# बर्नपुर में तीन साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोप में शंकर मंडल पकड़ा गया, केस वापस लेने की धमकी

> आसनसोल के बर्नपुर में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने शंकर मंडल को हिरासत में लिया है, जबकि पीड़ित परिवार ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/burnpur-men-tina-sala-ki-bachchi-se-darindagi-ke-aropa-men-shankar-mondal-pakara-gaya-kesa-vapasa-lene-ki-dhamaki-41850 · **Language:** Hindi
**Tags:** बर्नपुर, आसनसोल, दुष्कर्म का मामला, शंकर मंडल, हीरापुर थाना, दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट

पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर इलाके से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पड़ोस में गई मात्र तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से ही स्थानीय स्तर पर काफी तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है।

## पेट दर्द के बाद सामने आई घटना की सच्चाई
पीड़िता के पिता के अनुसार, बच्ची रोज की तरह पड़ोस के एक घर में खेलने गई थी। वहां से लौटने के कुछ ही देर बाद उसने पेट में असहनीय दर्द की शिकायत की। जब उसकी मां ने उससे दर्द की वजह पूछी और विश्वास में लेकर बात की, तब बच्ची ने रोते हुए आपबीती सुनाई और बताया कि शंकर मंडल ने उसके साथ गलत हरकत की है। मासूम की हालत बिगड़ते देख परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका जरूरी चिकित्सीय उपचार शुरू कराया गया।

## अस्पताल से पुलिस को सूचना और आरोपी की गिरफ्तारी
अस्पताल पहुंचने के बाद बच्ची के पिता ने सीधे पुलिस को इस घटना की पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहराई से वैधानिक जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।

## केस वापस लेने के लिए परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप
इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब बच्ची के परिजनों ने खुले तौर पर धमकी और दबाव का आरोप लगाया। पीड़िता के पिता का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद संजय विश्वकर्मा और गुड्डू रजक नाम के दो व्यक्तियों ने उन पर पुलिस में दी गई लिखित शिकायत वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया। वहीं, बच्ची की मां ने भी अपनी बेटी के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि खेलने के दौरान ही शंकर मंडल ने उसके साथ घिनौना आचरण किया। इसके साथ ही मां ने आरोपी पर इलाके में दबंगई चलाने और कई मकानों पर अवैध रूप से कब्जा करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

## आरोपी पक्ष ने किया दावों का खंडन
दूसरी तरफ, शंकर मंडल के परिजनों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनके परिवार के सदस्यों का दावा है कि शंकर मंडल को जानबूझकर एक साजिश के तहत इस केस में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी कानूनी बिंदुओं, बयानों और चिकित्सकीय रिपोर्टों के आधार पर विस्तृत छानबीन में जुटी हुई है।

## इसका आप पर असर
यह घटना आवासीय क्षेत्रों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और अपराध की शिकायत दर्ज कराने वाले परिवारों को मिलने वाले संरक्षण के विषय में गंभीर सवाल उठाती है।

- **भारत में:** बाल सुरक्षा और पॉक्सो मामलों में त्वरित पुलिस हस्तक्षेप व शिकायतकर्ताओं को गवाह सुरक्षा उपलब्ध कराना अत्यंत जरूरी है। कानूनी नियमों के तहत ऐसे गंभीर अपराधों में पीड़ितों को चिकित्सीय व कानूनी सहायता तुरंत मिलनी चाहिए।
- **आसनसोल में:** बर्नपुर और हीरापुर क्षेत्र के निवासियों में इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल है। पड़ोस में बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी की तुरंत पुलिस को सूचना देने की आवश्यकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना तब घटी जब तीन साल की मासूम बच्ची पड़ोस के एक घर में खेलने गई थी और वहां उसके साथ गलत कृत्य किया गया। इसके बाद अस्पताल में इलाज और पुलिस कार्रवाई के दौरान धमकी देने का घटनाक्रम सामने आया।

- **प्रत्यक्ष कारण:** पड़ोस में खेलने गई तीन साल की बच्ची के साथ शंकर मंडल द्वारा कथित तौर पर गलत हरकत करने के बाद उसके पेट में तेज दर्द हुआ। इसके चलते परिवार उसे अस्पताल ले गया और मामला प्रकाश में आया।
- **गिरफ्तारी और दबाव:** अस्पताल से पिता द्वारा सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद संजय विश्वकर्मा और गुड्डू रजक द्वारा परिजनों पर शिकायत वापस लेने का अनुचित दबाव बनाया गया।
- **विवादित बिंदु और जांच:** आरोपी पक्ष के परिजनों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए झूठे केस में फंसाने का दावा किया है। पुलिस फिलहाल मेडिकल परीक्षण और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां की है?
यह मामला दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के हीरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बर्नपुर इलाके का है।

### 2. मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी शंकर मंडल है, जिसे पुलिस ने शिकायत के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

### 3. बच्ची के परिवार ने किन लोगों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया?
पीड़िता के पिता ने संजय विश्वकर्मा और गुड्डू रजक नाम के दो व्यक्तियों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

### 4. आरोपी पक्ष का इस मामले पर क्या कहना है?
शंकर मंडल के परिजनों ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसे झूठे मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है।

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