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  "type": "article",
  "title": "इरोड में टीचरों की सतर्कता से बचे बच्चे, सांभर में मिला था गोबर का पाउडर, आरोपी गिरफ्तार",
  "summary": "तमिलनाडु के इरोड में एक सरकारी स्कूल की मुफ्त नाश्ता योजना के सांभर में जानबूझकर गोबर का पाउडर मिलाया गया, पत्नी की नौकरी जाने से नाराज पति ने रची थी यह साजिश। शिक्षकों की सतर्कता से बच्चों तक यह खाना नहीं पहुंचा और आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया।",
  "content": "तमिलनाडु के इरोड जिले के एक सरकारी स्कूल में मुफ्त नाश्ता योजना के तहत परोसे जाने वाले सांभर में जानबूझकर गोबर का पाउडर मिलाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि यह पूरी साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि स्कूल से ही जुड़े एक शख्स ने अपनी निजी रंजिश निकालने के लिए रची थी। गनीमत रही कि यह जहरीला खाना बच्चों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ में आ गया।\n\nपत्नी की बर्खास्तगी से भड़का पति\nपुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान अरुमुगम के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि अरुमुगम की पत्नी इसी सरकारी स्कूल में रसोइए के पद पर काम करती थी। खाने की गुणवत्ता खराब होने और घटिया कुकिंग की लगातार शिकायतें मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने उसे नौकरी से हटा दिया था। पत्नी की बर्खास्तगी अरुमुगम को नागवार गुजरी और उसने स्कूल को बदनाम करने के साथ-साथ बदला लेने की खौफनाक योजना बना डाली। इस काम को अंजाम देने के लिए उसने खुद सीधे स्कूल में दखल देने के बजाय वहीं पढ़ने वाले एक मासूम छात्र को निशाना बनाया। बच्चे को डरा-धमकाकर मजबूर किया गया कि वह मिड-डे मील में बनने वाले सांभर में सूखे गोबर का पाउडर मिला दे। पुलिस के अनुसार यह घटना 29 अगस्त की है।\n\nटीचरों की सतर्कता से बचा बड़ा हादसा\nसरकारी स्कूलों में नियम है कि बच्चों को खाना परोसे जाने से पहले शिक्षक खुद उसका एक सैंपल चखकर स्वाद और गुणवत्ता जांचते हैं। इसी नियम की वजह से यह साजिश नाकाम हो गई। जब शिक्षकों ने सांभर के जांच वाले हिस्से का स्वाद लिया, तो उन्हें वह असामान्य रूप से कड़वा महसूस हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि गलती से हल्दी ज्यादा मात्रा में पड़ गई होगी, लेकिन स्वाद पर शक गहराने पर उन्होंने मामले की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी। जांच में खुलासा हुआ कि सांभर में गोबर का पाउडर मिलाया गया था। राहत की बात यह रही कि यह मिलावट केवल शिक्षकों के लिए अलग रखे गए जांच वाले हिस्से में ही की गई थी। बच्चों को परोसा जाने वाला सांभर पूरी तरह सुरक्षित रहा, जिससे किसी भी छात्र की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा और कोई बच्चा बीमार नहीं हुआ।\n\nशिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने दबोचा आरोपी\nमामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने 1 सितंबर को इरोड पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तेजी से जांच शुरू करते हुए आरोपी अरुमुगम की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 123 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा किसी अपराध को अंजाम देने के इरादे से जहर या किसी हानिकारक पदार्थ का इस्तेमाल कर चोट पहुंचाने से जुड़े मामलों में लगाई जाती है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की आगे कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना के बाद स्कूल में मिड-डे मील योजना की निगरानी को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना स्कूलों में मिड-डे मील और सरकारी नाश्ता योजनाओं की निगरानी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।\n\n• भारत में: देशभर के सरकारी स्कूलों में चलने वाली मुफ्त भोजन योजनाओं में गुणवत्ता जांच अनिवार्य है। यह मामला दिखाता है कि खाना परोसने से पहले टीचरों द्वारा स्वाद जांचने का नियम बच्चों की जान बचाने में कितना अहम साबित हो सकता है।\n• तमिलनाडु के इरोड में: स्थानीय प्रशासन अब स्कूल की रसोई और स्टाफ पर निगरानी बढ़ा सकता है। अभिभावकों को अपने बच्चों के स्कूल में खाना बनाने और परोसने की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ करने का अधिकार है।\n• कानूनी पहलू: आरोपी पर बीएनएस की धारा 123 के तहत केस दर्ज हुआ है, जिसमें जहर या हानिकारक पदार्थ मिलाकर नुकसान पहुंचाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को लंबी कैद हो सकती है।\n• स्कूल स्टाफ के लिए: निजी विवादों का बदला बच्चों की सुरक्षा से जोड़ना अब कानूनन गंभीर अपराध माना जाएगा। स्कूल प्रबंधन को स्टाफ हटाने के बाद संभावित प्रतिक्रिया पर भी सतर्क रहना होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहां हुई?\nतमिलनाडु के इरोड जिले के एक सरकारी स्कूल में यह घटना हुई।\n\n2. आरोपी ने ऐसा क्यों किया?\nउसकी पत्नी को खराब खाना बनाने की शिकायतों के बाद स्कूल की रसोइए की नौकरी से निकाल दिया गया था, इसी का बदला लेने के लिए उसने यह साजिश रची।\n\n3. आरोपी का नाम क्या है?\nआरोपी की पहचान अरुमुगम के रूप में हुई है।\n\n4. क्या कोई बच्चा बीमार पड़ा?\nनहीं, गोबर का पाउडर केवल शिक्षकों के जांच वाले सैंपल में मिलाया गया था, इसलिए बच्चों को परोसा गया सांभर सुरक्षित रहा और कोई बच्चा बीमार नहीं हुआ।\n\n5. यह मामला कैसे पकड़ में आया?\nखाना परोसने से पहले शिक्षकों ने सैंपल चखा तो सांभर असामान्य रूप से कड़वा लगा, जिसके बाद जांच में गोबर की मिलावट का खुलासा हुआ।\n\n6. यह घटना कब हुई?\nयह घटना 29 अगस्त को हुई और इसकी शिकायत 1 सितंबर को दर्ज कराई गई।\n\n7. आरोपी पर कौन सी धारा लगाई गई?\nआरोपी पर भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 123 के तहत केस दर्ज किया गया है।\n\n8. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?\nशिकायत दर्ज होने के बाद इरोड पुलिस ने तेजी से जांच कर आरोपी अरुमुगम की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।",
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  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-09-05",
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    "सरकारी स्कूल",
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    "स्कूल रसोइया",
    "बदले की साजिश"
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