# जिम्बाब्वे पर 9 विकेट की धमाकेदार जीत में चमकीं प्रतिका रावल, तीसरा वनडे शतक जड़कर स्मृति मंधाना की विशिष्ट सूची में बनाई जगह

> सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के नाबाद 100 रनों और गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहले वनडे में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से मात दी।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/zimbabwe-para-9-viketa-ki-dhamakedara-jita-men-chamakin-pratika-rawal-tisara-odi-shataka-jarakara-smriti-mandhana-ki-vishishta-suc-51130 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रतिका रावल, स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, भारत बनाम जिम्बाब्वे, श्री चरणी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 23 अक्टूबर को खेले गए सीरीज के पहले एकदिवसीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर शानदार आगाज किया। इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम की जीत की मुख्य सूत्रधार सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल रहीं, जिन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा वनडे शतक पूरा किया। जिम्बाब्वे की पूरी टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 197 रनों पर ढेर हो गई थी, जिसे भारतीय टीम ने महज 27 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर बेहद आसानी से हासिल कर लिया। इस दमदार जीत के साथ भारतीय टीम ने बहुपक्षीय सीरीज में 1,0 की महत्वपूर्ण बढ़त अपने नाम कर ली है।

## स्मृति मंधाना के विशिष्ट क्लब में शामिल हुईं प्रतिका रावल
इस शतकीय पारी के दम पर प्रतिका रावल ने एक बड़ा व्यक्तिगत कीर्तिमान भी अपने नाम दर्ज करा लिया। भारतीय महिला एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड स्मृति मंधाना के नाम दर्ज है, जिन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए कुल 14 शतक लगाए हैं। अब प्रतिका रावल अपने करियर का तीसरा वनडे शतक पूरा करके स्मृति मंधाना की इस बेहद खास सूची में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय ओपनर बन गई हैं।

भारतीय महिला वनडे क्रिकेट में अब तक केवल स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ही ऐसी दो बल्लेबाज हैं जिनके नाम बतौर सलामी बल्लेबाज 3 या उससे अधिक शतक दर्ज हैं। भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज, पूनम राउत, तिरुष कामिनी और जया शर्मा जैसी दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने वनडे करियर में बतौर ओपनर 2,2 शतक लगाए हैं। प्रतिका ने इन सभी पूर्व दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए यह मील का पत्थर हासिल किया है।

## स्मृति और शेफाली की आतिशी पारियों से आसान हुई राह
मुकाबले में जीत के लिए मिले 198 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल की जोड़ी ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ कुछ ही ओवरों में 94 रनों की तेज साझेदारी बना डाली। कप्तान मंधाना ने क्रीज पर आते ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और सिर्फ 34 गेंदों पर 62 रनों की तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। मंधाना के पवेलियन लौटने के बाद बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर उतरीं शेफाली वर्मा ने भी उसी आक्रामक अंदाज को जारी रखा।

शेफाली वर्मा ने मैदान पर उतरते ही बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और मात्र 33 गेंदों पर नाबाद 64 रन ठोक दिए। उनकी इस तेजतर्रार पारी में 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। दूसरे छोर पर टिककर खेल रहीं प्रतिका रावल ने अपनी पारी को बड़ी कुशलता से आगे बढ़ाया। प्रतिका ने 96 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौकों की मदद से नाबाद 100 रनों की यादगार शतकीय पारी खेली। प्रतिका और शेफाली के बीच दूसरे विकेट के लिए 106 रनों की अटूट साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत भारत ने 27 ओवरों में 1 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

## श्री चरणी और क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी
बल्लेबाजों के चमकने से पहले भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह बेपटरी कर दिया था। टॉस हारकर या पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के आगे 197 रनों पर सिमट गई। भारत की तरफ से बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। श्री चरणी ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए महज 23 रन खर्च किए और जिम्बाब्वे के 4 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।

श्री चरणी के अलावा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने भी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और 3 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। जिम्बाब्वे की पूरी पारी में सिर्फ बिलव्ड बीजा ही भारतीय गेंदबाजों का डटकर मुकाबला कर सकीं। बिलव्ड बीजा ने 62 रनों की संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से किसी अन्य बल्लेबाज का सहारा न मिलने की वजह से पूरी टीम 197 के स्कोर पर ही सिमट गई।

## इसका आप पर असर
इस एकतरफा जीत से भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी गहराई और युवा खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास का सीधा प्रमाण मिलता है।

