दिल्ली के आश्रम में गुवाहाटी हाईकोर्ट की महिला वकील के साथ मारपीट, बाल खींचकर सड़क पर घसीटने का आरोप दिल्ली के करोल बाग स्थित एक आश्रम में संपत्ति विवाद को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक महिला वकील के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। पीड़ित वकील ने नॉर्थ-ईस्ट से होने के कारण नस्लीय टिप्पणियां करने और जबरन सामान छीनने का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में स्थित सत नगर के स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक महिला वकील निशा पोद्दार ने कुछ लोगों पर जबरन आश्रम में घुसकर मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने और सड़क पर घसीटने का गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद 25 सितंबर को दिनभर चला, जिसके दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। पीड़ित वकील का कहना है कि उन्हें उनके पूर्वोत्तर राज्यों से होने के कारण विशेष रूप से निशाना बनाया गया और उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक पेशेवर वकील को इस तरह की हिंसा का सामना करना पड़ा है। दिन के समय शुरू हुआ संपत्ति का विवाद शिकायत के मुताबिक, यह सारा हंगामा 25 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ। मनीष कुमार उर्फ मनीष राज अपने कई साथियों के साथ सत नगर स्थित स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम में पहुंच गए। जब आश्रम के केयरटेकर उदय प्रकाश और नीरज कुमार ने इन लोगों को जबरन अंदर आने से रोका, तो उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। इस हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस कुछ लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई, जिसके बाद आश्रम की चाबी वापस केयरटेकर को सौंप दी गई। पुलिस ने मनीष राज को कड़ी हिदायत दी थी कि वह दोबारा आश्रम के परिसर में कदम न रखें, लेकिन यह शांति ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। शाम को दोबारा पहुंचकर किया गया हंगामा मामला तब और गंभीर हो गया जब शाम को करीब 4 बजे वही लोग फिर से आश्रम में आ धमके। महिला वकील का दावा है कि जब उन्होंने और अन्य लोगों ने इस अवैध प्रवेश का विरोध किया, तो स्थिति हिंसक हो गई। दूसरे पक्ष ने उनके साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने निशा पोद्दार के बाल खींचे और उन्हें घसीटते हुए सड़क की तरफ ले जाने का प्रयास किया गया। उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं और यह तक कहा गया कि उनके वकालत के लाइसेंस को झूठे मामलों में फंसाकर रद्द करवा दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें पूर्वोत्तर से होने ताना मारते हुए कहा गया कि नॉर्थ-ईस्ट पीपल आर नॉट अलाउड हियर, जिससे यह मामला क्षेत्रीय भेदभाव का भी बन गया है। कीमती सामान और कानूनी दस्तावेज छीनने के आरोप हिंसा और दुर्व्यवहार के अलावा आरोपियों पर लूटपाट और तोड़फोड़ के भी गंभीर आरोप लगे हैं। निशा पोद्दार की शिकायत में कहा गया है कि आश्रम के अंदर मौजूद दो केयरटेकर्स के मोबाइल फोन छीन लिए गए। इसके अलावा वकील का अपना मोबाइल फोन और लैपटॉप पूरी तरह से तोड़ दिया गया। आरोपियों के हाथ एक ऐसा बैग भी लगा जिसमें महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज भरे हुए थे। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि इस पूरी झड़प के दौरान एक बुजुर्ग महिला समेत आश्रम में मौजूद अन्य तमाम लोगों को भी बख्शा नहीं गया और उनके साथ भी मारपीट की गई। संपत्ति पर कब्जे की नीयत से किए गए इस हमले में आश्रम के अंदर भारी तोड़फोड़ की गई और दहशत का माहौल पैदा कर दिया गया। प्रशासन और पुलिस का क्या है कहना इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पूरा विवाद प्रसाद नगर इलाके में स्थित एक संपत्ति से जुड़ा हुआ है और दोनों पक्षों के बीच पहले से ही कानूनी लड़ाई चल रही है। पुलिस के अनुसार, महिला वकील निशा पोद्दार इस संपत्ति विवाद में डॉलर बाबा नाम के एक व्यक्ति का पक्ष रख रही थीं। पुलिस ने महिला वकील की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही, संपत्ति विवाद में शामिल दूसरे पक्ष की तरफ से भी मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पहले पक्ष के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इसका आप पर असर यह घटना राजधानी में संपत्ति विवादों के दौरान हिंसा और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है। • भारत में: संपत्ति के विवादों को कानून के दायरे में सुलझाने के बजाय बल प्रयोग करने से आम नागरिकों और कानूनी पेशेवरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी को तुरंत और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता होती है ताकि हिंसा न बढ़े। • दिल्ली में: करोल बाग और प्रसाद नगर क्षेत्र के स्थानीय निवासियों और प्रॉपर्टी मालिकों को यह सीख मिलती है कि भूमि विवादों के दौरान गैर-कानूनी तरीके अपनाने पर तत्काल आपराधिक मुकदमे दर्ज हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर ऐसे विवादों में कानून हाथ में लेने वालों पर पुलिस सख्त कानूनी शिकंजा कस रही है। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में स्थित एक संपत्ति पर कब्जे और उसके कानूनी स्वामित्व को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का परिणाम है। इस मामले में कानूनी कार्यवाही और मध्यस्थता के अभाव ने स्थिति को हिंसक टकराव में बदल दिया। • संपत्ति का विवाद: प्रसाद नगर क्षेत्र की एक विशेष संपत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए दोनों पक्षों के बीच काफी समय से कानूनी और अनौपचारिक खींचतान चल रही थी। • प्रतिनिधित्व और पक्ष: गुवाहाटी हाईकोर्ट की महिला वकील निशा पोद्दार इस विवाद में डॉलर बाबा नामक व्यक्ति की कानूनी पैरवी कर रही थीं, जिसके कारण वह सीधे तौर पर इस संघर्ष के केंद्र में आ गईं। • अवैध प्रवेश और तनाव: पहले दौर की झड़प के बाद पुलिस द्वारा स्थिति शांत कराने के बावजूद दोनों पक्षों में समझौता नहीं हुआ, जिससे शाम को दोबारा उग्र टकराव हुआ। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहाँ पर हुई है? यह घटना दिल्ली के करोल बाग इलाके में सत नगर स्थित स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम में हुई है। 2. पीड़ित महिला वकील का संबंध किस अदालत से है? पीड़ित महिला वकील निशा पोद्दार गुवाहाटी हाईकोर्ट से जुड़ी हुई हैं। 3. यह पूरा विवाद किस कारण से शुरू हुआ था? यह पूरा विवाद प्रसाद नगर इलाके में स्थित एक संपत्ति के कानूनी कब्जे और स्वामित्व को लेकर था। 4. इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर किसका नाम सामने आया है? शिकायत के अनुसार मनीष कुमार उर्फ मनीष राज का नाम मुख्य आरोपियों में शामिल है जो आश्रम में पहुंचे थे। 5. पुलिस ने इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की है? दिल्ली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। 6. महिला वकील ने क्या गंभीर आरोप लगाए हैं? वकील ने मारपीट करने, बाल खींचकर सड़क पर घसीटने, जातिसूचक गालियां देने और नॉर्थ-ईस्ट से होने के कारण नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। 7. घटना के दौरान कौन सा सामान छीना या तोड़ा गया? केयरटेकर के फोन छीन लिए गए, वकील का मोबाइल और लैपटॉप तोड़ दिया गया तथा कानूनी दस्तावेजों से भरा एक बैग ले जाया गया। 8. महिला वकील किसका पक्ष ले रही थीं? महिला वकील इस संपत्ति विवाद में डॉलर बाबा नाम के एक व्यक्ति का पक्ष रख रही थीं। https://trendkia.com/crime/delhi-ke-ashrama-men-guwahati-high-court-ki-mahila-vakila-ke-satha-marapita-bala-khinchakara-saraka-para-ghasitane-ka-aropa-39161 TrendKia — Har trend, sabse pehle.