अहमदाबाद में बम की धमकी के पीछे पाकिस्तान और बांग्लादेश का हाथ, दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट पर भी थी साजिश अहमदाबाद के 19 प्रमुख ठिकानों को बम से उड़ाने की हालिया धमकियों की जांच में पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े लिंक सामने आए हैं, जिसमें नरेंद्र मोदी स्टेडियम और कई स्कूल शामिल हैं। अहमदाबाद शहर में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहना पड़ रहा है क्योंकि कई अहम स्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां लगातार मिल रही हैं। इस बार की जांच के दायरे में केवल शैक्षणिक संस्थान या प्रशासनिक कार्यालय ही नहीं आए, बल्कि देश का प्रतिष्ठित नरेंद्र मोदी स्टेडियम भी शामिल है। साइबर और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल से यह स्पष्ट हो गया है कि इन धमकियों के तार सीधे तौर पर पड़ोसी देशों यानी पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं। जिन डिजिटल खातों के जरिए यह संदेश प्रसारित किए गए थे, वे उन्हीं क्षेत्रों से संचालित हो रहे थे, जिसके बाद अब पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की कवायद तेज कर दी गई है। ईमेल में 19 जगहों और स्टेडियम को बनाया गया निशाना गत 27 अक्टूबर को प्रशासन को एक धमकी भरा इलेक्ट्रॉनिक संदेश प्राप्त हुआ था जिसमें कुल 19 स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। इस सूची में चौदह शैक्षणिक संस्थान, विभिन्न सरकारी कार्यालय, न्यायिक परिसर और नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम प्रमुखता से दर्ज था। इस संदेश में प्रतिबंधित खालिस्तान का भी उल्लेख किया गया था और विशेष रूप से आगाह किया गया था कि लोग 21 नवंबर को होने वाले प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम में शामिल होने से बचें। तकनीकी विश्लेषण के बाद यह बात सामने आई कि जिन जीमेल खातों से यह धमकियां भेजी गईं, वे मूल रूप से बांग्लादेश के रंगपुर और पाकिस्तान के लाहौर से चलाए जा रहे थे। अक्टूबर महीने में पहले भी आ चुकी हैं ऐसी धमकियां इस घटना से कुछ हफ्ते पहले यानी 7 अक्टूबर को भी लगभग इसी प्रकार की चेतावनी दी गई थी जिसमें सोलह प्रमुख ठिकानों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। उस मामले में दो अलग-अलग ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते हुए दस स्कूलों के साथ-साथ गुजरात हाईकोर्ट, शहर की अन्य अदालतें और नरेंद्र मोदी स्टेडियम को संकट में डालने की बात कही गई थी। उस संदेश में 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले आयोजन के अलावा 21 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित होने वाले दिलजीत दोसांझ के शो में धमाका करने की चेतावनी शामिल थी। जब उस प्रकरण की तकनीकी जांच की गई थी, तब भी वे खाते बांग्लादेश और पाकिस्तान के रावलपिंडी से संचालित होने के अकाट्य प्रमाण मिले थे। हैक किए गए जीमेल खातों की खरीद-फरोख्त का खुलासा इस पूरे षड्यंत्र की जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला पहलू इलेक्ट्रॉनिक खातों की अवैध खरीद और बिक्री का सामने आया है। इस तरह के मामलों की कड़ियों को जोड़ते हुए गुजरात पुलिस ने पूर्व में पश्चिम बंगाल से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था। पुलिस की पूछताछ और तफ्तीश के अनुसार, उस संदिग्ध ने पहले कुछ जीमेल खाते हैक किए और उन्हें बांग्लादेश के एक नागरिक को बेच दिया था। इसके बाद उस बांग्लादेशी व्यक्ति ने वे सभी खाते क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पाकिस्तान के एक अन्य व्यक्ति को आगे बेच दिए। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि पाकिस्तान स्थित असामाजिक तत्व देश के प्रमुख त्योहारों और बड़े आयोजनों से ठीक पहले इस तरह की फर्जी धमकियां भेजकर आम जनमानस में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। इसका आप पर असर अहमदाबाद और देश भर के सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी को रोका जा सके। • राष्ट्रीय स्तर पर: देश के सभी बड़े स्टेडियमों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। खुफिया एजेंसियां बड़े आयोजनों से पहले साइबर गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। • अहमदाबाद में: स्थानीय निवासियों और छात्रों को शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा जांच और पुलिस पहरे के बीच चलना पड़ रहा है। आगामी संगीत कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान दर्शकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। ऐसा क्यों हुआ जांच एजेंसियों के अनुसार, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के समय डर का माहौल पैदा करने के लिए सुनियोजित तरीके से ये धमकियां भेजी जा रही हैं। • खातों की खरीद-फरोख्त: हैक किए गए जीमेल खातों को पश्चिम बंगाल से खरीदकर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऑपरेटरों को बेचा गया था। • अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: प्रारंभिक तकनीकी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि लाहौर, रावलपिंडी और रंगपुर से इन फर्जी संदेशों को संचालित किया जा रहा था। • पूर्व की घटनाएं: गत 7 अक्टूबर को भी इसी तरह के ईमेल भेजे गए थे, जिससे यह साबित होता है कि यह एक सुनियोजित और बार-बार दोहराई जाने वाली साजिश का हिस्सा है। सवाल-जवाब 1. अहमदाबाद में किन स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी? धमकी भरे ईमेल में 14 स्कूलों, सरकारी दफ्तरों, अदालतों और नरेंद्र मोदी स्टेडियम सहित कुल 19 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। 2. यह धमकी भरा ईमेल कब भेजा गया था? यह धमकी भरा ईमेल 27 अक्टूबर को भेजा गया था, जिसमें 21 नवंबर के कार्यक्रम का भी जिक्र था। 3. धमकी भरे ईमेल के तार किन देशों से जुड़े हैं? शुरुआती जांच में इन ईमेल खातों के संचालन के संबंध पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। 4. किस कलाकार के शो को निशाना बनाने की बात कही गई थी? ईमेल में 21 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले सिंगर दिलजीत दोसांझ के शो में न जाने की चेतावनी दी गई थी। 5. पुलिस ने इस मामले में पहले कहां से गिरफ्तारी की थी? गुजरात पुलिस ने इससे पहले इस तरह के मामलों में पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। https://trendkia.com/crime/ahamadabada-men-bama-ki-dhamaki-ke-pichhe-pakistana-aura-bangladesha-ka-hatha-dilajita-dosanjha-ke-konsarta-para-bhi-thi-sajisha-52640 TrendKia — Har trend, sabse pehle.