बीकेसी में पीएमओ अधिकारी बनकर घुसने की कोशिश, जाली पहचान पत्र और बंदूक के साथ आरोपी गिरफ्तार, मोदी के दौरे से पहले हड़कंप मुंबई के बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, इनमें एक ने खुद को पीएमओ अधिकारी बताया था और उसका पहचान पत्र फर्जी निकला, जबकि साथी बॉडीगार्ड के पास से बंदूक बरामद हुई। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया था, लेकिन जांच में उसका पहचान पत्र फर्जी निकला। उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास से बंदूक भी बरामद हुई है और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीएमओ अधिकारी बताकर घुसने की कोशिश गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहन पारेख के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक वह 7 सितंबर को फर्जी पहचान पत्र दिखाकर कार्यक्रम स्थल के भीतर दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान मुंबई पुलिस के जवानों की नजर उस पर पड़ी और उसे रोककर पूछताछ की गई। दस्तावेज की बारीकी से जांच करने पर सामने आया कि उसके पास मौजूद पहचान पत्र असली नहीं बल्कि फर्जी था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। दरअसल आज यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं और वहां मौजूद सभा को भी संबोधित करेंगे। इसी बड़े और हाई सिक्योरिटी कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले आरोपी को दबोचा गया, जिसके बाद पूरे इलाके में पुलिस की चौकसी और तेज कर दी गई है। बॉडीगार्ड के पास से मिली बंदूक रोहन पारेख के साथ मौजूद बॉडीगार्ड की तलाशी के दौरान उसके पास से बंदूक बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी की उम्र करीब 24 साल बताई जा रही है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों को ठीक उसी जगह से हिरासत में लिया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम में शामिल होना था। फर्जी दस्तावेज और हथियार के साथ पकड़े जाने के बाद बीकेसी पुलिस थाने में आरोपी और उसके बॉडीगार्ड, दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच कर रही आगे की जांच मामला दर्ज होने के बाद अब इसकी आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र और हथियारबंद बॉडीगार्ड के साथ आखिर किस मकसद से कार्यक्रम स्थल में दाखिल होना चाहता था। पुलिस ने अभी तक यह भी नहीं बताया है कि रोहन पारेख को प्रधानमंत्री कार्यालय की मुहर वाला फर्जी पहचान पत्र आखिर कहां से और कैसे मिला, और यह सवाल भी क्राइम ब्रांच की जांच के केंद्र में है। पीएमओ अधिकारी बनकर घुसने की कोशिश को सुरक्षा एजेंसियां हल्के में नहीं ले रही हैं, क्योंकि यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी वाले कार्यक्रम से ठीक पहले सामने आई है। यही वजह है कि जांच में आरोपी की पूरी पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और फर्जी दस्तावेज बनवाने के तरीके को भी खंगाला जा रहा है। गौरतलब है कि ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 जैसे बड़े आयोजन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए बीकेसी इलाके में पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी, इसी सतर्कता के चलते फर्जी पहचान पत्र के जरिए वेन्यू में घुसने की कोशिश समय रहते पकड़ में आ गई। इसका आप पर असर यह घटना सीधे आम लोगों की जेब से नहीं जुड़ी है, लेकिन वीआईपी कार्यक्रमों की सुरक्षा और उससे जुड़ी असुविधा को लेकर इसका असर व्यापक है। • भारत में: प्रधानमंत्री या बड़े नेताओं के कार्यक्रमों से पहले फर्जी पहचान पत्र से घुसपैठ की कोशिशें सुरक्षा एजेंसियों को चेकिंग और सख्त करने पर मजबूर करती हैं। इसका असर देशभर के हाई-सिक्योरिटी आयोजनों में एंट्री से पहले होने वाली जांच में दिख सकता है। • मुंबई में: बीकेसी इलाके में आज ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है। इस इलाके से गुजरने वाले या कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को अतिरिक्त चेकिंग और यातायात प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। • सतर्कता का संदेश: फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ पकड़े जाने पर तुरंत गिरफ्तारी और केस दर्ज होना यह भी दिखाता है कि सुरक्षा नियमों से छेड़छाड़ करना आसान नहीं है। ऐसा क्यों हुआ पूरा मामला एक दिन पहले हुई एक सामान्य सुरक्षा जांच से शुरू हुआ, जो पुलिस की सतर्कता के चलते एक बड़े खुलासे में बदल गया। • फर्जी दस्तावेज से एंट्री की कोशिश: आरोपी रोहन पारेख 7 सितंबर को फर्जी पहचान पत्र दिखाकर कार्यक्रम स्थल में घुसने का प्रयास कर रहा था, जिससे शक होने पर पुलिस ने उसे रोका। • चेकिंग में खुली पोल: पहचान पत्र की बारीकी से जांच करने पर वह फर्जी पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे और उसके बॉडीगार्ड को हिरासत में ले लिया। • हथियार की मौजूदगी: बॉडीगार्ड के पास से बंदूक मिलना मामले को और गंभीर बनाता है। • मकसद अभी साफ नहीं: आरोपी पीएमओ अधिकारी बनकर आखिर किस इरादे से कार्यक्रम स्थल में दाखिल होना चाहता था, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है और मुंबई क्राइम ब्रांच इसी एंगल से जांच कर रही है। सवाल-जवाब 1. मुंबई में किस जगह से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया? बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से। 2. आरोपी ने खुद को क्या बताया था? उसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बताया था। 3. गिरफ्तार आरोपी का नाम क्या है? रोहन पारेख। 4. आरोपी की उम्र कितनी बताई जा रही है? करीब 24 साल। 5. बॉडीगार्ड के पास से क्या बरामद हुआ? एक बंदूक बरामद हुई। 6. आरोपी ने कब वेन्यू में घुसने की कोशिश की थी? 7 सितंबर को फर्जी पहचान पत्र लेकर। 7. प्रधानमंत्री मोदी मुंबई में किस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं? वे जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन कर रहे हैं। 8. मामले की आगे की जांच अब कौन कर रहा है? मुंबई क्राइम ब्रांच आगे की जांच कर रही है। https://trendkia.com/crime/bkc-men-pmo-adhikari-banakara-ghusane-ki-koshisha-jali-pahachana-patra-aura-bnduka-ke-satha-aropi-giraphtara-modi-ke-daure-se-paha-29534 TrendKia — Har trend, sabse pehle.