दिल्ली एयरपोर्ट पर हीरों जड़ी सोने की चूड़ी ने खोली स्मगलिंग की परतें, दो अलग मामलों में 3 गिरफ्तार दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर करीब दो हफ्तों में सामने आए दो अलग तस्करी मामलों में सीमा शुल्क विभाग ने तीन यात्रियों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक करोड़ रुपये से ज्यादा की हीरे जड़ी सोने की चूड़ी और लगभग 5.25 करोड़ रुपये का मैरिजुआना जब्त किया गया. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क विभाग ने करीब दो हफ्तों के भीतर सामने आए दो अलग-अलग तस्करी के मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इन कार्रवाइयों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की हीरे जड़ी सोने की चूड़ी और लगभग 5.25 करोड़ रुपये मूल्य का मैरिजुआना जब्त किया गया है. करीब दो हफ्तों के अंतराल पर हुई इन दोनों जब्तियों से पता चलता है कि देश का यह सबसे व्यस्त एयरपोर्ट महंगे गहनों और नशीले पदार्थों, दोनों की तस्करी के लिए किस तरह इस्तेमाल होता रहा है. कलाई पर चमकी चूड़ी, अफसर की नजर नहीं हटी पहला मामला 19 अगस्त का है. इस्तांबुल से उड़ान भरकर आए तुर्की मूल के दो यात्री जब एयरपोर्ट के ग्रीन चैनल की ओर बढ़ रहे थे, तभी प्रिवेंटिव विंग के एक अधिकारी की नजर उनमें से एक की कलाई पर बंधी चूड़ी पर पड़ी. चूड़ी की बनावट इतनी आकर्षक थी कि अधिकारी ने तुरंत दोनों यात्रियों को रोक लिया और उनसे चूड़ी की खरीद व मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मांगे. दोनों यात्री कोई भी वैध कागजात दिखाने में नाकाम रहे, जिसके बाद उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि दोनों यात्री यह चूड़ी छिपाकर देश में लाने और तस्करी करने की नीयत से एयरपोर्ट पहुंचे थे. इसके बाद अधिकारियों ने चूड़ी जब्त कर ली. सीमा शुल्क विभाग के अनुसार यह चूड़ी करीब 750 ग्राम शुद्ध सोने से बनाई गई थी और इसका वजन 87.5 ग्राम था. इसमें करीब 10 ग्राम वजन के हीरे जड़े थे, जो करीब 50 कैरेट के आंके गए. चूड़ी की कुल कीमत 1,07,86,301 रुपये तय की गई. सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने चूड़ी जब्त कर दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया, और अब यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया से गुजरेगा. ट्रॉली बैग में छिपी थी 15 किलो से ज्यादा नशीली खेप एयरपोर्ट के नियमों के मुताबिक ग्रीन चैनल सिर्फ उन यात्रियों के लिए होता है जिनके पास घोषित करने लायक कुछ नहीं होता, इसलिए सीमा शुल्क अधिकारी इस चैनल पर रैंडम और प्रोफाइलिंग आधारित जांच लगातार करते रहते हैं ताकि ड्यूटी बचाने या प्रतिबंधित सामान लाने की कोशिशों को पकड़ा जा सके. इस महीने सामने आए दोनों मामले भी इसी चैनल से गुजरे, जो बताता है कि महंगी तस्करी के लिए इसका किस कदर दुरुपयोग होता रहा है. दूसरा मामला 4 सितंबर को टर्मिनल-3 पर सामने आया, जब कुआलालंपुर से आई एक मलेशियाई यात्री ग्रीन चैनल पार करने की कोशिश कर रही थी. प्रोफाइलिंग के दौरान शक होने पर अधिकारियों ने उसे रोका और उसके ट्रॉली बैग की जांच शुरू की. बैग के भीतर से 30 पॉलीथिन पाउच बरामद हुए, जिनमें कुल 15,015.5 ग्राम यानी 15 किलो से अधिक संदिग्ध मैरिजुआना भरा था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 5.25 करोड़ रुपये आंकी गई है. सीमा शुल्क विभाग ने यह ड्रग्स जब्त कर आरोपी महिला को एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं में गिरफ्तार कर लिया, जो इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ रखने और तस्करी की कोशिश पर लागू होती हैं. सिंडिकेट से जुड़े तार तलाश रहे अधिकारी दोनों मामलों में जब्ती और गिरफ्तारी के बाद अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन तस्करी की कोशिशों के पीछे कौन-सा स्थानीय सिंडिकेट सक्रिय है और क्या दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध है. आमतौर पर ऐसी जब्ती के बाद हफ्तों तक जांच चलती है, जिसमें एजेंसियां यात्रियों के सफर के पैटर्न और जाने-पहचाने तस्करी रूट को खंगालकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करती हैं. इसका आप पर असर यह मामला सीधे तौर पर हवाई यात्रा और सीमा शुल्क नियमों से जुड़ा है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो विदेश से महंगे गहने या घोषित करने लायक सामान लेकर आते हैं. • भारत में: जो भी यात्री विदेश से महंगे गहने, सोना या नकदी लेकर आते हैं, उन्हें अब हर एयरपोर्ट पर सख्त जांच और दस्तावेज मांगे जाने की उम्मीद रखनी चाहिए. बिना खरीद रसीद या घोषणा के गहने ले जाना जब्ती और गिरफ्तारी तक का जोखिम बन सकता है. • दिल्ली में: आईजीआई एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल की निगरानी और प्रोफाइलिंग आधारित जांच अब ज्यादा सख्त हो सकती है, जिससे दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को थोड़ी अतिरिक्त जांच और समय लगने की संभावना बढ़ गई है. • दस्तावेज जरूरी: गहनों या कीमती सामान की खरीद रसीद, बिल और घोषणा फॉर्म साथ रखना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है ताकि जांच के दौरान परेशानी न हो. • ड्रग्स तस्करी पर असर: एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में पकड़े जाने पर लंबी कानूनी कार्रवाई और सजा का सामना करना पड़ सकता है. सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई? यह दोनों मामले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सामने आए. 2. पहले मामले में क्या जब्त किया गया? तुर्की मूल के दो यात्रियों से हीरे जड़ी सोने की चूड़ी जब्त की गई, जिसकी कीमत 1,07,86,301 रुपये आंकी गई. 3. चूड़ी कब जब्त की गई? यह चूड़ी 19 अगस्त को इस्तांबुल से आए यात्रियों से जब्त की गई थी. 4. दूसरे मामले में कितनी मात्रा में ड्रग्स मिली? 4 सितंबर को कुआलालंपुर से आई एक मलेशियाई यात्री के ट्रॉली बैग से 15,015.5 ग्राम यानी 15 किलो से ज्यादा संदिग्ध मैरिजुआना बरामद हुआ. 5. मैरिजुआना की कीमत कितनी बताई गई है? अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 5.25 करोड़ रुपये आंकी गई है. 6. आरोपियों पर किन कानूनों के तहत कार्रवाई हुई? चूड़ी मामले में सीमा शुल्क अधिनियम और ड्रग्स मामले में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तारी हुई. https://trendkia.com/crime/delhi-airport-para-hiron-jari-sone-ki-churi-ne-kholi-smagalinga-ki-paraten-do-alaga-mamalon-men-3-giraphtara-28680 TrendKia — Har trend, sabse pehle.