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  "type": "article",
  "title": "चूरू में पारिवारिक विवाद गहराया, बेटे की पिटाई से परेशान पिता ने चाइल्ड हेल्पलाइन से लगाई गुहार",
  "summary": "राजस्थान के चूरू जिले में एक चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है जहां पत्नी के लिव-इन में जाने और सात साल के बेटे से मारपीट के बाद पिता ने चाइल्ड हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाया है।",
  "content": "राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ इलाके से एक ऐसा पारिवारिक विवाद सामने आया है जिसने प्रशासनिक हलकों में भी चिंता बढ़ा दी है। यहां एक दुखी पिता अपने सात साल के बेटे को लेकर सीधे चाइल्ड हेल्पलाइन के कार्यालय पहुंच गया। उसने अपनी पत्नी के खिलाफ लिखित आवेदन देकर न्याय और अपनी छोटी बेटी की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस मामले के सामने आने के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और बाल संरक्षण अधिकारियों ने इस पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।\n\nलिव-इन में रहने के बाद शुरू हुआ विवाद\nचाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना अधिकारी पन्ने सिंह ने मामले की पूरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता पिता ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता के अनुसार, उसकी पत्नी करीब छह महीने पहले अपने दोनों बच्चों को लेकर किसी अन्य व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए चली गई थी। इसके बाद से ही परिवार में तनाव और दूरियां काफी बढ़ गई थीं। कुछ समय बाद पत्नी ने सात साल के मासूम बेटे के साथ बेहरहमी से मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। बेसहारा हुआ वह बच्चा भटकते हुए किसी तरह अपने पिता के पास पहुंचा और आपबीती सुनाई।\n\nछोटी बेटी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता\nअपने बड़े बेटे के साथ हुए इस अमानवीय व्यवहार को देखकर पिता के मन में अपनी तीन साल की छोटी बेटी की सलामती को लेकर गहरी आशंका पैदा हो गई है। उसका मानना है कि जिस मां ने सात साल के बच्चे को इतनी बेरहमी से पीटा और घर से निकाला, उसके पास रह रही तीन साल की मासूम बच्ची की जान को भी बड़ा खतरा हो सकता है। इसी डर के चलते पिता ने प्रशासनिक अधिकारियों और चाइल्ड हेल्पलाइन से गुहार लगाई है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें। उसकी मांग है कि बच्ची को मां के कब्जे से निकालकर उसके सुरक्षित संरक्षण में सौंपा जाए ताकि उसकी उचित देखभाल हो सके।\n\nबाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुआ मामला\nमामले की गंभीरता को देखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन प्रशासन ने बिना किसी देरी के आवश्यक कदम उठाए हैं। परियोजना अधिकारी पन्ने सिंह ने बताया कि प्रताड़ित सात साल के बालक को बाल कल्याण समिति यानी सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश कर दिया गया है। समिति बच्चे के उज्ज्वल भविष्य और सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, अधिकारियों द्वारा तीन साल की बच्ची से जुड़े तमाम तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और सख्त विधिक कदम उठाए जा सकें।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: बाल अधिकारों के हनन और घरेलू कलह के मामलों में बाल कल्याण समितियों और हेल्पलाइन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।\n\nचूरू में: इस घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों और प्रशासन के बीच बच्चों की सुरक्षा और काउंसलिंग को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना राजस्थान के किस जिले से जुड़ी है?\nयह घटना राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र की है।\n\n2. पिता ने चाइल्ड हेल्पलाइन में किसकी शिकायत की है?\nपिता ने अपनी पत्नी के खिलाफ बेटे से मारपीट करने और छोटी बेटी की सुरक्षा को खतरा होने की शिकायत दर्ज कराई है।\n\n3. सात साल के बच्चे के साथ क्या हुआ था?\nलिव-इन में रह रही मां ने सात साल के बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया था।\n\n4. प्रशासन ने मामले में क्या कदम उठाया है?\nचाइल्ड हेल्पलाइन ने सात साल के बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।",
  "url": "https://trendkia.com/crime/churu-family-dispute-deepens-as-father-seeks-child-helpline-intervention-after-son-assaulted-20107",
  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-08-22",
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    "चूरू न्यूज",
    "रतनगढ़ समाचार",
    "चाइल्ड हेल्पलाइन",
    "बाल कल्याण समिति",
    "पारिवारिक विवाद"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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