# अक्षयपात्र मंदिर के पास बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से हुई 41.70 लाख की लूट सुलझी, 22 वर्षीय युवती गिरफ्तार

> जयपुर के रामनगरिया इलाके में हथियार की नोक पर कैश कर्मचारियों से लूटे गए 41.70 लाख रुपये के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर एक युवती को गिरफ्तार कर 26.80 लाख रुपये बरामद किए हैं।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/akshayapatra-mandir-ke-paas-bank-of-india-ke-atm-se-hui-41-70-lakh-ki-loot-suljhi-22-varshiya-yuvati-giraftaar-33889 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर क्राइम, एटीएम लूट, बैंक ऑफ इंडिया, जयपुर पुलिस, अक्षयपात्र मंदिर, रामनगरिया थाना, करौली

राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र स्थित अक्षयपात्र मंदिर के पास बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से कैश ले जा रहे कर्मचारियों से हुई 41.70 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात के महज 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अशु कुमारी जाटव नाम की 22 वर्षीय युवती को हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवती के किराए के कमरे की तलाशी लेने पर एक सूटकेस से लूटी गई कुल रकम में से 26.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई है। पुलिस की प्राथमिक तफ्तीश में सामने आया है कि इस पूरी डकैती को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने बाकायदा एटीएम पर कैश वैन के आने, रकम के लोड होने और कर्मचारियों के आने-जाने के सटीक समय की गोपनीय जानकारी जुटाई थी। इस मामले में बैंक के ही एक कर्मचारी की संलिप्तता भी गहरे संदेह के घेरे में आ गई है, जिसके जरिए लुटेरों तक नकदी की आवाजाही का खुफिया ब्योरा पहुंचने की आशंका जताई गई है।

## हथियार की नोक पर दिया गया था वारदात को अंजाम
यह पूरी घटना 14 सितंबर को उस वक्त घटी जब बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम बूथ में नकदी भरने और निकालने का काम निपटाकर कर्मचारी बाहर की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार बदमाश अचानक वहां आ धमके और उन्होंने कर्मचारियों को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देकर कैश से भरा बैग छीन लिया, जिसमें करीब 41.70 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी रखी हुई थी। वारदात को पलक झपकते ही अंजाम देने के बाद दोनों बाइक सवार लुटेरे मौके से तेजी से भाग निकले। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस बड़ी लूट से पूरे शहर में हड़कंप मच गया, जिसके बाद जयपुर पूर्व के पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा के निर्देशन में कई विशेष जांच टीमों का गठन किया गया और लुटेरों के भागने की दिशा में फौरन नाकाबंदी करवा दी गई।

## 1000 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और रूट मैप से मिला सुराग
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस की तकनीकी और फील्ड टीमों ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे कैमरों के फुटेज जुटाने शुरू किए। तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए जांच अधिकारियों ने घटनास्थल से लेकर शहर के बाहर जाने वाले तमाम संभावित रास्तों पर लगे करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को गहराई से खंगाला। इन फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने बदमाशों के आने और जाने का एक पूरा रूट मैप तैयार किया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना के ठीक पहले और बाद में वहां मौजूद सभी वाहनों के नंबरों और आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की हरकतों का बारीकी से मिलान किया। इसी डिजिटल छानबीन के बीच पुलिस की नजर एक 22 वर्षीय युवती पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां एटीएम के आसपास लगातार बेहद असामान्य और संदिग्ध दिखाई दे रही थीं। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम यानी डीएसटी ने उस युवती की पहचान अशु कुमारी जाटव के रूप में करते हुए उस पर गोपनीय निगरानी रखी और पुख्ता सबूत जुटाने के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

