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  "type": "article",
  "title": "दिल्ली पुलिस ने किया फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार",
  "summary": "दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। फर्जी Bretish Airways के नाम पर युवाओं को ठगने वाले मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है।",
  "content": "दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने एयरलाइन क्षेत्र में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह का मास्टरमाइंड, उसका मुख्य सहयोगी, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर्स शामिल हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने साइबर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसने 10 जून 2026 को इंस्टाग्राम पर Bretish Airways के नाम से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नौकरी का विज्ञापन देखा था, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।\n\n \n\nकैसे दिया जाता था धोखाधड़ी को अंजाम\n\nविज्ञापन में दिए गए फॉर्म को भरने के बाद पीड़ित के पास करिश्मा नाम की एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को Bretish Airways की एचआर बताया। आरोपियों ने व्हाट्सएप के जरिए पीड़ित से उसका पैन कार्ड, आधार कार्ड, मार्कशीट और सीवी मंगवाया। इसके बाद नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट से एक डिप्लोमा कोर्स करना अनिवार्य बताया गया। इसी बहाने आरोपियों ने यूपीआई के माध्यम से पीड़ित से 7,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी एडमिशन स्लिप, एनओसी स्लिप और एक फर्जी ऑफर लेटर भी भेज दिया। हालांकि, बाद में जब असलियत का पता चला कि इस नाम से कोई एयरलाइन अस्तित्व में ही नहीं है, तो पीड़ित ने तुरंत पुलिस की शरण ली।\n\n \n\nनोएडा से चल रहा था ठगी का पूरा नेटवर्क\n\nमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की जिसमें मोबाइल नंबर, आईपी़डीआर, पेमेंट ट्रेल और वेबसाइट की तमाम जानकारियों को खंगाला गया। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन नोएडा में पाई गई, जिसके बाद 18 अगस्त 2026 को पुलिस ने मुख्य सरगना संदीप कुमार और उसके साथी अखिल कुमार को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। मुख्य आरोपी संदीप पहले भी फर्जी एविएशन जॉब कंपनियों में टेली-कॉलर के तौर पर काम कर चुका था और वहीं से उसने ठगी के इस शातिर तरीके को सीखा था। शुरुआत में उसने अकेले ही प्रगति एयरवेज के नाम से यह धंधा शुरू किया था और बाद में अखिल के साथ मिलकर नोएडा के गौर सिटी सेंटर मॉल से Bretish Airways और फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट के नाम से फर्जी कंपनियां संचालित करने लगा।\n\n \n\nबचने के लिए बदलते थे वेबसाइट और ठिकाने\n\nयह गिरोह कानून की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। आरोपियों ने एक वेबसाइट डेवलपर से फर्जी वेबसाइटें तैयार करवा रखी थीं और जॉब पोर्टलों से डेटा खरीदकर लड़कियों को टेली-कॉलर के रूप में काम पर रखा था जो एचआर बनकर नौकरी चाहने वालों को फोन करती थीं। पंजीकरण और एडमिशन फीस के नाम पर हर उम्मीदवार से 7,000 से 10,000 रुपये वसूले जाते थे और बदले में जाली दस्तावेज थमा दिए जाते थे। पुलिस से बचने के लिए ये लोग बार-बार अपने ऑफिस, वेबसाइट, सिम कार्ड और फोन नंबर बदल लेते थे। Bretish Airways के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद इन्होंने शंख एयरवेज और एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टीट्यूट के नाम से नई फर्जी वेबसाइटें भी बना ली थीं।\n\n \n\nपुलिस की गिरफ्त में आरोपी और बरामदगी\n\nकार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदीप कुमार और अखिल कुमार के अलावा राकेश कुमार, श्वेता, सपना और साक्षी को भी दबोच लिया है। आरोपियों के पास से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 2 ऐसे रजिस्टर बरामद किए गए हैं जिनमें नौकरी की तलाश करने वाले तमाम युवाओं का डेटा दर्ज था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जांच में इसी रैकेट से जुड़ी 10 शिकायतें पहले से दर्ज मिल चुकी हैं। अधिकारियों का मानना है कि ठगी की रकम छोटी होने के कारण कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज ही नहीं कराई है। पुलिस अब इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले जॉब ऑफर्स की सत्यता केवल आधिकारिक वेबसाइट से जांचें तथा कभी भी नौकरी के नाम पर कोई शुल्क न दें। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी जॉब विज्ञापनों और नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले गिरोहों से सतर्क रहने की सख्त जरूरत है।\n\nनोएडा और दिल्ली में: नौकरी तलाशने वाले युवाओं को संदिग्ध संस्थाओं द्वारा मांगे जाने वाले दस्तावेजों और यूपीआई ट्रांसफर के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किसने किया?\nदिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने इस फर्जी रैकेट का भंडाफोड़ किया है।\n\n2. पुलिस ने कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?\nपुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।\n\n3. यह ठगी किस फर्जी एयरलाइन के नाम पर की जा रही थी?\nयह ठगी 'Bretish Airways' नाम के फर्जी एयरलाइन ब्रांड के नाम पर की जा रही थी।\n\n4. गिरोह के मुख्य सरगना को कहां से पकड़ा गया?\nगिरोह के मास्टरमाइंड संदीप कुमार और उसके साथी को नोएडा से गिरफ्तार किया गया।\n\n5. साइबर फ्रॉड होने पर किस नंबर पर संपर्क करना चाहिए?\nसाइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए।",
  "url": "https://trendkia.com/crime/delhi-police-busted-fake-airline-job-scam-ring-six-arrested-including-mastermind-21342",
  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-08-24",
  "tags": [
    "साइबर ठगी",
    "दिल्ली पुलिस",
    "फर्जी जॉब रैकेट",
    "नोएडा",
    "एयलाइंस जॉब फ्रॉड"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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