मेहंदीपुर बालाजी हत्याकांड: शादी के बाद प्रेमिका से पीछा छुड़ाने की खौफनाक साजिश, एक हजार कैमरों की मदद से पकड़े गए दो आरोपी दौसा जिले में 17 अगस्त को मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर मिली अज्ञात युवती की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जिन पर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का इनाम था। राजस्थान के दौसा जिले की पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह पूरा मामला पिछले महीने सामने आया था जब जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर एक युवती का शव बरामद किया गया था। इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस अधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी और तकनीकी साक्ष्यों के साथ ही भारी तादाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालनी पड़ी तब जाकर इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो सका। मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर मिला था शव घटना की शुरुआत 17 अगस्त को हुई थी जब ग्राम ब्रह्मबाद स्थित मोरा माता मंदिर के सुनसान पहाड़ी इलाके में झाड़ियों के बीच करीब बाईस साल की एक युवती का शव मिला हुआ पाया गया था। मृतका ने उस दौरान पीले रंग का सूट और सफेद रंग का सलवार पहना हुआ था। इस वीरान जगह पर इस तरह लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान स्थापित करने की थी क्योंकि घटनास्थल पर ऐसा कोई भी पहचान पत्र या मोबाइल फोन नहीं छोड़ा गया था जिससे उसके बारे में कुछ पता चल सके। इसके अलावा चेहरे पर गंभीर चोटें होने के कारण उसकी शक्ल से पहचान करना भी मुमकिन नहीं हो पा रहा था। कई जिलों और राज्यों में फैलाई गई थी सूचना मृतका की शिनाख्त सुनिश्चित करने के वास्ते पुलिस विभाग ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। दौसा के स्थानीय पुलिस थानों के अलावा इस सूचना को जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर और धौलपुर समेत कुल सात जिलों में प्रसारित किया गया। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों तथा मध्य प्रदेश के संबंधित इलाकों में भी मृतका की तस्वीरें भेजी गईं। पुलिस दलों ने बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, होटलों और धर्मशालाओं जैसे तमाम सार्वजनिक स्थलों पर मृतका के पोस्टर चस्पा किए ताकि आम जनता की मदद से उसकी पहचान हो सके। आखिरकार इन तमाम सामूहिक प्रयासों के बाद मृतका की सही पहचान का पता चल पाया। एक हजार कैमरों और सात सौ किलोमीटर का सफर इस अंधे कत्ल की परतें उधेड़ने के लिए जांच टीम ने अभूतपूर्व तकनीकी इस्तेमाल किया। घटनास्थल से लेकर मंदिर के रास्तों, मुख्य मार्गों, सड़कों, टोल प्लाजा, होटलों और धर्मशालाओं के लगभग एक हजार सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बारीकी से जांची गई। पुलिसकर्मियों ने लगातार दिन और रात मेहनत करते हुए तकरीबन सात सौ किलोमीटर का सफर तय किया। दूसरी तरफ साइबर सेल ने मोबाइल टावर डंप डेटा और कॉल रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण करके संदिग्धों की गतिविधियों और उनकी लोकेशन को ट्रेस किया। इन्हीं पुख्ता तकनीकी सबूतों के दम पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब हो पाई। शादी के बाद पनपी रंजिश और कत्ल की साजिश पुलिस की पूछताछ के दौरान जो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए उनके मुताबिक मुख्य आरोपी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा के मृतका के साथ पिछले काफी समय से अवैध संबंध चल रहे थे। लेकिन कुछ ही महीने पहले आरोपी की शादी किसी अन्य युवती के साथ तय हो गई और उसका विवाह संपन्न हो गया था। पुलिस के अनुसार विवाह के बाद मृतका लगातार उस पर खुद से शादी करने का दबाव बना रही थी जिससे परेशान होकर आरोपी ने उसे अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। आरोपी गजेन्द्र अपने साथी विवेक मीणा के साथ बाइक पर सवार होकर मृतका को मेहंदीपुर बालाजी ले गया था। इसी सुनसान पहाड़ी क्षेत्र में दोनों ने मिलकर युवती को मौत के घाट उतार दिया और सबूत मिटाने की नीयत से उसके शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई यह पूरी सफल कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश और दौसा के एसपी पीयूष दीक्षित के सख्त निर्देशों के तहत अंजाम दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और मानपुर के डीएसपी के सीधे पर्यवेक्षण में मेहंदीपुर बालाजी थाना प्रभारी सचिन कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया था। दोनों गिरफ्तार किए गए आरोपियों गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा और विवेक मीणा पर पुलिस की तरफ से पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या से जुड़े अन्य बचे हुए सबूतों को भी इकट्ठा किया जा रहा है। इसका आप पर असर यह घटना कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है, जो पुलिस की त्वरित तकनीकी जांच और सर्विलांस के महत्व को उजागर करती है। • भारत में: देश भर में आपसी रिश्तों में बढ़ते तनाव और सुनसान इलाकों में होने वाले अपराधों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की सतर्कता और सीसीटीवी नेटवर्क की उपयोगिता बढ़ रही है। • दौसा में: स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए सुनसान धार्मिक व पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में इस तरह के मामलों से कड़ा संदेश जाता है। सवाल-जवाब 1. मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर शव कब मिला था? मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर अज्ञात युवती का शव 17 अगस्त को बरामद किया गया था। 2. इस हत्याकांड में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने والے गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा और विवेक मीणा को गिरफ्तार किया है। 3. आरोपियों पर कितने रुपये का इनाम घोषित था? दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 4. हत्या की मुख्य वजह क्या सामने आई है? आरोपी की शादी के बाद मृतका द्वारा शादी का दबाव बनाने और उससे पीछा छुड़ाने की साजिश के चलते यह हत्या की गई थी। 5. पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए क्या तकनीक अपनाई? पुलिस ने लगभग एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ साइबर सेल की मदद से टावर डंप और मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया था। https://trendkia.com/crime/dausa-murder-mystery-solved-two-arrested-for-eliminating-girlfriend-after-marriage-using-thousand-cctv-footage-21279 TrendKia — Har trend, sabse pehle.