## बॉयफ्रेंड और साथियों के साथ मिलकर रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए स्पष्ट किया कि अशु कुमारी जाटव ने अपने बॉयफ्रेंड मस्तराम मीणा और उसके दो अन्य साथियों पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी तथा सुमित जंगम के साथ मिलकर इस लूट की सुनियोजित रूपरेखा तैयार की थी। इन सभी आरोपियों को इस बात की पहले से पुख्ता जानकारी थी कि अक्षयपात्र मंदिर के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया के इस एटीएम में नियमित रूप से भारी मात्रा में कैश डाला जाता है। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि एक बैंक कर्मचारी ने कथित तौर पर इस गिरोह को नकदी आने के समय और कर्मचारियों के वहां पहुंचने की आंतरिक सूचनाएं लीक की थीं। इस जानकारी की पुष्टि करने के लिए वारदात से ठीक एक दिन पहले अशु कुमारी जाटव को एटीएम बूथ की भौगोलिक स्थिति, आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और रास्तों का मुआयना करने के लिए भेजा गया था, जहां उसने बाकायदा पूरी रेकी की थी।

## वारदात के दिन युवती ने दी थी मुखबिरी, बाइक से कार में शिफ्ट हुआ कैश
14 सितंबर को वारदात वाले दिन भी अशु कुमारी जाटव सुबह से ही एटीएम के इर्द-गिर्द सामान्य रूप से टहलते हुए मौजूद रही। जैसे ही बैंक कर्मचारी कैश से भरा बैग लेकर एटीएम से बाहर निकले, उसने तुरंत अपने फोन के जरिए पास में घात लगाकर खड़े अपने साथियों को अलर्ट संदेश भेज दिया। सूचना मिलते ही बाइक पर सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और बंदूक दिखाकर बैग लूटकर फरार हो गए। लूट पूरी होते ही युवती भी चुपचाप भीड़ का फायदा उठाकर पैदल ही वहां से निकल गई। साजिश के तहत दो बदमाशों ने लूट के लिए तेज रफ्तार बाइक का इस्तेमाल किया था, जबकि उनका एक अन्य साथी वारदात स्थल से कुछ दूरी पर एक कार लेकर पहले से तैयार खड़ा था। मुख्य मार्ग पर पुलिस की नाकाबंदी और पीछा करने वाली गश्ती गाड़ियों से बचने के लिए बदमाशों ने बाइक से लूटे गए बैग को तुरंत उस कार में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचे और लूटी गई 41.70 लाख रुपये की रकम को आपस में बांट लिया।

## कमरे से 26.80 लाख रुपये बरामद, बाकी रकम और आरोपियों की तलाश जारी
अशु कुमारी जाटव से सख्ती से की गई पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने उसके किराए के कमरे पर छापा मारा। कमरे की तलाशी के दौरान वहां छिपाकर रखे गए एक सूटकेस से 26.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपी मस्तराम मीणा, पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जंगम मूल रूप से करौली जिले के रहने वाले हैं। इन तीनों की गिरफ्तारी और बची हुई करीब 14.90 लाख रुपये की रकम की बरामदगी के लिए पुलिस की कई टीमें करौली और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

## भारी कर्ज चुकाने के लिए रची गई थी लूट, बैंक कर्मी की भूमिका की जांच
पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों पर काफी भारी कर्ज चढ़ा हुआ था, जिसे जल्द से जल्द चुकाने के लिए उन्होंने एटीएम लूटने का यह खतरनाक षड्यंत्र रचा था। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि रकम का बंटवारा किस अनुपात में तय हुआ था और वारदात के बाद आरोपियों की आगे कहां फरारी काटने की योजना थी। इसके साथ ही बैंक कर्मचारी की भूमिका की भी अत्यंत बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारी यह पुख्ता करने में जुटे हैं कि बैंक कर्मचारी ने केवल वित्तीय लालच में आकर गुप्त सूचनाएं साझा की थीं या वह साजिश के अन्य पहलुओं में भी पूरी तरह शामिल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि करौली के तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही बैंक कर्मी की संलिप्तता और पूरी साजिश की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

