देहरादून में सड़क पर कार हटाने के विवाद में लहराई पिस्टल, 3 आरोपी गिरफ्तार और हथियार बरामद देहरादून के प्रेमनगर में गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद लाठी और पिस्टल से हमला करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार और.32 बोर की पिस्टल भी जब्त कर ली है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सड़क पर गाड़ी हटाने को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि सरेराह लाठी-डंडे और पिस्टल लहरा दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों गुटों के 3 लोगों को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक डंडा.32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी जब्त कर लिए हैं। गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद शुक्रवार की रात नेक्स्ट हॉस्टल के पास दो गाड़ियों के चालकों के बीच रास्ते को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते यह मामूली बहस हिंसक झड़प में बदल गई। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और वायरल वीडियो में एक पक्ष का युवक हाथ में डंडा लेकर हमला करता हुआ दिख रहा है, जबकि दूसरे पक्ष के लोग हाथ में पिस्टल लेकर सामने वाले को धमकाते नजर आ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलाके के लोगों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। अस्पताल से हत्थे चढ़े आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले झाझरा क्षेत्र के रहने वाले गौरव को हिरासत में लिया। पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने सड़क पर खड़ी फॉर्च्यूनर कार के चालक से अपनी गाड़ी हटाने को कहा था। इसी बात पर बात बिगड़ गई और उसने डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद फॉर्च्यूनर में सवार नीरज राजपूत और उसका साथी मनीष नेगी आक्रामक हो गए। आरोप है कि दोनों ने मौके पर पिस्टल तानकर गौरव को डराया, उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। घटना के बाद जब पुलिस को सूचना मिली कि नीरज और मनीष इलाज कराने के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल गए हैं, तो पुलिस टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर दोनों को अस्पताल परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई.32 बोर की पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। हथियार का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में कई गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। इनमें सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग मचाने, शांति भंग करने, जानलेवा हथियार लहराकर लोगों की जान जोखिम में डालने और लाइसेंसी असलहे का दुरुपयोग करने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। जांच अधिकारी के अनुसार बरामद पिस्टल नीरज राजपूत के नाम पर पंजीकृत है, इसलिए उसके शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण पुलिस हिरासत में लिए गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है • गौरव: निवासी वार्ड नंबर 9, चंदन की पुलिया, प्रेमनगर, देहरादून। • मनीष नेगी: निवासी मांडूवाला, प्रेमनगर, देहरादून। • नीरज राजपूत: निवासी भाऊवाला, सेलाकुई, देहरादून। पुलिस ने तीनों आरोपियों से घटना में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर वाहन, एक डंडा, लाइसेंसी.32 बोर पिस्टल तथा 5 कारतूस जब्त करके आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका आप पर असर देहरादून / उत्तराखंड में: प्रेमनगर जैसे व्यस्त इलाकों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कड़ा संदेश मिला है। भारत में: यह घटना दिखाती है कि सरेराह रोड रेज में लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग करने पर हथियार लाइसेंस रद्द करने और जेल भेजने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। सवाल-जवाब 1. देहरादून में किस बात को लेकर मारपीट हुई थी? प्रेमनगर क्षेत्र में नेक्स्ट हॉस्टल के पास सड़क पर खड़ी फॉर्च्यूनर कार को हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में डंडे और पिस्टल लहराने जैसी हिंसक वारदात में बदल गया। 2. मामले में किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने प्रेमनगर निवासी गौरव, मांडूवाला निवासी मनीष नेगी और सेलाकुई निवासी नीरज राजपूत को गिरफ्तार किया है। 3. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या सामान बरामद किया है? पुलिस ने .32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस, एक डंडा और घटना में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार जब्त की है। 4. पिस्टल किसके नाम पर लाइसेंसी थी और पुलिस ने क्या कार्रवाई की? पिस्टल नीरज राजपूत के नाम पर लाइसेंसी थी। पुलिस ने उसका शस्त्र लाइसेंस रद्द कराने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) को रिपोर्ट भेज दी है। https://trendkia.com/crime/dehradun-men-saraka-para-kara-hatane-ke-vivada-men-laharai-pistala-3-aropi-giraphtara-aura-hathiyara-baramada-20406 TrendKia — Har trend, sabse pehle.