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  "type": "article",
  "title": "चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी का खेल, 95 पदों का फर्जी विज्ञापन वायरल",
  "summary": "चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के नाम पर एक फर्जी विज्ञापन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि विभाग में कोई वैकेंसी नहीं निकाली गई है और पुलिस से इसकी शिकायत की गई है।",
  "content": "चित्रकूट में रोजगार की तलाश कर रहे भोले-भाले युवाओं को अपना शिकार बनाने के लिए शातिर दिमाग लोगों ने एक नायाब तरीका निकाला है। इन ठगों ने स्वास्थ्य विभाग के नाम से एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी विज्ञापन तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर परोस दिया है। इस फर्जीवाड़े का मकसद नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से अवैध वसूली करना और उन्हें ठगना है। जैसे ही यह मामला स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया और इस संबंध में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।\n\nयह कोई पहला मौका नहीं है जब जिले में इस तरह का गोरखधंधा सामने आया हो। कुछ महीने पहले भी स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने का ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ था। इसके बावजूद शातिर बाज नहीं आए और उन्होंने एक बार फिर से जिला स्वास्थ्य विभाग के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी भर्ती का नया विज्ञापन जारी कर दिया। सोशल मीडिया पर यह विज्ञापन इन दिनों काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कई लोग भ्रमित हो सकते हैं। विभाग का दोटूक कहना है कि उनके कार्यालय से किसी भी पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं निकाली गई है और इस फर्जीवाड़े के जरिए केवल लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।\n\nइस पूरे प्रकरण को लेकर चित्रकूट के सीएमओ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने स्थिति साफ करते हुए जानकारी दी है कि उनके कार्यालय की ओर से ऐसी कोई भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा वह विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी और लोगों को भ्रमित करने वाला है। उनका कहना है कि अगर किसी नागरिक को स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी प्राप्त करनी है, तो वह सीधे सीएमओ ऑफिस आकर तस्दीक कर सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से पैसे ऐंठे थे, जो पूरी तरह से फर्जीवाड़ा साबित हुआ था। इस बार वायरल हुए उस फर्जी पत्र और विज्ञापन के आधार पर उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दी है।\n\nशातिरों ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए अपने तैयार किए गए विज्ञापन में कुल 95 पदों पर बंपर भर्ती होने का दावा किया है। इस नोटिफिकेशन को देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई आधिकारिक प्रक्रिया चल रही हो, लेकिन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह पूरी तरह से फर्जी है। सीएमओ ने एक वीडियो संदेश जारी कर यह भी बताया है कि उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को भी पूरी जानकारी दे दी है। पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और उस डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी तकनीकी जांच की जा रही है जहां से सबसे पहले यह फर्जी विज्ञापन अपलोड या प्रसारित किया गया था। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आम जनता और युवाओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि कोई भी लालच में आकर इस प्रकार की ठगी का शिकार न बने।\n\nइसका आप पर असर\nचित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी लुभावने सरकारी भर्ती विज्ञापन पर आँख मूंदकर भरोसा न करें।\n\n• उत्तर प्रदेश में: नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी फर्जी संदेश या सोशल मीडिया विज्ञापन से युवा सतर्क रहें।\n• चित्रकूट में: स्वास्थ्य विभाग या किसी भी सरकारी कार्यालय में भर्ती से जुड़ी आधिकारिक पुष्टि के लिए सीधे सीएमओ कार्यालय या संबंधित विभाग में जाकर ही संपर्क करें।\n• वित्तीय सुरक्षा: किसी भी अनजान व्यक्ति या फर्जी एजेंट को नौकरी दिलाने के नाम पर एक भी रुपया न दें।\n• जागरूकता: इस प्रकार के किसी भी संदेहास्पद विज्ञापन या पत्र के मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nइस तरह के फर्जी विज्ञापन तैयार करने के पीछे शातिर ठगों का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं की मजबूरी और नौकरी की चाह का फायदा उठाकर उनसे अवैध रूप से पैसे ऐंठना है। सोशल मीडिया की पहुंच आसान होने के कारण जालसाज इस माध्यम का दुरुपयोग करके झूठे नोटिफिकेशन्स वायरल करते हैं।\n\n• ठगी का पुराना पैटर्न: कुछ महीने पहले भी इसी तरह स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि यह एक संगठित ठग गिरोह का काम है।\n• 95 पदों का प्रलोभन: विज्ञापनों में बड़ी संख्या में यानी 95 पदों पर बहाली का दावा करके युवाओं को लुभाने की कोशिश की गई ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं।\n• साइबर जांच जारी: जिस प्लेटफॉर्म के जरिए यह फर्जी पत्र और विज्ञापन फैलाया गया है, उसकी पहचान के लिए साइबर सेल और पुलिस जांच कर रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग की कौन सी फर्जी भर्ती का मामला सामने आया है?\nशातिरों ने सोशल मीडिया पर 95 पदों पर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का एक फर्जी विज्ञापन वायरल किया है।\n\n2. चित्रकूट के सीएमओ ने इस वायरल विज्ञापन के बारे में क्या कहा है?\nसीएमओ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि कार्यालय से कोई वैकेंसी नहीं निकली है और यह विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है।\n\n3. क्या इस मामले में कोई पुलिस कार्रवाई की गई है?\nहाँ, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वायरल पत्र के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई है।\n\n4. नौकरी चाहने वालों को सीएमओ कार्यालय ने क्या सलाह दी है?\nसीएमओ ने कहा है कि किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी के लिए लोग सीधे सीएमओ ऑफिस आ सकते हैं।\n\n5. इस फर्जी विज्ञापन की जांच कौन कर रहा है?\nपुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है और सीएमओ ने साइबर टीम को भी मामले की जानकारी दे दी है।",
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  "publishedAt": "2026-11-06",
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