# वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी देख हैरान हुए योगराज सिंह, की युवराज सिंह से तुलना

> पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है और उनकी तुलना 15 साल की उम्र के युवराज सिंह से की है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/yograj-singh-praises-vaibhav-sooryavanshi-compares-15-year-old-batting-prodigy-to-yuvraj-singh-39118 · **Language:** Hindi
**Tags:** वैभव सूर्यवंशी, योगराज सिंह, युवराज सिंह, भारतीय क्रिकेट, अभिषेक शर्मा, क्रिकेट न्यूज

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम तेजी से उभर रहा है, जिन्होंने अपनी आक्रामक खेल शैली से खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का लोहा मनवाने वाले इस खिलाड़ी को लेकर तमाम दिग्गजों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में पूर्व भारतीय खिलाड़ी और अपने जमाने के आक्रामक बल्लेबाज रहे युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने इस युवा सनसनी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि इस तरह की प्रतिभा हर दिन देखने को नहीं मिलती और यह खिलाड़ी आने वाले समय में देश के लिए एक लंबा सफर तय करेगा।

 

## युवराज सिंह से की गई तुलना
 एक चर्चा के दौरान जब यह सवाल सामने आया कि क्या 15 साल की उम्र में युवराज सिंह भी उतने ही प्रतिभाशाली थे, तो योगराज सिंह ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया कि दोनों एक ही श्रेणी के खिलाड़ी हैं। उनका कहना था कि ऐसे दुर्लभ टैलेंट किसी भी पीढ़ी में बमुश्किल एक बार ही जन्म लेते हैं और हर कोई इस तरह की क्षमता के साथ दुनिया में नहीं आता। वैभव की कम उम्र और मैदान पर उनके परिपक्व प्रदर्शन को देखते हुए वह उनके मु मुरीद बन चुके हैं। योगराज सिंह को पूरा भरोसा है कि यह युवा बल्लेबाज आने वाले लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करता रहेगा और अपनी छाप छोड़ेगा।

 

## बैट स्पीड और तकनीक का अंतर
 वैभव सूर्यवंशी के खेल बारीकियों का जिक्र करते हुए योगराज सिंह ने उनकी असाधारण बैट स्पीड की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस युवा खिलाड़ी के बल्ले की रफ्तार इतनी तेज है कि यह आभास ही नहीं होता कि वह केवल 15 वर्ष का है। उसे खेलते देखकर ऐसा लगता है जैसे वह वर्षों से इस खेल में महारत हासिल करने के लिए कड़ा अभ्यास कर रहा हो। हालांकि, जब दोनों खिलाड़ियों की तकनीक की तुलना की जाती है, तो एक स्पष्ट अंतर सामने आता है। वैभव बहुत छोटी बैकलिफ्ट के साथ क्रीज पर उतरते हैं, जो उन्हें तेजी से शॉट खेलने में सहायता करती है। इसके विपरीत, युवराज सिंह एक लंबी और ऊंची बैकलिफ्ट के साथ खेला करते थे, जो उनकी बल्लेबाजी की एक अनूठी पहचान हुआ करती थी।

 

## कठिन परिश्रम और अभ्यास का दौर
 इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन करने के पीछे दोनों खिलाड़ियों की अनथक मेहनत और अभ्यास का बड़ा हाथ रहा है। वैभव की दिनचर्या के बारे में बात करते हुए योगराज ने कोच से मिली जानकारी साझा की कि यह युवा खिलाड़ी प्रतिदिन लगभग 1000 गेंदों का सामना करता है। इस बात ने उन्हें युवराज सिंह के शुरुआती दिनों की याद दिला दी। उन्होंने याद किया कि जब वह युवी को प्रशिक्षित कर रहे थे, तो वह भी हर दिन 1000 से 1500 गेंदों का अभ्यास किया करते थे, चाहे परिस्थिति कोई भी हो। यही अथक अभ्यास इन दोनों खिलाड़ियों के शॉट्स में बेहतरीन टाइमिंग और जबरदस्त ताकत लेकर आता है।

 

