# असम में पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के दौरान गोलीबारी में होटल हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त घनकांत गोगोई ढेर

> गुवाहाटी के होटल में पांच लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की शिवसागर ले जाते समय पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद मौत हो गई. पुलिस वाहन से उतरकर सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश के दौरान चली गोली में एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं.

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/assam-men-pulisa-hirasata-se-bhagane-ke-prayasa-ke-daurana-golibari-men-hotala-hatyakanda-ka-mukhya-abhiyukta-ghankanta-gogoi-dher-56068 · **Language:** Hindi
**Tags:** घनकांत गोगोई, गुवाहाटी होटल हत्याकांड, असम पुलिस मुठभेड़, शिवसागर, होटल विलास इन, देबाशीष शर्मा

असम के शिवसागर जिले में पुलिस हिरासत के दौरान हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी में घनकांत गोगोई की मौत हो गई है. घनकांत गोगोई गुवाहाटी के एक होटल में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी था. यह घटना उस वक्त घटी जब पुलिस टीम उसे वर्ष 2024 में दर्ज बैंक धोखाधड़ी के एक अन्य पुराने मामले की तफ्तीश के सिलसिले में गुवाहाटी से शिवसागर ले जा रही थी. पुलिस के अनुसार, रास्ते में वाहन रुकवाकर उतरते ही उसने पुलिस अधिकारी का सरकारी हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया.

## शिवसागर के फूलपानिचिगा में वाहन से उतरते ही हुई झड़प
यह मुठभेड़ शिवसागर जिले के फूलपानिचिगा इलाके में घटित हुई. पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया के विवरण के अनुसार, गोगोई को गुवाहाटी सेंट्रल जेल से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शिवसागर लाया जा रहा था. रास्ते में गोगोई ने पुलिसकर्मियों से वाहन को थोड़ी देर के लिए किनारे रोकने का अनुरोध किया ताकि वह नीचे उतर सके. जैसे ही गाड़ी रुकी और वह बाहर आया, उसने अचानक सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा पर हमला कर दिया और उनकी सर्विस पिस्टल छीनने का प्रयास किया. देबाशीष शर्मा उस बैंक धोखाधड़ी मामले के मुख्य जांच अधिकारी भी थे.

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गोगोई पूर्व में प्रशिक्षित निशानेबाज रह चुका था. हथियार छीनने की इसी छीना-झपटी के दौरान अचानक दो से तीन चक्र गोलियां चलीं. इनमें से दो गोलियां सीधे पुलिस की गाड़ी में जाकर लगीं, जबकि एक गोली सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा के सीधे दाहिने पैर में जा धंसी. मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और अपने घायल साथी की जान बचाने के लिए फौरन जवाबी फायरिंग की. इस गोलीबारी में गोगोई को गोलियां लगीं और वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा. पुलिस बल उसे तत्काल नजदीकी चिकित्सालय लेकर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घायल सब-इंस्पेक्टर की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है.

## बोरा सर्विस स्थित होटल विलास इन में 26 अक्टूबर को हुआ था नरसंहार
घनकांत गोगोई पर 26 अक्टूबर की रात गुवाहाटी के बोरा सर्विस क्षेत्र में स्थित होटल विलास इन परिसर में पांच व्यक्तियों को गोलियों से भूनने का संगीन आरोप था. रात लगभग नौ बजे हुई इस भयानक वारदात की जड़ में होटल की लीज और संपत्ति का गहरा विवाद था. गोगोई ने यह वाणिज्यिक संपत्ति भराली परिवार से लीज पर ले रखी थी. दोनों पक्षों के बीच 10 सितंबर 2025 को पांच वर्षों के लिए बाकायदा एक अनुबंध हुआ था, जिसके तहत हर महीने लगभग 1.8 लाख रुपए का किराया तय किया गया था. हालांकि, लीज पर लेने के बाद होटल के नवीनीकरण और निर्माण कार्यों के खर्च को लेकर दोनों पक्षों में गहरा मनमुटाव पैदा हो गया था.

इसी वित्तीय और संपत्ति विवाद के समाधान के लिए 26 अक्टूबर की रात दोनों पक्षों ने बातचीत की एक बैठक आयोजित की थी. बातचीत शुरू होने से पहले ही कहासुनी हो गई और देखते ही देखते माहौल बेहद हिंसक हो गया. गोगोई ने कथित रूप से वहां मौजूद छह लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं. इस भीषण हमले में भूदेव भराली, हेलेना भराली, देबर्षि कश्यप, रिनिका कश्यप और नारायण दास की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि भराली परिवार का वाहन चालक सत्येंद्र पाठक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस खूनी वारदात के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया था.

## बैंक धोखाधड़ी मामले में रिमांड और न्यायालय का घटनाक्रम
होटल हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था. जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 2 नवंबर को पुलिस दल अपराध के पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए उसे वारदात वाले होटल विलास इन भी लेकर गया था. इसके बाद 3 नवंबर को गुवाहाटी की एक अदालत में उसे पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने उसकी सात दिनों की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की मांग रखी. हालांकि अदालत ने अतिरिक्त पुलिस रिमांड की याचिका खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया था.

