पूर्वी चंपारण में 19.98 लाख रुपयों के साथ तस्कर गिरफ्तार, मोबाइल में मिलीं एक ही नंबर के नोटों की तस्वीरें बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति को 19,98,500 रुपये की नकदी के साथ पकड़ा है। उसके फोन से जाली नोटों से जुड़ी चैट और तस्वीरें मिली हैं, जबकि बेतिया में छापेमारी कर 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जाली नोटों के अवैध धंधे और नकदी की हेराफेरी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर विशेष वाहन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस बल ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से 19 लाख 98 हजार 500 रुपये की भारी नकदी बरामद की गई। पकड़ा गया आरोपी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र का निवासी रोहित कुमार शाही (35) है। पुलिस की प्राथमिक तकनीकी जांच में उसके मोबाइल फोन से नकली मुद्रा के कारोबार से जुड़े कई वीडियो और बेहद संदिग्ध बातचीत के रिकॉर्ड सामने आए हैं। इस खुलासे के तुरंत बाद पड़ोसी जिले बेतिया में भी दबिश दी गई, जहां से 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। नाकाबंदी देखकर भागने की कोशिश, बैग से निकले नोटों के 40 बंडल अरेराज के एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा के अनुसार, डायल 112 की पुलिस टीम को पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के निबंधन नंबर वाली एक फॉर्च्यूनर और उसके ठीक पीछे चल रही नेक्सन कार में कुछ संदिग्ध लोग सवार हैं, जो मोतिहारी से अरेराज की तरफ बढ़ रहे हैं। इस गोपनीय इनपुट के मिलते ही एसपी स्वर्ण प्रभात ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। उनके निर्देशानुसार डीएसपी की अगुवाई में हरसिद्धि थाना पुलिस को तत्काल इलाके में सख्त चेकिंग लगाने का आदेश दिया गया। पुलिस टीम ने जब मानिकपुर चौक पर वाहनों की सघन जांच शुरू की, तभी आगे चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी रफ्तार तेज करते हुए नाके से निकल भागने में सफल रही। उसके ठीक पीछे आ रही नेक्सन कार को पुलिस जवानों ने घेरकर रोक लिया। पुलिस की घेराबंदी देखते ही कार का दरवाजा खोलकर एक शख्स हाथ में बैग लिए पैदल भागने लगा। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दौड़ाकर पकड़ लिया, लेकिन कार में मौजूद अन्य सवार वाहन लेकर फरार होने में कामयाब रहे। जब पुलिस ने पकड़े गए व्यक्ति के बैग की तलाशी ली, तो उसमें 500 रुपये के नोटों के कुल 40 बंडल रखे हुए मिले। इन बंडलों में 500 रुपये के कुल 3,997 नोट मौजूद थे, जिनका कुल मूल्य 19 लाख 98 हजार 500 रुपये आंका गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी नकदी के स्रोत को लेकर कोई स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। वह लगातार अपने बयानों में बदलाव कर रहा था और इस भारी रकम के समर्थन में कोई कानूनी कागजात भी पेश नहीं कर पाया। फोन के रीसायकल बिन से मिले सबूत और संदिग्ध बातचीत एसडीपीओ पंकज मिश्रा ने बताया कि जांचकर्ताओं ने जब रोहित कुमार शाही का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें चौंकाने वाले साक्ष्य मिले। फोन में फॉर्च्यूनर कार में मौजूद सोनू सिंह नामक व्यक्ति के साथ जाली मुद्रा के लेन-देन को लेकर की गई संदिग्ध चैट पाई गई। इसके साथ ही मोबाइल फोन के रीसायकल बिन फोल्डर की तलाशी लेने पर एक ही सीरियल नंबर वाले पांच अलग-अलग नोटों की तस्वीरें सुरक्षित मिलीं। पुलिस को डिवाइस के भीतर से नकली नोटों के निर्माण और वितरण से संबंधित कई वीडियो भी हाथ लगे हैं। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने स्वीकार किया कि फॉर्च्यूनर और नेक्सन गाड़ियों में मौजूद लोग गोरखपुर के रहने वाले हैं और वे बेतिया क्षेत्र में नकली नोटों के अवैध धंधे से जुड़े हैं। पुलिस इन सभी बयानों की सत्यता की पड़ताल कर रही है। बेतिया में दबिश, आधा दर्जन मुकदमों के आरोपी के ठिकाने से गोलियां जब्त गिरफ्तार आरोपी द्वारा उगले गए सुरागों के आधार पर पुलिस की विशेष टीमों ने मोतिहारी और बेतिया में फैले गिरोह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसी क्रम में पश्चिमी चंपारण जिले के बानुछापर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवा गांव स्थित अशोक मिश्रा के आवास पर तलाशी ली गई। इस मकान से पुलिस ने.350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस बरामदगी को लेकर बानुछापर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत नई प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अशोक मिश्रा पर पहले से ही मुद्रा और नोटों की हेराफेरी से जुड़े लगभग आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती इलाकों में दबिश पुलिस