यास्तिका भाटिया की 112 रन की तूफानी पारी भी नहीं आई काम, दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने भारत ए को 2 विकेट से हराया यास्तिका भाटिया के तेज शतक और अनुष्का व तेजल के अर्धशतकों के दम पर भारत ए ने 338 रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ए ने तीन गेंदें शेष रहते 2 विकेट से मुकाबला जीतकर सीरीज 1-1 कर दी। महिला क्रिकेट के दूसरे अनौपचारिक एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय टीम को कड़े संघर्ष के बाद हार का मुंह देखना पड़ा। विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के आतिशी शतक और शीर्ष क्रम की मजबूत पारियों की बदौलत घरेलू टीम ने 338 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके बावजूद मेहमान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने जबर्दस्त संयम और आक्रामकता दिखाते हुए इस बड़े लक्ष्य को अंतिम ओवर में आठ विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस नतीजे के साथ ही तीन मैचों की यह सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है, जिससे अगला मुकाबला निर्णायक बन गया है। यास्तिका भाटिया का धमाकेदार शतक और भारत की मजबूत बल्लेबाजी टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही। टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया बेहतरीन लय में नजर आईं और उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की जमकर धुनाई की। यास्तिका ने महज 84 गेंदों का सामना करते हुए 16 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 112 रनों की शतकीय पारी खेली। उनके अलावा मध्यक्रम में तेजल हसबनीस और अनुष्का शर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया और दोनों ने 60-60 रनों का अहम योगदान देकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, बेहतरीन शुरुआत के बाद अंतिम ओवरों में भारतीय पारी की गति कुछ धीमी पड़ गई। निचले क्रम में निक्की प्रसाद बिना खाता खोले शून्य पर पवेलियन लौट गईं, जबकि मीनू मणि भी केवल 3 रन ही बना सकीं। इन शुरुआती झटकों के चलते भारतीय टीम अंतिम ओवरों में रनों की रफ्तार को और तेज नहीं कर पाई और निर्धारित ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 338 रन तक ही पहुंच सकी। ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरफ से तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन सबसे किफायती और प्रभावी साबित हुईं, जिन्होंने 39 रन खर्च करके तीन महत्वपूर्ण विकेट निकाले। मेहमान टीम ने रनों के प्रवाह को थामने के लिए कुल सात गेंदबाजों को आजमाया। ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम का पलटवार और तहलिया विल्सन की कप्तानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए की शुरुआत लड़खड़ाने के बाद संभल गई। सलामी बल्लेबाज निकोल फाल्टम के सस्ते में आउट होने के बावजूद कप्तान तहलिया विल्सन ने मोर्चा संभाला। विल्सन ने 77 गेंदों में 79 रनों की कप्तानी पारी खेलकर टीम को स्थिरता दी। वहीं तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरी अनिका लेरॉयड ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए महज 29 गेंदों पर 9 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 54 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। विल्सन और लेरॉयड के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी ने मेहमान टीम को मैच में मजबूती से वापस ला खड़ा किया। इसके बाद चार्ली नॉट ने भी आक्रमण जारी रखा और 37 गेंदों पर 7 चौकों और 3 छक्कों की बदौलत 63 रन ठोक दिए। भारतीय गेंदबाजी में मीनू मणि ही सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने अपने 10 ओवर के कोटे में 48 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। सयाली सतघरे और निक्की प्रसाद ने भी दो-दो विकेट चटकाकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की लंबी कतार को पूरी तरह रोकने में वे नाकाम रहीं। निचले क्रम के उपयोगी योगदान से अंतिम ओवर में मिली जीत मध्य ओवरों में विकेट गिरने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की रन गति कम नहीं हुई। निचले क्रम में टेस फ्लिंटॉफ ने 38 रन और हेले सिल्वर-होम्स ने 47 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया। अंत में मिली इलिंगवर्थ ने नाबाद 22 रन बनाकर धैर्य दिखाया और अपनी टीम को मैच के आखिरी ओवर में तीन गेंदें शेष रहते 2 