वेस्टइंडीज के खिलाफ रन लुटाती भारतीय गेंदबाजी के बीच मोहम्मद सिराज को बाहर बैठाने पर उठे गंभीर सवाल गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम में तेज गेंदबाजों की भारी धुलाई के बावजूद मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल रही है। श्रीलंका दौरे पर दिए बयान और कम गति को लेकर टीम प्रबंधन की नाराजगी की चर्चा जोरों पर है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले में कोई भी टीम अपनी सबसे मजबूत एकादश के साथ मैदान पर उतरना पसंद करती है, लेकिन भारतीय टीम के हालिया प्रयोगों ने खेल प्रेमियों को हैरान कर दिया है। जसप्रीत बुमराह के बाद राष्ट्रीय सेटअप में सबसे अनुभवी और असरदार तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले मोहम्मद सिराज स्क्वॉड का हिस्सा होने के बावजूद लगातार मुकाबलों से बाहर बैठे हैं। तिरुवनंतपुरम के बाद जब टीम दूसरे वनडे मुकाबले के लिए गुवाहाटी पहुंची, तब यह संभावना जताई जा रही थी कि प्रबंधन सिराज को अंतिम एकादश में शामिल करेगा। इसके उलट प्रबंधन ने आकिब नबी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका दिया, जबकि सिराज एक बार फिर डगआउट में साथी खिलाड़ियों के लिए पानी ढोने तक सीमित नजर आए। मैदान पर गेंदबाजों की धुलाई और डगआउट में बैठे सिराज वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही सीमित ओवरों की इस श्रृंखला में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण बेहद कमजोर साबित हुआ है। श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में कैरेबियाई बल्लेबाजों ने 296 रन बनाए थे। इसके बाद गुवाहाटी में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मेहमान टीम के बल्लेबाजों ने भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बटोरे और स्कोरबोर्ड पर 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इस दौरान गुरनूर बरार ने अपने कोटे में 96 रन खर्चे, प्रसिद्ध कृष्णा ने केवल 5 ओवरों की गेंदबाजी में 45 रन दिए और पदार्पण कर रहे आकिब नबी ने 8.5 ओवरों में 84 रन लुटा डाले। जब मैदान पर गेंदबाज लगातार रन लुटा रहे थे, तब मोहम्मद सिराज डगआउट में काला चश्मा लगाए इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। फिटनेस की स्थिति अथवा प्रबंधन के साथ तल्खी तेज गेंदबाजी के इस लचर प्रदर्शन के बाद चयन और रणनीति को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सिराज पूरी तरह फिट नहीं हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय टीम के डगआउट में रखने के स्थान पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन के लिए भेजा जाना चाहिए था। वहीं यदि वह पूरी तरह मैच फिट हैं, तो उन्हें अभ्यास सत्रों में भी बेहद सीमित गेंदबाजी क्यों कराई जा रही है। सिराज अचानक टीम प्रबंधन की पहली पसंद से बाहर कैसे हो गए, यह गुत्थी अभी तक अनसुलझी है। श्रीलंका दौरे का बयान और धीमी गेंदबाजी का असर सिराज के बाहर बैठने की जड़ें हाल ही में संपन्न हुए श्रीलंका दौरे से जुड़ी मानी जा रही हैं। गॉल टेस्ट में मिली जीत के उपरांत दिए एक साक्षात्कार में सिराज ने कहा था कि वह पिच के मिजाज को देखते हुए गेंदबाजी में पूरी ताकत नहीं झोंक रहे थे। उनके इस वक्तव्य पर कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विश्लेषकों ने कड़ी आपत्ति जताई थी, जिनका तर्क था कि एक स्ट्राइक गेंदबाज का कर्तव्य मैदान पर अपनी पूरी ऊर्जा लगाना है। इसके अतिरिक्त कोलंबो में सिराज ने 125 किमी/घंटा से भी कम रफ्तार से गेंदबाजी की थी, जिससे टीम का शीर्ष प्रबंधन नाखुश