डीग में बड़ा हादसा, शटडाउन के बाद भी 11 KV लाइन में आया करंट, पोल पर काम कर रहा इलेक्ट्रिशियन झुलसा राजस्थान के डीग जिले के सीकरी कस्बे में शटडाउन के बावजूद 11 KV बिजली लाइन चालू होने से एक 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन गंभीर रूप से झुलस गया और पोल से नीचे गिर पड़ा। राजस्थान के डीग जिले के सीकरी कस्बे से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासन और बिजली वितरण व्यवस्था की भारी चूक का खामियाजा एक युवा को अपनी सेहत से चुकाना पड़ा है। यहाँ नगर पालिका के अंतर्गत सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर लाइटिंग सुधारने का कार्य कर रहे एक 22 साल के इलेक्ट्रिशियन के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। तय नियमों के तहत बिजली सप्लाई बंद कराने के बाद भी अचानक 11 KV की उच्च वोल्टेज लाइन में करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर युवक बुरी तरह झुलस गया और झटके के कारण सीधे नीचे सड़क पर आ गिरा। शटडाउन लेकर चढ़ा था पोल पर घटना का शिकार हुआ युवक सीकरी का रहने वाला 22 वर्षीय सेम्पी सैनी है, जो झम्मन लाल सैनी का पुत्र है। सेम्पी पिछले करीब तीन वर्षों से नगर पालिका के साथ जुड़कर निजी तौर पर इलेक्ट्रिशियन का काम संभाल रहा था। जिस समय यह दुर्घटना हुई, वह झझार रोड पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के कार्य में जुटा हुआ था। बिजली के पोल पर ऊपर चढ़ने से पहले उसने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए 11 हजार केवी की लाइन का शटडाउन लिया था। पूरी पुष्टि होने के बाद ही वह खंभे पर चढ़ा था, लेकिन जब वह काम में व्यस्त था, उसी दौरान अचानक बिजली बहाल कर दी गई जिससे हाई-टेंशन लाइन में करंट आ गया। अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करंट का झटका लगते ही सेम्पी तुरंत उसकी चपेट में आ गया और खंभे से नीचे आ गिरा। इस भयानक हादसे में उसके दोनों हाथ और पेट बुरी तरह झुलस चुके हैं। इसके अलावा अधिक ऊंचाई से जमीन पर गिरने की वजह से उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के फौरन बाद वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों और परिजनों ने तेजी दिखाते हुए उसे सीकरी के स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुँचाया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय (ट्रॉमा सेंटर) के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका इलाज जारी है। विभाग पर लापरवाही का आरोप और सुरक्षा पर सवाल इस वीभत्स हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और इलाके के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। परिजनों ने सीधे तौर पर बिजली विभाग के अमले और अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका सवाल है कि जब काम शुरू करने से पहले तय प्रक्रिया के तहत शटडाउन लिया गया था, तो किसकी अनुमति से लाइन में दोबारा बिजली चालू कर दी गई। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने, दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिए जाने की माँग की है। दूसरी ओर, इस घटनाक्रम के दौरान यह बात भी सामने आई है कि पोल पर चढ़ते वक्त सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपकरणों जैसे सेफ्टी बेल्ट और ग्लव्स का पूरा उपयोग नहीं किया गया था। इसका आप पर असर यह घटना बिजली के काम से जुड़े सुरक्षा मानकों और विभागों की लापरवाही पर सवाल खड़े करती है: • भारत में: बिजली लाइनों पर मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपकरणों के पालन को लेकर गंभीर समीक्षा की जरूरत को रेखांकित करता है। • डीग में: स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं, जिससे नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहाँ हुआ? यह हादसा राजस्थान के डीग जिले के सीकरी कस्बे में झझार रोड पर हुआ। 2. घायल इलेक्ट्रिशियन का नाम क्या है? घायल इलेक्ट्रिशियन का नाम 22 वर्षीय सेम्पी सैनी है। 3. हादसे के समय बिजली लाइन कितने KV की थी? यह 11 KV उच्च क्षमता वाली बिजली की लाइन थी जिसका शटडाउन लिया गया था। 4. घायल को इलाज के लिए कहाँ भेजा गया? सीकरी के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय (ट्रॉमा सेंटर) रेफर किया गया। https://trendkia.com/crime/deeg-me-bijli-ka-current-lagne-se-electrician-jhulsa-20903 TrendKia — Har trend, sabse pehle.