बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान के नोटिस पर सुनवाई, क्या देश छोड़ना होगा या मिलेगी कानूनी राहत अभिनेता इमरान खान को विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय की ओर से मिले भारत छोड़ने के नोटिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेता इमरान खान की याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसमें उन्होंने विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO के उस आदेश को चुनौती दी है जिसके तहत उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में अदालत के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि यह कानूनी लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। कानूनी विकल्पों पर अदालत का फैसला न्यायालय के पास इस मामले में कई विकल्प मौजूद हैं। अदालत इस नोटिस को पूरी तरह से रद्द कर सकती है, इस पर कुछ समय के लिए रोक लगा सकती है, या फिर पूरे घटनाक्रम को गहराई से समझने के लिए दोनों पक्षों से अतिरिक्त जानकारी मांग सकती है। आगामी सुनवाई से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अभिनेता को कानूनी मोर्चे पर राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं। विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ पूरा विवाद यह पूरा कानूनी विवाद 10 अक्टूबर से चर्चा में आया जब मुंबई पुलिस ने एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद इमरान को हिरासत में लिया था। इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही थी। हिरासत से बाहर आने के तुरंत बाद अभिनेता को FRRO की तरफ से देश छोड़ने का नोटिस थमा दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की और 19 अक्टूबर को मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। याचिका में नोटिस की वैधता पर सवाल इमरान खान की कानूनी टीम ने अदालत में दलील दी है कि वह अमेरिकी नागरिक हैं और अपनी जिंदगी के शुरुआती दौर यानी दो साल की उम्र से ही भारत में रह रहे हैं। उनकी याचिका में 14 अक्टूबर 2026 को जारी उस निर्देश को चुनौती दी गई है जिसके तहत उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक देश छोड़ना है। अभिनेता का कहना है कि यह आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया था। याचिका के अनुसार, FRRO ने उनसे स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया तब शुरू की जब वह पहले ही अदालत का दरवाजा खटखटा चुके थे। इस तरह बिना पर्याप्त सुनवाई के नोटिस थमाए जाने को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस अद्वैत एम. सेठना की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी, जबकि अभिनेता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड पैरवी करेंगे। राजनीतिक शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई अभिनेता के खिलाफ इस कानूनी कार्रवाई की पृष्ठभूमि एक राजनीतिक शिकायत से जुड़ी है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनके अमेरिकी नागरिक होने का हवाला देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी प्रासंगिक जानकारियां FRRO तक पहुंचाईं, जिसके परिणामस्वरूप अभिनेता को देश छोड़ने का यह नोटिस जारी किया गया। अब अदालत के फैसले से ही यह तय होगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। इसका आप पर असर इस अदालती कार्यवाही से विदेशी नागरिकों से जुड़े प्रशासनिक नियमों और कानूनी अधिकारों पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए कानूनी प्रक्रिया और नोटिस से जुड़े मामलों में अदालतों के रुख पर इसका असर देखा जाएगा। • मुंबई में: स्थानीय स्तर पर इस हाई-प्रोटेक्टेड मामले से जुड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद एक राजनीतिक शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई और उसके बाद आव्रजन अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों के कारण उत्पन्न हुआ है। • शिकायत की शुरुआत: एक राजनीतिक नेता द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद अभिनेता की नागरिकता का मुद्दा उठाया गया। • प्रशासनिक नोटिस: पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय ने देश छोड़ने का आदेश जारी किया। • कानूनी चुनौती: उचित प्रक्रिया का पालन न किए जाने का दावा करते हुए अभिनेता ने इस आदेश को अदालत में चुनौती दी। सवाल-जवाब 1. इमरान खान ने किस अदालत में याचिका दायर की है? उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 2. यह मामला किस कार्यालय के नोटिस से जुड़ा है? यह मामला विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO के नोटिस से जुड़ा है। 3. अदालत में इस मामले की सुनवाई कौन सी पीठ करेगी? इस मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस अद्वैत एम. सेठना की खंडपीठ करेगी। 4. इमरान खान की तरफ से कौन से वकील पैरवी करेंगे? उनकी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड अदालत में दलीलें रखेंगे। https://trendkia.com/crime/bombay-high-court-men-imran-khan-ke-notisa-para-sunavai-kya-desha-chhorana-hoga-ya-milegi-kanuni-rahata-51671 TrendKia — Har trend, sabse pehle.