़ा कर दिया है।
- **अनुभव संबंधी नियम का असर:** चयन समिति में सबसे अधिक टेस्ट खेलने वाले सदस्य को अध्यक्ष बनाने की परिपाटी रही है। ओझा के 24 टेस्ट के मुकाबले जाफर के 31 टेस्ट होने से चयन के स्थापित नियम और बोर्ड की आंतरिक प्राथमिकताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद क्यों खाली हुआ?
अजीत अगरकर का बतौर मुख्य चयनकर्ता कार्यकाल पूरा होने के बाद यह पद खाली हुआ है।

### 2. वर्तमान में मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है?
समिति में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण प्रज्ञान ओझा अंतरिम रूप से यह दायित्व संभाल रहे हैं।

### 3. वसीम जाफर ने भारत के लिए कितने टेस्ट मैच खेले हैं?
वसीम जाफर ने भारत की ओर से कुल 31 टेस्ट मैच खेले हैं और लगभग 2000 रन बनाए हैं।

### 4. प्रज्ञान ओझा के पास कितने टेस्ट मैचों का अनुभव है?
प्रज्ञान ओझा ने टीम इंडिया के लिए कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं।

### 5. नए चयनकर्ता का साक्षात्कार कौन करेगा?
अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति उम्मीदवारों का चयन करेगी।

### 6. रमेश पोवार का नाम इस चर्चा में क्यों आया है?
रमेश पोवार पश्चिम क्षेत्र से चयन समिति में जगह पाने की दौड़ में शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट खेले हैं।

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