अजमेर में डॉक्टर पर आईसीयू में भर्ती बच्चे की मां से अभद्रता का आरोप, अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में निमोनिया पीड़ित बच्चे की मां से रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा अभद्रता और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। कार्रवाई न होने पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड करने की अनुशंसा भेजी गई है। अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां निमोनिया से पीड़ित बच्चे की देखभाल के लिए मौजूद महिला अटेंडेंट के साथ एक रेजिडेंट डॉक्टर पर अभद्रता और अश्लील हरकत करने के आरोप लगे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों ने उचित कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दवा के बहाने महिला को बाहर बुलाने का आरोप परिजनों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उनका बच्चा निमोनिया की बीमारी से जूझ रहा था और उसे अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था। बच्चे की मां उसकी देखभाल के लिए अस्पताल में ही मौजूद थी। आरोप है कि सुबह करीब 9 बजे रेजिडेंट डॉक्टर शुभम ने महिला को यह कहकर कमरे से बाहर आने को कहा कि बच्चे को दवा देनी है। जैसे ही महिला बाहर आई, डॉक्टर ने उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत और दुर्व्यवहार किया। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई न होने पर भड़के परिजन घटना के तुरंत बाद सुबह करीब 9 बजे ही महिला और उसके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के पास इसकी शिकायत दर्ज करा दी थी। हालांकि, परिजनों का यह भी आरोप है कि शुरुआती शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों ने काफी समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस ढुलमुल रवैये से आक्रोशित होकर परिजनों ने दोपहर करीब 2 बजे वार्ड के बाहर इकट्ठा होकर जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बनाई तीन सदस्यीय जांच कमेटी हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी अस्पताल बुलाया गया। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासन ने डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. कल्पना अग्रवाल और डॉ. बीना ठाड़ा को शामिल करते हुए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। घटना के बाद आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर मौके से फरार हो गया था। सस्पेंशन के लिए भेजी गई अनुशंसा हंगामे के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे के कक्ष में प्रशासन, पुलिस और परिजनों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस बैठक के दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने की कोशिश करने और उन्हें धमकाने का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। अस्पताल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि हालांकि जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच के आधार पर रेजिडेंट डॉक्टर शुभम को दोषी मान लिया गया है और उसके निलंबन के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा भेज दी गई है। वहीं, परिजन इस मामले में पुलिस में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसका आप पर असर यह घटना स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के तीमारदारों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है। - भारत में: सरकारी और निजी अस्पतालों में महिला तीमारदारों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। - अजमेर में: स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों के बीच स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति विश्वास और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस अस्पताल में हुई? यह घटना अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में हुई। 2. बच्चा किस बीमारी के इलाज के लिए भर्ती था? बच्चा निमोनिया से पीड़ित था और उसे पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 3. आरोपी डॉक्टर का क्या नाम है? आरोपी का नाम रेजिडेंट डॉक्टर शुभम है। 4. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए क्या कदम उठाया? अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया और प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी डॉक्टर के सस्पेंशन की अनुशंसा भेजी है। https://trendkia.com/crime/ajamera-men-doktara-para-icu-men-bharti-bachche-ki-man-se-abhadrata-ka-aropa-aspatala-ke-bahara-jamakara-hngama-20462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.