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी। भारत ए ने सीरीज का पहला मैच चार विकेट से जीता था। अब इस रोमांचक सीरीज का तीसरा और अंतिम अनौपचारिक वनडे मुकाबला शुक्रवार को खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। इसका आप पर असर इस रोमांचक मुकाबले से भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य की बेंच स्ट्रेंथ और गेंदबाजी की कमियों पर साफ तस्वीर सामने आई है। • बल्लेबाजी की गहराई: भारत के लिए यास्तिका भाटिया की शतकीय पारी और मध्यक्रम के अर्धशतक आगामी राष्ट्रीय चयन के लिए सकारात्मक संकेत हैं। चयनकर्ताओं को शीर्ष क्रम में विस्फोटक विकल्प मिल रहे हैं, जिससे टीम संयोजन और मजबूत होगा। • गेंदबाजी और फील्डिंग की रणनीति: 338 रन बनाने के बावजूद बचाव न कर पाना अंतिम ओवरों की गेंदबाजी और फील्डिंग योजनाओं पर पुनर्विचार की जरूरत दिखाता है। गेंदबाजों को दबाव के क्षणों में अपनी लाइन और लेंथ में सुधार करना होगा ताकि बड़े लक्ष्य का बचाव किया जा सके। • सीरीज का निर्णायक मैच: शुक्रवार को होने वाला तीसरा मैच खिलाड़ियों के मानसिक अनुशासन की असली परीक्षा होगा। घरेलू फैंस को दोनों टीमों के बीच एक और कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। • ऑस्ट्रेलियाई टीम का जज्बा: ऑस्ट्रेलियाई टीम की निचले क्रम की बल्लेबाजी ने साबित किया है कि महिला क्रिकेट में 330 से अधिक का लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं है। इससे दोनों टीमों के खिलाड़ियों को दबाव की परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा करने का बेहतर अनुभव मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ भारत ए द्वारा 338 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेहतर रन गति और साझेदारी प्रबंधन की बदौलत मैच जीत लिया। • भारतीय पारी का अंतिम धीमापन: यास्तिका भाटिया, तेजल हसबनीस और अनुष्का शर्मा के शानदार खेल के बाद निचले क्रम में निक्की प्रसाद और मीनू मणि जल्दी आउट हो गईं। इस पतन की वजह से भारतीय पारी अंतिम ओवरों में 360 के पार जाने से चूक गई। • डार्सी ब्राउन की कसी हुई गेंदबाजी: ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन ने सिर्फ 39 रन देकर 3 विकेट लिए और आक्रामक भारतीय बल्लेबाजों की गति पर अंकुश लगाया। उनके सटीक स्पेल ने भारत को अंतिम ओवरों में खुलकर रन बनाने से रोके रखा। • ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम की आक्रामकता: निकोल फाल्टम के जल्दी आउट होने के बाद कप्तान तहलिया विल्सन (79) और अनिका लेरॉयड (54) ने केवल 29 गेंदों पर तेज अर्धशतक जड़कर रन गति को गिरने नहीं दिया। चार्ली नॉट ने भी 37 गेंदों पर 63 रन बनाकर जरूरी रन रेट को हमेशा काबू में रखा। • निचले क्रम का दृढ़ संकल्प: टेस फ्लिंटॉफ, हेले सिल्वर-होम्स और अंत में मिली इलिंगवर्थ ने विकेट गिरने के बावजूद संयम बनाए रखा और अंतिम ओवर में तीन गेंदें शेष रहते लक्ष्य साध लिया। सवाल-जवाब 1. दूसरे अनौपचारिक एकदिवसीय मैच में यास्तिका भाटिया ने कितने रन बनाए? यास्तिका भाटिया ने केवल 84 गेंदों में 16 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 112 रनों की शतकीय पारी खेली। 2. भारत ए ने अपनी पारी में कुल कितना स्कोर बनाया था? भारत ए की टीम ने अपने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 338 रन बनाए थे। 3. ऑस्ट्रेलिया ए की तरफ से किस गेंदबाज ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए? ऑस्ट्रेलिया ए के लिए तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन ने 39 रन देकर सबसे ज्यादा तीन विकेट हासिल किए। 4. ऑस्ट्रेलिया ए के लिए शीर्ष क्रम में किन बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए? कप्तान तहलिया विल्सन ने 79 रन, अनिका लेरॉयड ने 54 रन और चार्ली नॉट ने 63 रन बनाए। 5. भारत की तरफ से गेंदबाजी में सबसे सफल कौन रहा? मीनू मणि भारत की सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने अपने 10 ओवरों में 48 रन देकर तीन विकेट लिए। 6. सीरीज का मौजूदा स्कोर क्या है और निर्णायक मुकाबला कब खेला जाएगा? दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत के साथ सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है, और तीसरा व अंतिम मैच शुक्रवार को होगा। https://trendkia.com/cricket/yastika-bhatia-ki-112-rana-ki-tuphani-pari-bhi-nahin-ai-kama-dusare-mukabale-men-australia-a-ne-india-a-ko-2-viketa-se-haraya-37292 TrendKia — Har trend, sabse pehle.