- **क्रिकेट प्रेमियों के लिए:** भारतीय शीर्ष क्रम की तूफानी फॉर्म यह दर्शाती है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टीम इंडिया बड़े लक्ष्यों को आसानी से हासिल करने में पूरी तरह सक्षम है। महिला क्रिकेट के प्रशंसकों को अब और अधिक आक्रामक तथा परिणामोन्मुख खेल देखने को मिलेगा।
- **टीम संरचना पर प्रभाव:** प्रतिका रावल का लगातार रन बनाना टीम प्रबंधन को शीर्ष क्रम में एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प प्रदान करता है। इससे मध्यक्रम की प्रमुख बल्लेबाजों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और टीम बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी कर सकेगी।
- **युवा प्रतिभाओं को प्रेरणा:** श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसी उभरती गेंदबाजों का मैच विजयी प्रदर्शन घरेलू स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। यह भारतीय महिला क्रिकेट के बेंच स्ट्रेंथ की मजबूती को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
- **सीरीज के समीकरण:** पहले मुकाबले में 9 विकेट की भारी जीत से भारतीय टीम ने सीरीज में 1,0 की बढ़त ले ली है। जिम्बाब्वे पर मानसिक दबाव बढ़ गया है, जिससे बाकी मुकाबलों में भारत की स्थिति बेहद मजबूत रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम की इस एकतरफा जीत के पीछे संतुलित गेंदबाजी आक्रमण और शीर्ष क्रम की आक्रामक बल्लेबाजी मुख्य कारण रही।

- **गेंदबाजी का कड़ा नियंत्रण:** बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने महज 23 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जिसने जिम्बाब्वे के मध्यक्रम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। क्रांति गौड़ ने भी 3 विकेट लेकर विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
- **जिम्बाब्वे की साझेदारियों का अभाव:** बिलव्ड बीजा के 62 रनों के संघर्ष को छोड़कर जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। नियमित अंतरालों पर विकेट गिरने के कारण मेजबान टीम केवल 197 रन ही बना सकी।
- **ओपनिंग साझेदारी की आक्रामकता:** स्मृति मंधाना ने 34 गेंदों पर 62 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने का पूरा दबाव खत्म कर दिया। इसके बाद प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने बिना किसी जोखिम के तेजी से रन बनाकर मैच एकतरफा कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रतिका रावल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ कितने रन बनाए?
प्रतिका रावल ने 96 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौकों की मदद से नाबाद 100 रनों की शतकीय पारी खेली।

### 2. भारत ने यह मुकाबला कितने विकेट और कितने ओवर में जीता?
भारतीय टीम ने 198 रनों का लक्ष्य 27 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर हासिल कर 9 विकेट से मैच जीता।

### 3. भारतीय ओपनर के तौर पर 3 या अधिक वनडे शतक लगाने वाले खिलाड़ी कौन हैं?
भारतीय महिला क्रिकेट में बतौर ओपनर 3 या उससे अधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड केवल स्मृति मंधाना (14 शतक) और प्रतिका रावल (3 शतक) के नाम है।

### 4. भारत की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज कौन रहीं?
बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 23 रन देकर 4 विकेट हासिल किए।

### 5. शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना का इस मैच में क्या स्कोर रहा?
स्मृति मंधाना ने 34 गेंदों पर 62 रन बनाए, जबकि तीसरे नंबर पर उतरीं शेफाली वर्मा ने 33 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की तेज पारी खेली।

## प्रेरणा और सबक
प्रतिका रावल की यह पारी दृढ़ संकल्प, धैर्य और बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित करने की बेहतरीन सीख देती है।

- **अवसर को भुनाना:** प्रतिका रावल ने शीर्ष क्रम में मिले मौके को दोनों हाथों से लपका और अपनी पारी को शतक में तब्दील किया। यह सिखाता है कि जब भी जिम्मेदारी मिले, पूरी तैयारी और एकाग्रता के साथ उसका सामना करना चाहिए।
- **संतुलित खेल शैली:** एक छोर पर तेजी से रन बन रहे थे, लेकिन प्रतिका ने 96 गेंदों में 15 चौकों की मदद से अपना स्वाभाविक खेल बनाए रखा। दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी ताकत पर भरोसा करना ही लंबी सफलता की कुंजी है।
- **दिग्गजों की बराबरी:** केवल तीन शतकों के साथ स्मृति मंधाना जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि निरंतरता किसी भी क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है।

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