था। खेल के जानकारों का मानना है कि यदि पूरी तरह फिट होने के बावजूद सिराज को मैदान पर नहीं उतारा जा रहा है, तो संभवतः प्रबंधन अनुशासन और रवैये को लेकर कड़ा संदेश देना चाहता है। हालांकि इस खींचतान का सीधा असर मैदान पर टीम के गेंदबाजी संतुलन और नतीजों पर पड़ता दिख रहा है। इसका आप पर असर इस विवाद और कमजोर गेंदबाजी प्रदर्शन का सीधा असर आगामी मुकाबलों की रणनीति और क्रिकेट प्रशंसकों की अपेक्षाओं पर पड़ रहा है। • गेंदबाजी संतुलन: प्रमुख तेज गेंदबाज के बाहर रहने से अनुभवहीन गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते विपक्षी टीमें आसानी से 400 से अधिक रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा कर रही हैं। • चयन नीति की पारदर्शिता: खिलाड़ी की फिटनेस और टीम अनुशासन पर स्थिति स्पष्ट न होने से असमंजस बना हुआ है। यदि खिलाड़ी अस्वस्थ है तो उसे रिहैबिलिटेशन में होना चाहिए और फिट होने पर मैदान में उतरना चाहिए। • श्रृंखला के नतीजे: भारतीय टीम की कमजोर गेंदबाजी से श्रृंखला गंवाने का खतरा बढ़ गया है। प्रशंसकों को बड़े मुकाबलों में करीबी टक्कर के बजाय एकतरफा मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। • ड्रेसिंग रूम का माहौल: प्रमुख खिलाड़ियों और प्रबंधन के बीच संवादहीनता से टीम के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों से पूर्व इस विवाद का सुलझना बेहद जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ मोहम्मद सिराज को टीम में रहते हुए भी अंतिम एकादश से बाहर रखे जाने के पीछे अनुशासन, बयानबाजी और हालिया प्रदर्शन से जुड़े कई कारण सामने आए हैं। • गॉल टेस्ट के बाद दिया बयान: श्रीलंका दौरे पर गॉल में खेले गए टेस्ट मैच के बाद सिराज ने साक्षात्कार में कहा था कि वह पिच की स्थिति देखकर पूरी जान नहीं लगा रहे थे। इस गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी से टीम प्रबंधन और विशेषज्ञ बेहद खफा हो गए। • गेंदबाजी की गति में भारी गिरावट: कोलंबो के मुकाबले में सिराज की गेंदबाजी की गति घटकर 125 किमी/घंटा से भी नीचे आ गई थी। स्ट्राइक गेंदबाज के इस लचर प्रयास ने नेतृत्व समूह को नाराज कर दिया। • प्रबंधन द्वारा कड़ा संदेश: फिटनेस ठीक होने के बावजूद उन्हें बाहर बैठाकर प्रबंधन यह स्पष्ट करना चाहता है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। हालांकि डगआउट में उनकी मौजूदगी और नेट सत्रों में सीमित गेंदबाजी इस गतिरोध को और बढ़ा रही है। सवाल-जवाब 1. मोहम्मद सिराज को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में क्यों नहीं खिलाया जा रहा है? श्रीलंका दौरे पर उनके विवादित साक्षात्कार और 125 किमी/घंटा से धीमी गेंदबाजी के कारण टीम प्रबंधन उनसे नाराज माना जा रहा है। 2. गुवाहाटी के दूसरे वनडे में भारतीय गेंदबाजों ने कितने रन लुटाए? गुवाहाटी में वेस्टइंडीज ने 405 रन बनाए, जिसमें गुरनूर बरार ने 96 रन, आकिब नबी ने 84 रन और प्रसिद्ध कृष्णा ने 45 रन दिए। 3. श्रीलंका दौरे पर मोहम्मद सिराज ने क्या बयान दिया था? सिराज ने गॉल टेस्ट जीतने के बाद कहा था कि वह पिच के हालात को देखकर गेंदबाजी में बहुत जान नहीं लगा रहे थे। 4. गुवाहाटी में किस तेज गेंदबाज ने अपना वनडे डेब्यू किया? गुवाहाटी वनडे मुकाबले में आकिब नबी को भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने का अवसर दिया गया। https://trendkia.com/cricket/west-indies-ke-khilapha-rana-lutati-bharatiya-gendabaji-ke-bicha-mohammed-siraj-ko-bahara-baithane-para-uthe-gnbhira-savala-40866 TrendKia — Har trend, sabse pehle.