# अजमेर के सीआरपीएफ परिसर में एसआई भर्ती शारीरिक परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, बीमार बताकर बहन को भेजा

> अजमेर में एसआई और पीटीआई भर्ती परीक्षा 2026 के शारीरिक टेस्ट के दौरान एक अभ्यर्थी की जगह उसकी बहन परीक्षा देने पहुंच गई। फोटो और रिकॉर्ड का मिलान न होने पर मामले का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद अलवर गेट थाने में केस दर्ज किया गया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/ajmer-ke-crpf-parisara-men-si-bharti-sharirika-pariksha-men-bara-pharjivara-bimara-batakara-munni-ne-bahana-ko-bheja-20149 · **Language:** Hindi
**Tags:** अजमेर पुलिस, एसआई भर्ती परीक्षा, पीटीआई भर्ती, अलवर गेट थाना, सीआरपीएफ परिसर, फर्जीवाड़ा

राजस्थान के अजमेर शहर में आयोजित सब इंस्पेक्टर और पीटीआई भर्ती परीक्षा 2026 के शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी के शामिल होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीआरपीएफ परिसर में चल रही इस परीक्षा प्रक्रिया के दौरान 4 अगस्त को एक वास्तविक महिला अभ्यर्थी की जगह उसकी बहन परीक्षा देने पहुंच गई। बायोमेट्रिक और फोटो सत्यापन की कड़ी जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को शक हुआ, जिसके बाद जब रिकॉर्ड का मिलान किया गया तो पहचान संबंधी विसंगति पकड़ में आई। इस मामले का खुलासा होते ही परीक्षा स्थल पर हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

## फोटो और पहचान के मिलान से बेनकाब हुई साजिश
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार अजमेर स्थित सीआरपीएफ केंद्र पर 3 अगस्त से 11 अगस्त तक एसआई और पीटीआई भर्ती के लिए सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांच परीक्षा का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान 4 अगस्त को मुन्नी नाम की एक अभ्यर्थी ने खुद के अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए अपनी जगह अपनी बहन को शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए भेज दिया। जब फर्जी अभ्यर्थी केंद्र में प्रवेश करके प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास कर रही थी, तब वहां तैनात अधिकारियों द्वारा सभी अभ्यर्थियों के पहचान पत्र और दस्तावेजों का गहन मिलान किया जा रहा था।

सत्यापन की इसी प्रक्रिया के दौरान जब मुन्नी के नाम से उपस्थित हुई महिला का फोटो और पहचान संबंधी अन्य विवरण सिस्टम रिकॉर्ड से मिलाया गया, तो वे आपस में मेल नहीं खाए। रिकॉर्ड में दर्ज चेहरे और सामने मौजूद महिला के चेहरे में स्पष्ट अंतर नजर आया। अधिकारियों ने जब सख्ती से पूछताछ शुरू की और दस्तावेजों को खंगाला, तो यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि परीक्षा देने आई महिला वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है। इसके तुरंत बाद अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को इस जालसाजी की सूचना दी और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

## अलवर गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत
प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत मिलने के बाद अजमेर के अलवर गेट थाना पुलिस ने औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। अलवर गेट थाने के एएसआई राकेश कुमार ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि भर्ती परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर किसी अन्य महिला के शामिल होने का प्रयास करने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच शुरू कर दी है।

एएसआई राकेश कुमार ने जानकारी दी कि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों के शारीरिक कौशल को परखने के लिए सीआरपीएफ परिसर में इस परीक्षा का खाका तैयार किया गया था। 3 अगस्त से शुरू हुई यह प्रक्रिया 11 अगस्त तक निर्धारित थी। 4 अगस्त को हुए इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद पुलिस अब परीक्षा केंद्र पर उस दिन की सभी गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर आगे की कड़ियां जोड़ रही है।

## षड्यंत्र की कड़ियों को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारी इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि आखिर इस पूरे फर्जीवाड़े का ताना-बाना किस तरह बुना गया था। एएसआई राकेश कुमार के अनुसार जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि बीमार होने का बहाना बनाकर अभ्यर्थी की जगह उसकी बहन को भेजने की योजना कब और किसके दिमाग में आई। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि वह फर्जी महिला अभ्यर्थी केंद्र के भीतर किन-किन चरणों या टेस्ट प्रक्रियाओं तक पहुंचने में कामयाब रही थी।

जांच प्रक्रिया के तहत पुलिस अब वास्तविक अभ्यर्थी मुन्नी, परीक्षा स्थल पर पहुंची उसकी बहन और इस फर्जीवाड़े में मददगार रहे अन्य संभावित लोगों के दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र के आधिकारिक रिकॉर्ड, अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के समय जमा कराए गए मूल दस्तावेज और पहचान पत्रों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद इस साजिश में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ विधि अनुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सख्त बायोमेट्रिक और फोटो सत्यापन प्रक्रिया से फर्जीवाड़े पर लगाम लग रही है और योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित हो रहा है।
- **राजस्थान में:** एसआई और पीटीआई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. अजमेर में एसआई भर्ती परीक्षा में क्या फर्जीवाड़ा हुआ?
मुन्नी नाम की अभ्यर्थी ने खुद को बीमार बताकर 4 अगस्त को अपनी जगह अपनी बहन को शारीरिक दक्षता परीक्षा देने भेज दिया था।

### 2. यह मामला किस परीक्षा केंद्र और किन तारीखों के दौरान सामने आया?
यह मामला अजमेर के सीआरपीएफ परिसर में 3 अगस्त से 11 अगस्त तक आयोजित एसआई और पीटीआई भर्ती 2026 की शारीरिक परीक्षा के दौरान आया।

### 3. फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र पर कैसे पकड़ा गया?
दस्तावेजों और पहचान पत्र की जांच के दौरान महिला का चेहरा और विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड व फोटो से मैच नहीं हुआ, जिससे पोल खुल गई।

### 4. मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
प्रशासन की शिकायत पर अलवर गेट थाना पुलिस ने एएसआई राकेश कुमार के नेतृत्व में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

### 5. पुलिस जांच में किन मुख्य बिंदुओं का पता लगाया जा रहा है?
पुलिस फर्जी अभ्यर्थी की पहचान, साजिश की योजना बनाने वालों और फर्जी अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में किस स्तर तक शामिल हुई, इसकी जांच कर रही है।

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