# यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से बाहर रखने पर भड़के रविचंद्रन अश्विन, बोले- इससे खिलाड़ी का मनोबल गिरता है

> न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई भारतीय वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल को जगह नहीं मिलने पर रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओं के फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह लगातार नजरअंदाज किए जाने से युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास कमजोर होता है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/yashasvi-jaiswal-ko-odi-team-se-bahar-rakhne-par-bhadke-ravichandran-ashwin-49161 · **Language:** Hindi
**Tags:** यशस्वी जायसवाल, रविचंद्रन अश्विन, भारतीय क्रिकेट टीम, न्यूजीलैंड दौरा, वनडे सीरीज, बीसीसीआई

भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, जहां मेहमान टीम को तीनों ही प्रारूपों में सीरीज खेलनी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की तरफ से टी20 टीम के ऐलान के बाद 16 अक्टूबर की शाम को वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भी स्क्वॉड की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। इस घोषणा के अनुसार शुरुआती तीन वनडे मैचों की कमान शुभमन गिल संभालते हुए नजर आएंगे, जबकि सीरीज के अंतिम दो वनडे मुकाबलों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। इस पूरी चयन प्रक्रिया के बीच कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं, जिसमें युवा ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से पूरी तरह बाहर रखना सबसे बड़ा विषय बन गया है। उन्हें केवल दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ही भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जिसके बाद से क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चयनकर्ताओं के इस निर्णय से खफा होकर टीम के अनुभवी खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर अपनी नाखुशी जाहिर की है और दो टूक कहा है कि ऐसे रवैये से खिलाड़ी का आत्मविश्वास गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

 

## यशस्वी जायसवाल के करियर और फॉर्म पर पड़ सकता है बुरा असर
 न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट और वनडे टीमों का ऐलान होने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस पूरे मामले पर विस्तार से बात की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शुभमन गिल अंतिम दो वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, तो उनकी जगह पर नेचुरल चॉइस के तौर पर यशस्वी जायसवाल को निश्चित रूप से टीम में चुना जाना चाहिए था। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण फैसला करार देते हुए कहा कि लगातार मौके न मिलने से खिलाड़ी का मानसिक मनोबल टूटता है। हालांकि उन्होंने शुभमन गिल और केएल राहुल जैसी परिस्थितियों को समझने की बात भी कही, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि यशस्वी जायसवाल को मैदान पर अपनी कला दिखाने का बिल्कुल भी अवसर नहीं मिल रहा है। अश्विन के अनुसार, मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल उस तरह की बेजोड़ बल्लेबाजी करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं जैसी वह दो या तीन साल पहले किया करते थे, जब वे मैदान पर रनों का अंबार लगा रहे थे। यदि इस तरह से किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का हौसला टूटेगा, तो चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को गंभीरता से सोचना होगा कि जब भी संभव हो उसे प्लेइंग इलेवन में पर्याप्त मौके दिए जाएं। उन्हें किसी भी फॉर्मेट से लगातार बाहर रखना और खेलने का मौका न देना बेहद निराशाजनक और गलत है।

 

## शानदार आंकड़े होने के बावजूद वनडे टीम से मिली निराशा
 अगर यशस्वी जायसवाल के अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो उनका प्रदर्शन बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है। जब भी उन्हें सीमित ओवरों के इस फॉर्मेट में खुद को साबित करने का मौका मिला है, उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने घरेलू मैदान पर खेली गई अपनी पिछली वनडे सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें उनके बल्ले से एक बेहतरीन शतक भी निकला था। यशस्वी जायसवाल ने अब तक अपने करियर में कुल 6 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने बेहद प्रभावशाली 71.25 की शानदार औसत से कुल 285 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतकीय पारियां भी निकली हैं, जो उनके इस प्रारूप में उच्च स्तर की क्षमता को साबित करती हैं। इसके बावजूद उन्हें आगामी श्रृंखला के लिए वनडे टीम से दूर रखना कई तरह के सवाल खड़े करता है।

## इसका आप पर असर
क्रिस्टन चयन निर्णयों का सीधा असर उभरते खिलाड़ियों के करियर और उनके मानसिक मनोबल पर पड़ता है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया में लगातार नजरअंदाज किए जाने से युवा खिलाड़ियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

- **क्रिकेट प्रेमियों के लिए:** प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा टीम में सबसे प्रतिभाशाली और बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का मौका नहीं मिल पाता है। इससे खेल के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और टीम संयोजन पर भी असर पड़ता है।

## ऐसा क्यों हुआ
चयनकर्ताओं द्वारा यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से बाहर रखे जाने के पीछे मुख्य रूप से टीम का संयोजन और सीनियर खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे कारण रहे हैं।

- **टीम संयोजन और कप्तानी:** शुरुआती तीन वनडे मैचों के लिए शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया है जबकि अंतिम दो मैचों के लिए श्रेयस अय्यर यह जिम्मेदारी संभालेंगे, जिसके चलते टीम प्रबंधन ने अलग संयोजन चुना।

- **खिलाड़ियों की प्राथमिकता:** चयन समिति ने विभिन्न प्रारूपों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए टीम तैयार की है, जिसमें कुछ खिलाड़ियों को वरीयता दी गई है।

- **मौकों की कमी:** सीमित स्थानों के कारण कई बार बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को भी शुरुआती ग्यारह में जगह नहीं मिल पाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम की कप्तानी कौन करेगा?
शुरुआती तीन वनडे मैचों में शुभमन गिल कप्तानी संभालेंगे, जबकि अंतिम दो वनडे मैचों के लिए श्रेयस अय्यर कप्तान होंगे।

### 2. रविचंद्रन अश्विन ने किस फैसले पर नाराजगी जताई है?
अश्विन ने यशस्वी जायसवाल को वनडे स्क्वॉड से बाहर रखे जाने के फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

### 3. यशस्वी जायसवाल को किस सीरीज के लिए टीम में चुना गया है?
यशस्वी जायसवाल को केवल दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा बनाया गया है।

### 4. यशस्वी जायसवाल ने अपनी पिछली वनडे सीरीज किस टीम के खिलाफ खेली थी?
यशस्वी जायसवाल ने अपनी पिछली वनडे सीरीज घरेलू जमीन पर अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी।

### 5. यशस्वी जायसवाल का वनडे क्रिकेट में अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा है?
जायसवाल ने 6 वनडे मैचों में 71.25 की औसत से 285 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं।

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