# बेंगलुरु में डीआरडीओ से जुड़ी एजेंसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक की संदिग्ध मौत, काम के तनाव का आरोप

> एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के 47 वर्षीय वरिष्ठ वैज्ञानिक शरद कटियार की बेंगलुरु में इमारत से गिरने से मौत हो गई। परिवार ने अत्यधिक कार्यभार और मानसिक दबाव को इसकी वजह बताया है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/bengaluru-mein-drdo-se-judi-agency-ke-senior-scientist-ki-sandigdh-maut-52283 · **Language:** Hindi
**Tags:** डीआरडीओ, बेंगलुरु, वैज्ञानिक, एडीए, मानसिक तनाव, शरद कटियार

देश के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) से जुड़े एक प्रमुख लड़ाकू विमान कार्यक्रम में कार्यरत एक वरिष्ठ वैज्ञानिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से काम के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेंगलुरु की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) में सेवारत 47 वर्षीय शरद कटियार का जीवन एक दुखद हादसे में समाप्त हो गया, जब वह सीगेहल्ली स्थित एक आवासीय इमारत से नीचे गिर गए। इस घटना के बाद से वैज्ञानिक समुदाय और मृतक के परिजनों में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है, क्योंकि परिवार ने सीधे तौर पर पेशेवर मोर्चे पर मिल रहे मानसिक दबाव को इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

## शाम के वक्त हुआ हादसा और अस्पताल में हुई पुष्टि
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 21 अक्टूबर को शाम करीब 7:30 बजे से 8 बजे के बीच हुई। शरद कटियार बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में अपने परिवार के साथ निवास करते थे। घटना के दिन वह अपनी आवासीय इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल के बीच स्थित सीढ़ियों के पास पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने वहां बनी खिड़की से छलांग लगा दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आईं। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

## परिजनों के गंभीर आरोप और इलाज का दावा
मृतक के परिजनों ने पुलिस के समक्ष दिए गए बयानों में दावा किया है कि शरद कटियार पिछले एक महीने से अधिक समय से भारी कार्यभार के कारण गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। परिवार के अनुसार, वह इस समस्या के समाधान के लिए एक निजी अस्पताल में अपना इलाज भी करा रहे थे, जहां डॉक्टरों ने उनमें डिप्रेशन यानी अवसाद के लक्षण पहचाने थे। परिजनों का यह भी आरोप है कि लगातार उपचार और दवाओं के बावजूद उनके ऊपर काम का बोझ कम नहीं हो रहा था। घटना वाले दिन ही वह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) भी गए थे, जहां से उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां दी गई थीं। हालांकि, इन पारिवारिक दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी में शरद कटियार की भूमिका बेहद अहम थी। वह बेंगलुरु स्थित एडीए के प्रोग्रामिंग विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्य कर रहे थे। इसके अलावा, वह देश के बहुप्रचारित हल्के लड़ाकू विमान (LCA) MK2 कार्यक्रम से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। इस पूरे मामले पर एडीए के प्रशासन एवं मानव संसाधन निदेशक कृष्ण राजेंद्र ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि संस्थान को शरद कटियार की किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उनके सहकर्मियों ने भी ऐसी किसी भी समस्या के बारे में अनभिज्ञता जताई है। प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एजेंसी समय-समय पर जागरूकता और तनाव मुक्ति कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।

## पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया
परिवार की ओर से दिए गए बयानों और शिकायतों को आधार बनाते हुए स्थानीय पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु (UDR) की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने मृतक की पत्नी के साथ-साथ उनके माता-पिता के भी विस्तृत बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात की पड़ताल करना है कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते यह दर्दनाक कदम उठाया गया। पुलिस का यह भी कहना है कि फिलहाल काम के दबाव और मौत के बीच सीधे तौर पर कोई पुख्ता कानूनी या वैज्ञानिक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। मामले की संपूर्ण जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम के वास्तविक कारणों पर से पर्दा उठ सकेगा और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

## इसका आप पर असर
इस दुखद घटना ने देश भर के उच्च दबाव वाले कार्यक्षेत्रों और वैज्ञानिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की मानसिक सेहत को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

- **भारत में:** कॉरपोरेट और सरकारी दफ्तरों में काम के अत्यधिक बोझ और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर अब खुलकर बात होने लगी है। यह घटना संस्थानों से मांग करती है कि वे कर्मचारियों के लिए तनाव प्रबंधन और नियमित काउंसलिंग सत्रों को अनिवार्य बनाएं।
- **बेंगलुरु में:** स्थानीय तकनीकी और एयरोस्पेस हब में काम करने वाले पेशेवर इस घटना के बाद अपने कार्यस्थल के माहौल और कामकाजी घंटों पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। सहकर्मियों और प्रबंधन के बीच संवादहीनता को दूर करने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
इस हृदयविदारक घटना के पीछे के कारणों की पुलिस और प्रशासन द्वारा गहराई से जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

- **मानसिक तनाव और कार्यभार:** परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, मृतक वैज्ञानिक पिछले एक महीने से अधिक समय से अत्यधिक काम के दबाव और पेशेवर तनाव का सामना कर रहे थे।
- **चिकित्सकीय उपचार:** परिवार ने पुलिस को बताया कि वह इस अवसाद जैसी समस्या के इलाज के लिए निजी अस्पताल और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) भी गए थे।
- **स्वतंत्र पुष्टि का अभाव:** पुलिस ने स्पष्ट किया है कि काम के भारी दबाव और इस अत्यंत कदम के बीच सीधे संबंध की अभी तक किसी स्वतंत्र या आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 21 अक्टूबर को बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में एक आवासीय इमारत में हुई।

### 2. मृतक वैज्ञानिक किस संस्थान से जुड़े थे?
शरद कटियार बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत थे।

### 3. परिवार ने मौत का क्या कारण बताया है?
परिवार ने पुलिस को बताया कि वह पिछले एक महीने से अधिक समय से काम के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण परेशान थे।

### 4. घटना वाले दिन वह किस संस्थान गए थे?
परिवार के अनुसार, घटना वाले दिन वह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) भी गए थे।

### 5. पुलिस इस मामले में क्या कर रही है?
पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और पत्नी तथा माता-पिता के बयान दर्ज करके सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।

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