न्यायिक हिरासत में जाने के तत्काल बाद शिवसागर पुलिस ने वर्ष 2024 में दर्ज एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में उसकी कस्टडी हासिल की. यह मामला पंजाब नेशनल बैंक की शिवसागर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक देबब्रत बरगोहाईं की औपचारिक शिकायत पर दर्ज किया गया था. गोगोई पर आरोप था कि उसने बैंक से कार ऋण लिया था लेकिन उसकी मासिक किस्तों का भुगतान नहीं किया. शिकायत में यह भी दर्ज था कि बकाए की मांग करने पर उसने बैंक प्रबंधक को गंभीर धमकियां भी दी थीं. इसी मामले में पूछताछ के लिए उसे शिवसागर लाया जा रहा था. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि उच्चाधिकारी पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं.

## इसका आप पर असर
इस बड़े घटनाक्रम से असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस हिरासत में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सीधा असर पड़ा है.

- **असम में:** इस घटना के बाद राज्य भर में विचाराधीन कैदियों और गंभीर मामलों के आरोपियों को एक जिले से दूसरे जिले ले जाने के नियमों में सख्ती होगी. संवेदनशील मामलों के आरोपियों के स्थानांतरण के दौरान सुरक्षा बल अब और कड़े सुरक्षा उपाय अपनाएंगे.
- **भारत में:** यह घटना देश भर में पुलिस अभिरक्षा के दौरान आरोपियों के भागने और मुठभेड़ से जुड़ी न्यायिक प्रक्रियाओं की ओर ध्यान खींचती है. ऐसे मामलों में मानवाधिकार और न्यायिक दिशा-निर्देशों के तहत स्वतंत्र जांच की प्रक्रिया अनिवार्य होती है.
- **आम नागरिकों के लिए:** गुवाहाटी के चर्चित हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त के मारे जाने से स्थानीय कारोबारियों में भय का माहौल कुछ कम हो सकता है. हालांकि मामले से जुड़े अन्य पीड़ितों के परिवारों के लिए मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा.
- **वित्तीय संस्थानों के लिए:** बैंक धोखाधड़ी और ऋण वसूली से जुड़े मामलों में अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं उजागर हुई हैं. बैंक शाखाएं अब डिफाल्टरों और धमकी देने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कदम उठाते समय पुलिस सुरक्षा की मांग तेज कर सकती हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश और उस दौरान हुई अचानक हिंसक झड़प के कारण घटित हुई.

- **तत्कालिक कारण:** पुलिस के अनुसार वाहन से बाहर आते ही आरोपी ने सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश की और छीना-झपटी में गोली चलने से अधिकारी घायल हो गए. अपने साथी की रक्षा और आत्मरक्षा में अन्य पुलिसकर्मियों को जवाबी गोलीबारी करनी पड़ी.
- **पृष्ठभूमि और विवाद:** घनकांत गोगोई पर गुवाहाटी के होटल विलास इन में 1.8 लाख रुपये मासिक किराए की लीज और नवीनीकरण खर्च को लेकर हुए विवाद में पांच लोगों की हत्या का आरोप था. वह प्रशिक्षित निशानेबाज था, जिसके कारण पुलिस दल के लिए स्थिति अचानक अत्यधिक खतरनाक हो गई.
- **अन्य मामले में स्थानांतरण:** गुवाहाटी अदालत द्वारा पुलिस रिमांड खारिज किए जाने के बाद उसे शिवसागर में 2024 के बैंक कार लोन धोखाधड़ी मामले में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था. रास्ते में उसने गाड़ी रुकवाने का बहाना बनाकर भागने का मौका तलाशने का प्रयास किया.
- **आगे की कानूनी जांच:** मुठभेड़ में किसी कैदी की मौत के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार घटनास्थल की फॉरेंसिक पड़ताल और परिस्थितियों की प्रशासनिक जांच की जा रही है. उच्च अधिकारी पूरी घटना की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. घनकांत गोगोई की मौत किस स्थान पर और कैसे हुई?
घनकांत गोगोई की मौत असम के शिवसागर जिले के फूलपानिचिगा इलाके में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ और जवाबी गोलीबारी में हुई.

### 2. गोगोई पर 26 अक्टूबर को गुवाहाटी में क्या आरोप लगे थे?
उस पर 26 अक्टूबर की रात गुवाहाटी के होटल विलास इन में संपत्ति विवाद के चलते पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था.

### 3. पुलिस उसे गुवाहाटी से शिवसागर क्यों ले जा रही थी?
शिवसागर पुलिस उसे पंजाब नेशनल बैंक के साथ 2024 में हुई कार लोन धोखाधड़ी और धमकी के एक मामले में पूछताछ के लिए ले जा रही थी.

### 4. इस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिस अधिकारी कौन हैं?
इस झड़प में सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिनकी हालत स्थिर है.

### 5. होटल गोलीकांड में किन लोगों की जान गई थी?
उस गोलीकांड में भूदेव भराली, हेलेना भराली, देबर्षि कश्यप, रिनिका कश्यप और नारायण दास की मौत हुई थी, जबकि चालक सत्येंद्र पाठक घायल हुआ था.

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