बिना लाइसेंस चल रही रिंकू की स्वीट यूनिट पर खाद्य सुरक्षा टीम का ऐक्शन, 200 किलो दूषित मिठाई नष्ट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नीवा कासिम खेड़ा में अवैध रूप से संचालित रिंकू की मिठाई फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा। अधिकारियों ने मौके पर पाई गई 2 क्विंटल दूषित मिठाई नष्ट कराई और 180 लीटर संदिग्ध रिफाइंड तेल सीज किया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चलाई जा रही एक मिठाई निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने नीवा कासिम खेड़ा इलाके में स्थित रिंकू की मिठाई फैक्ट्री पर गुरुवार को अचानक छापा मारा। जांच के दौरान मौके पर भयंकर गंदगी पाई गई और फैक्ट्री बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के चलती हुई मिली। आम जनता के स्वास्थ्य को होने वाले खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया और मानव उपभोग के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त पाई गई 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) दूषित मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। अधिकारियों के अनुसार नष्ट की गई इस मिठाई की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 20,000 रुपये है। रिफाइंड सोयाबीन तेल सीज और लैब भेजे गए सैंपल कार्रवाई के दौरान निरीक्षण टीम को मौके पर रखे रिफाइंड सोयाबीन तेल की गुणवत्ता भी संदिग्ध लगी। सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने की आशंका के चलते खाद्य विभाग ने 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। सीज किए गए इस तेल का कुल मूल्य लगभग 40,860 रुपये आंका गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस अवैध ठिकाने के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम का गठन कर यह अचानक निरीक्षण किया गया था। लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई मिलावटखोरी की गहराई से जांच करने के लिए खाद्य सुरक्षा दल ने परिसर से खाद्य पदार्थों के कई नमूने एकत्र किए। इनमें पेड़ा, एसएमपी (स्किम्ड मिल्क पाउडर), रिफाइंड सोयाबीन तेल और मिठाइयों पर इस्तेमाल होने वाला चांदी का वर्क शामिल है। इन सभी एकत्र नमूनों को विस्तृत रासायनिक विश्लेषण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित आरोपी मिठाई कारोबारी के खिलाफ अदालत में कड़ी कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। इसका आप पर असर लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से त्योहारों और दैनिक उपभोग के दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। • लखनऊ और उत्तर प्रदेश में: स्थानीय निवासियों को खुले या बिना लाइसेंस वाली दुकानों से मिठाई खरीदते समय सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध गुणवत्ता या अनधिकृत कारखाने की शिकायत सीधे खाद्य सुरक्षा विभाग के पोर्टल पर दर्ज कराई जा सकती है। • भारत भर में: बिना लाइसेंस और असुरक्षित माहौल में खाद्य सामग्री बनाने वाले कारोबारियों पर प्रशासनिक निगरानी सख्त होगी। उपभोक्ता पैकेज्ड और लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे। • स्वास्थ्य सुरक्षा: दूषित रिफाइंड तेल और मिलावटी चांदी के वर्क के सेवन से होने वाली बीमारियों से बचाव होगा। भोजन में मिलावट की आशंका होने पर ग्राहक लैब टेस्टिंग की मांग कर सकते हैं। • व्यापारी वर्ग के लिए: सभी मिठाई विक्रेताओं के लिए वैध खाद्य लाइसेंस और स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य हो गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. कहां और किस पर छापा मारा गया? लखनऊ के नीवा कासिम खेड़ा स्थित रिंकू की मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा गया। 2. अधिकारियों ने कितनी मिठाई नष्ट कराई? अधिकारियों ने दूषित पाई गई 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) मिठाई को नष्ट कराया, जिसकी कीमत लगभग 20,000 रुपये थी। 3. छापे के दौरान क्या सीज किया गया? खाद्य टीम ने 180 लीटर संदिग्ध रिफाइंड सोयाबीन तेल सीज किया, जिसकी कीमत करीब 40,860 रुपये है। 4. जांच के लिए कौन-कौन से सैंपल लैब भेजे गए? टीम ने पेड़ा, एसएमपी (स्किम्ड मिल्क पाउडर), रिफाइंड सोयाबीन तेल और चांदी के वर्क के नमूने लैब भेजे हैं। 5. फैक्ट्री संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी मिठाई कारोबारी के खिलाफ अदालत में सख्त कानूनी मामला चलाया जाएगा। https://trendkia.com/crime/bina-laisensa-chala-rahi-rinku-ki-svita-yunita-para-khadya-suraksha-tima-ka-aikshana-200-kilo-dushita-mithai-nashta-23311 TrendKia — Har trend, sabse pehle.