## इसका आप पर असर
इस घटना और पुलिस खुलासे से बैंक सुरक्षा और एटीएम संचालन से जुड़े नियमों पर व्यापक असर पड़ेगा।

- **भारत में:** देशभर में कैश मैनेजमेंट कंपनियों और बैंकों को एटीएम कैश वैन और कर्मचारियों की आवाजाही से जुड़ी आंतरिक सूचनाओं की सुरक्षा सख्त करने के निर्देश मिल सकते हैं। इससे नकदी ले जाने वाले कर्मियों के लिए आधुनिक हथियार और पुख्ता सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य किए जाएंगे।
- **जयपुर में:** जयपुर कमिश्नरेट के संवेदनशील और बाहरी इलाकों में स्थित एटीएम बूथों के आसपास पुलिस गश्त और नाकाबंदी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा स्थानीय बैंकों में तैनात कर्मचारियों और आउटसोर्स सुरक्षा कर्मियों के पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
- **आम नागरिकों के लिए:** किसी भी एटीएम या बैंक के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों या लंबे समय तक खड़े रहने वाले वाहनों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सतर्कता बढ़ेगी। लोग किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
- **बैंक सुरक्षा ऑडिट:** वित्तीय संस्थानों को अपने कर्मचारियों द्वारा गोपनीय डेटा साझा किए जाने से रोकने के लिए डिजिटल लॉग और आंतरिक निगरानी प्रणाली को और अधिक चाक-चौबंद करना होगा। इससे बैंकों में आंतरिक सूचना लीक होने की संभावनाओं को रोका जा सकेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह लूट बैंक के एक कर्मचारी द्वारा लीक की गई गोपनीय सूचनाओं और आरोपियों पर चढ़े कर्ज के दबाव के चलते सुनियोजित तरीके से की गई।

- **सीधे तौर पर कारण:** आरोपियों पर काफी भारी वित्तीय कर्ज था, जिसे चुकता करने के लिए उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को निशाना बनाने की साजिश रची। नकदी संकट दूर करने के लिए गिरोह ने हथियारों का सहारा लेकर कर्मचारियों को बंधक बनाया।
- **गोपनीय सूचनाओं का लीक होना:** बैंक के एक संदिग्ध कर्मचारी ने कैश आने के सही समय और वैन कर्मियों के आने-जाने का अंदरूनी ब्योरा आरोपियों को दिया था। इसी अंदरूनी खुफिया जानकारी के आधार पर वारदात का दिन और सटीक समय तय किया गया।
- **पहले से की गई रेकी:** वारदात से एक दिन पहले आरोपी युवती ने मौके पर जाकर एटीएम की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी टोह ली थी। इस रेकी ने बदमाशों को भागने के रास्ते और कार में कैश शिफ्ट करने की योजना बनाने में मदद की।
- **आगे की कार्रवाई:** पुलिस अब फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ बैंक कर्मचारी की भूमिका और सूचना लीक करने के वास्तविक माध्यम की तकनीकी जांच कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह लूट की वारदात कहां और किस बैंक के एटीएम पर हुई थी?
यह वारदात जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र स्थित अक्षयपात्र मंदिर के पास बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम बूथ पर हुई थी।

### 2. बदमाशों ने कर्मचारियों से कुल कितने रुपये लूटे थे?
हथियारबंद बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों से कैश से भरा बैग छीना था जिसमें करीब 41.70 लाख रुपये थे।

### 3. पुलिस ने मामले में किसे गिरफ्तार किया है और क्या बरामद हुआ है?
पुलिस ने 22 वर्षीय अशु कुमारी जाटव को गिरफ्तार कर उसके किराए के कमरे में रखे सूटकेस से 26.80 लाख रुपये बरामद किए हैं।

### 4. पुलिस ने लुटेरों का सुराग कैसे लगाया?
पुलिस ने घटनास्थल और भागने के रास्तों पर लगे करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर रूट मैप तैयार किया और संदिग्ध युवती की पहचान की।

### 5. इस मामले में फरार अन्य आरोपी कौन हैं और वे कहां के रहने वाले हैं?
फरार आरोपियों में मस्तराम मीणा, पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जंगम शामिल हैं, जो करौली जिले के रहने वाले हैं।

### 6. वारदात में बैंक कर्मचारी की क्या भूमिका सामने आई है?
जांच में सामने आया है कि बैंक कर्मचारी ने आरोपियों को एटीएम में कैश डाले जाने और कर्मचारियों के आने की गोपनीय सूचना लीक की थी।

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