दौसा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के सामने कूद रही महिला को आरपीएफ जवान ने बचाया दौसा रेलवे स्टेशन पर घरेलू कलह से परेशान 47 वर्षीय महिला ने ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की कोशिश की, जिसे आरपीएफ सब इंस्पेक्टर ने समय रहते बचा लिया। दौसा रेलवे स्टेशन परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पारिवारिक तनाव से घिरी एक अधेड़ उम्र की महिला ने रेल पटरी पर छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का घातक प्रयास किया। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के सतर्क कर्मियों की सूझबूझ से एक गंभीर हादसा टल गया और महिला की जान सुरक्षित बचा ली गई। प्राप्त विवरण के अनुसार, यह मामला दौसा शहर के देशवाली मोहल्ले की रहने वाली 47 वर्षीय महिला से जुड़ा है। बताया जाता है कि वह लंबे अरसे से घरेलू कलह और भारी मानसिक दबाव से गुजर रही थी। इसी गंभीर तनाव के प्रभाव में वह दौसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची और वहां ट्रैक के पास खामोशी से बैठ गई। वह लगभग 1 घंटे 34 मिनट तक चुपचाप किसी तेज रफ्तार ट्रेन के आने का इंतजार करती रही और लगातार पटरियों तथा गुजरती गाड़ियों पर अपनी नजरें टिकाए बैठी रही। करीब डेढ़ घंटे के लंबे इंतजार के बाद, रेलवे ट्रैक पर बिजली लाइनों के रख-रखाव और तकनीकी कार्यों में इस्तेमाल होने वाली एक इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन गाड़ी वहां से गुजरी। जैसे ही यह विशेष गाड़ी प्लेटफॉर्म के करीब पहुंची, महिला ने अचानक ट्रैक की ओर छलांग लगा दी। वह इस भारी-भरकम और हाई-वोल्टेज लाइन से जुड़ी मशीन के ठीक सामने कूदकर अपनी जिंदगी खत्म करने ही वाली थी कि वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। सब इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह की त्वरित कार्रवाई ट्रेन के पहियों के नीचे आने से कुछ क्षण पहले ही आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह और उनकी टीम ने महिला की संदेहास्पद हरकतों भांपते हुए असाधारण तत्परता दिखाई। सब इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने अपनी खुद की सुरक्षा की परवाह किए बगैर बिना एक पल गंवाए दौड़ लगाई और महिला को खींचकर वापस सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर ले आए। सुरक्षा बल की इस बिजली जैसी फुर्ती ने पलक झपकते ही महिला की जिंदगी बचा ली। परिजनों को सौंपकर की गई काउंसलिंग सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद महिला को तुरंत आरपीएफ चौकी ले जाया गया, जहां उसे पानी पिलाकर ढांढस बंधाया गया और शांत किया गया। पूछताछ के दौरान उसने घरेलू कलह के कारण यह खतरनाक कदम उठाने की बात स्वीकार की। इसके फौरन बाद आरपीएफ ने देशवाली मोहल्ले में रह रहे उसके परिवार वालों से संपर्क किया और उन्हें चौकी पर तलब किया। परिजनों के वहां पहुंचने पर पूरी घटना की जानकारी दी गई और उन्हें हिदायत दी गई कि वे महिला का विशेष खयाल रखें, जिसके बाद उसे सुरक्षित उसके घर भेज दिया गया। इसका आप पर असर भारत में: मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू तनाव से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए समय पर काउंसलिंग और पारिवारिक संवाद की महत्ता को रेखांकित करता है। दौसा में: स्थानीय रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की गतिविधियों पर आरपीएफ की पैनी नजर की प्रभावशीलता को दर्शाता है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस रेलवे स्टेशन पर हुई? यह घटना दौसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हुई। 2. महिला ने ट्रेन का कितनी देर तक इंतजार किया? महिला ने प्लेटफॉर्म पर लगभग 1 घंटे 34 मिनट तक चुपचाप बैठकर ट्रेन का इंतजार किया। 3. महिला की जान किसने बचाई? आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह और उनकी टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला की जान बचाई। 4. महिला ने यह कदम क्यों उठाया? महिला लंबे समय से पारिवारिक कलह और गहरे मानसिक तनाव से जूझ रही थी। https://trendkia.com/crime/dausa-railway-station-par-train-ke-samne-kud-rahi-mahila-ko-rpf-jawan-ne-bachaya-20819 TrendKia — Har trend, sabse pehle.