अधिकारी अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए कड़ियां जोड़ रहे हैं। भागने में सफल रही फॉर्च्यूनर और नेक्सन कार में बैठे अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जाली नोटों के मुख्य स्रोत, सप्लायरों और इस गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसका आप पर असर पूर्वी चंपारण में सामने आए जाली नोट गिरोह के इस खुलासे से आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए नकदी लेन-देन में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी हो गया है। • भारत में: सीमावर्ती राज्यों में सक्रिय जाली मुद्रा नेटवर्क से बाजार में नकली नोटों का प्रवाह बढ़ने का जोखिम रहता है। किसी भी बड़े नकद लेन-देन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा चिन्हों और वाटरमार्क की बारीकी से जांच करना अनिवार्य है। • बिहार में: मोतिहारी, बेतिया और आसपास के जिलों के व्यापारियों को अज्ञात ग्राहकों से भारी नकदी लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध नोट या बिना हिसाब के बड़ी रकम के संज्ञान में आते ही फौरन नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर सूचना देनी चाहिए। • यातायात व सुरक्षा: बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। हाइवे और मुख्य चौराहों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अपने वैध दस्तावेज और जरूरी कागजात साथ रखने होंगे ताकि जांच में अनावश्यक देरी न हो। • कानूनी अनुपालन: बड़ी मात्रा में नकद राशि का परिवहन करते समय बैंक पर्ची या आय का वैध प्रमाण साथ रखना आवश्यक है। वैध दस्तावेजों के अभाव में पकड़ी गई बेहिसाबी नकदी सीधे जब्ती और कानूनी मुकदमे के दायरे में आ सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम पुलिस को मिली सटीक खुफिया जानकारी और सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की नियमित सघन नाकेबंदी के कारण सामने आया। • सीधी वजह: डायल 112 कंट्रोल रूम को दो गाड़ियों में संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा मोतिहारी से अरेराज की तरफ नकदी ले जाने का पुख्ता इनपुट मिला था। इस खुफिया सूचना पर हरकत में आई पुलिस टीम ने मानिकपुर चौक पर तुरंत नाकेबंदी लगाकर गाड़ियों की तलाशी शुरू कर दी। • गिरोह की कार्यप्रणाली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से जुड़े तस्कर सीमावर्ती बेतिया और मोतिहारी इलाके में नकली नोटों का वितरण और रुपये की हेराफेरी का नेटवर्क चला रहे थे। फोन से बरामद डिजिटल चैट और रीसायकल बिन से मिले एक ही नंबर वाले पांच नोटों के फोटो इस संगठित धंधे की पुष्टि करते हैं। • पूर्व आपराधिक इतिहास: मामले की जांच के दौरान बानुछापर के जिस ठिकाने पर छापेमारी की गई, वहां के निवासी अशोक मिश्रा का पहले से नोटों की हेराफेरी से जुड़े लगभग आधा दर्जन मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। यह दर्शाता है कि गिरोह के तार पुराने अपराधियों से गहराई से जुड़े हुए हैं। • आगे की कार्रवाई: बरामद कारतूसों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब फरार चल रहे अन्य सहयोगियों की तलाश में सीमावर्ती इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। सवाल-जवाब 1. पूर्वी चंपारण में पुलिस ने किस स्थान पर यह कार्रवाई की? पुलिस ने हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर वाहन जांच के दौरान यह कार्रवाई की। 2. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम और पता क्या है? गिरफ्तार आरोपी का नाम रोहित कुमार शाही (35) है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। 3. आरोपी के पास से कुल कितनी नकदी बरामद की गई? आरोपी के बैग से 500 रुपये के 3,997 नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 19 लाख 98 हजार 500 रुपये है। 4. आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में क्या संदिग्ध साक्ष्य मिले? फोन में जाली नोट के धंधे से जुड़ी चैट, कई वीडियो और रीसायकल बिन में एक ही नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें मिलीं। 5. बेतिया में की गई छापेमारी के दौरान क्या बरामद हुआ? बेतिया के बानुछापर थाना क्षेत्र निवासी अशोक मिश्रा के घर से .350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। 6. जांच के दौरान किन वाहनों के फरार होने की जानकारी सामने आई? नाकेबंदी के दौरान एक फॉर्च्यूनर कार तेजी से भाग निकली, जबकि नेक्सन कार में सवार अन्य लोग भी फरार होने में सफल रहे। https://trendkia.com/crime/east-champaran-men-19-98-lakha-rupayon-ke-satha-taskara-giraphtara-mobaila-men-milin-eka-hi-nnbara-ke-noton-ki-tasviren-53504 TrendKia — Har trend, sabse pehle.