## क्रिकेट जगत की अन्य उम्मीदें
 योगराज सिंह ने बातचीत के दौरान अभिषेक शर्मा का भी जिक्र किया और कहा कि युवराज के बाद उन्हें अभिषेक की शैली में युवी की झलक दिखाई देती है। लेकिन जब वह वैभव को मैदान पर उतरते देखते हैं, तो उनका अनुभव बिल्कुल अलग होता है। उनका साफ कहना था कि वैभव को क्रीज पर बल्लेबाजी करते देखना ऐसा अनुभव कराता है मानो खुद युवराज सिंह ही मैदान पर खेल रहे हों। वैभव की अद्भुत बैट स्पीड, सधी हुई शॉर्ट बैकलिफ्ट और रोजाना हजारों गेंदों का अभ्यास उन्हें आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा और चमकता हुआ सितारा बनाने की पूरी क्षमता रखता है।

## इसका आप पर असर
वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन और खेल की शैली का यह असर है कि देश के उभरते हुए युवा क्रिकेटरों पर खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं की नजरें और अधिक गहराई से टिक गई हैं।

- **भारत में:** खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों को यह संदेश मिलता है कि कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए कड़ा परिश्रम और रोजाना हजारों गेंदों का अभ्यास जरूरी है।

- **घरेलू क्रिकेट में:** इस तरह की चर्चाओं से जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग कर रहे युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें अपनी तकनीक सुधारने की प्रेरणा मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
वैभव सूर्यवंशी की अचानक मिली लोकप्रियता और उनके खेल की शैली के पीछे उनकी असाधारण बैट स्पीड, छोटी बैकलिफ्ट तकनीक और रोजाना 1000 गेंदों का कड़ा अभ्यास मुख्य कारण हैं।

- **कड़ा अभ्यास:** खिलाड़ी द्वारा प्रतिदिन लगभग 1000 गेंदों का सामना करना उसकी टाइमिंग और शॉट खेलने की क्षमता को बेहद मजबूत बनाता है।

- **तकनीकी विशेषता:** छोटी बैकलिफ्ट का उपयोग करने से तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉट्स को समय पर खेलने में मदद मिलती है।

- **पारिवारिक मार्गदर्शन:** पूर्व खिलाड़ियों और कोचों द्वारा कम उम्र से ही सही तकनीकी पहलुओं पर जोर देना इस तरह के असाधारण प्रदर्शन की नींव रखता है।

## सवाल-जवाब

### 1. वैभव सूर्यवंशी की तुलना किस पूर्व भारतीय खिलाड़ी से की गई है?
योगराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना 15 साल की उम्र के युवराज सिंह से की है।

### 2. वैभव सूर्यवंशी रोजाना कितने गेंदों का अभ्यास करते हैं?
वैभव सूर्यवंशी प्रतिदिन लगभग 1000 गेंदों का कड़ा अभ्यास करते हैं।

### 3. योगराज सिंह ने किस अन्य युवा खिलाड़ी का जिक्र किया है?
योगराज सिंह ने अभिषेक शर्मा का भी जिक्र किया जिनकी शैली में उन्हें युवराज सिंह की झलक दिखती है।

### 4. वैभव और युवराज की बल्लेबाजी तकनीक में क्या मुख्य अंतर है?
वैभव छोटी बैकलिफ्ट के साथ खेलते हैं जबकि युवराज सिंह लंबी और ऊंची बैकलिफ्ट का इस्तेमाल किया करते थे।

## प्रेरणा और सबक
वैभव सूर्यवंशी की इस शुरुआती सफलता से युवा एथलीटों और खिलाड़ियों के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं।

- **कड़ी मेहनत का विकल्प नहीं:** प्रतिभा चाहे जितनी भी हो, उसे निखारने के लिए रोजाना हजारों गेंदों का अभ्यास करना अनिवार्य है।

- **कम उम्र में अनुशासन:** किशोरावस्था में ही खेल के प्रति पूर्ण समर्पण और फोकस खिलाड़ी को बड़े स्तर पर पहचान दिला सकता है।

- **अपनी शैली अपनाना:** पारंपरिक तरीकों से हटकर अपनी सुविधानुसार तकनीक ढालना, जैसे छोटी बैकलिफ्ट रखना, सफलता दिला सकता है।

- **वरिष्ठों से सीखना:** अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों की सलाह को मानकर अपनी गलतियों में सुधार करना विकास की गति को तेज करता है।

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