फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन स्मित मच्छर ने सुनाई कॉकपिट के अंदर हुए खौफनाक संघर्ष की पूरी कहानी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अस्पताल के बिस्तर से इंटरव्यू देकर फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के दौरान हुए हमले और को-पायलट की साजिश का खुलासा किया है। अस्पताल के बिस्तर से भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के भीतर घटी भयावह घटना की पूरी दास्तान बयां की है। उन्होंने द नेशनल और स्काई न्यूज अरेबिया को दिए गए अपने इंटरव्यू में बताया कि कैसे आरोपी को-पायलट अल-हमामी ने विमान को गिराने की खतरनाक साजिश रची थी। कैप्टन ने साफ किया कि यदि वह अपनी आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा न खोलते, तो यह खौफनाक हादसा दुनिया के लिए एक और 9/11 जैसी त्रासदी साबित हो सकता था। उस डरावने पल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपी सह-पायलट ने उनसे कॉकपिट के भीतर ही नमाज अदा करने की इच्छा जताई थी। कैप्टन ने उसकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उसे इसकी अनुमति दे दी और अपना पूरा ध्यान विमान को सुरक्षित उड़ाने में लगा दिया। पीछे से हुआ अचानक हमला और को-पायलट की साजिश कैप्टन स्मित मच्छर ने आगे बताया कि वह अपने विमान संचालन के कामों में पूरी तरह व्यस्त थे और सम्मान के भाव के कारण उन्होंने अपनी नजरें घुमाकर पीछे नहीं देखा था। अचानक उन्हें अपने सिर के पिछले हिस्से पर किसी भारी चीज से बहुत तेज वार का अहसास हुआ। हालांकि उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि हमलावर ने किस भारी वस्तु का इस्तेमाल किया था, लेकिन वह प्रहार इतना जोरदार था कि वह उसी क्षण अधमरे हो गए। इसके बाद वह लगातार होश खो रहे थे और बार-बार दर्द तथा कमजोरी के कारण बेहोश हो रहे थे। खून से लथपथ और फर्श पर चेहरे के बल गिरे होने के बावजूद उनके भीतर जीने की और यात्रियों की रक्षा करने की जबरदस्त ललक पैदा हो गई। विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगा रहा था, लेकिन उन्होंने हार न मानते हुए खुद से कहा कि वह इस तरह मौत को गले नहीं लगा सकते और उन्हें हर हाल में मुकाबला करना होगा। वीडियो में देखिए कैप्टन स्मित मच्छर का यह इंटरव्यू कॉकपिट का दरवाजा खुलने से बची सैकड़ों यात्रियों की जान अपनी बची हुई समस्त ऊर्जा का उपयोग करते हुए कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का लॉक खोल डाला। दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में सफर कर रहे यात्री तुरंत अंदर कूद पड़े और उन्होंने हमलावर को-पायलट अल-हमामी को धर दबोचा। कैप्टन ने अपने उस साथी पायलट को असली नायक करार दिया जिसने उस भारी अफरा-तफरी के माहौल के बीच विमान का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था। उन्होंने कहा कि उस सह-पायलट ने जिस शानदार तरीके से परिस्थितियों को संभाला और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई, उसे वह अपनी पूरी जिंदगी में कभी नहीं भूल पाएंगे और जीवनभर उसके आभारी रहेंगे। इसके अलावा, एक दंत चिकित्सक ने भी इस यात्रा से जुड़े 45 मिनट के खौफनाक वाकये का जिक्र किया है, जब कैप्टन स्मित की नब्ज लगभग डूब चुकी थी और उन्होंने तुरंत प्लेन लैंड कराने की गुहार लगाई थी। अल-हमामी की पृष्ठभूमि और नेताओं से मिली सराहना जांच के दौरान यह बात पूरी तरह उजागर हो चुकी है कि आरोपी को-पायलट अल-हमामी ओमान एयर द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद फ्लाई दुबई एयरलाइन में नौकरी पाने में सफल रहा था। उसने विशेष तौर पर तेल अवीव जाने वाली उड़ान का चयन किया था ताकि वह अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे सके। अगर उसकी यह योजना सफल हो जाती, तो न केवल विमान में सवार सभी मुसाफिर बल्कि जमीन पर मौजूद सैकड़ों बेकसूर लोग भी काल के गाल में समा जाते। इस असाधारण साहस और सूझबूझ के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से फोन पर लंबी बातचीत की और उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी त्वरित बुद्धि ने एक और बड़े विध्वंस को टाल दिया। अब कैप्टन स्मित को उनकी इस वीरता के लिए भारत और इजरायल सरकारों द्वारा सर्वोच्च नागरिक व वीरता पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसका आप पर असर यह घटना विमानन सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा सकती है। • भारत में: देश भर के विमान यात्रियों और एयरलाइंस के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और कॉकपिट की निगरानी को और अधिक कड़ा किया जा सकता है। • वैश्विक स्तर पर: एयरलाइंस द्वारा पायलटों की पृष्ठभूमि की जांच और मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन के नियमों को और सख्त बनाया जाएगा। • यात्रियों के लिए: उड़ानों के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर यात्रियों की चिंताएं बढ़ सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में कड़े नियमों की मांग उठेगी। • एयरलाइंस उद्योग पर: पायलटों की भर्ती और पृष्ठभूमि सत्यापन प्रक्रिया में एयरलाइंस को अधिक पारदर्शिता और सतर्कता बरतनी होगी। • अंतरराष्ट्रीय यात्रा: मध्य पूर्व और तेल अवीव जाने वाले मार्गों पर उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। ऐसा क्यों हुआ यह खौफनाक घटना एक गंभीर सुरक्षा चूक और सुनियोजित साजिश का परिणाम थी, जिसने एक बड़ी त्रासदी को जन्म देने का प्रयास किया। • साजिश की पृष्ठभूमि: आरोपी को-पायलट अल-हमामी ने जानबूझकर तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट का चयन किया था ताकि वह विमान को क्रैश करा सके। • पूर्व पृष्ठभूमि: ओमान एयर द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद आरोपी फ्लाई दुबई में नौकरी पाने में कामयाब रहा था, जो एयरलाइन की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। • अचानक हुआ प्रहार: कैप्टन के पूरी तरह अपने काम में व्यस्त होने का फायदा उठाकर पीछे से भारी वस्तु से अचानक हमला किया गया था। • बचाव के प्रयास: कैप्टन स्मित की सूझबूझ और बची हुई ताकत से कॉकपिट का लॉक खोलना ही इस भीषण दुर्घटना को टालने का मुख्य कारण बना। सवाल-जवाब 1. कैप्टन स्मित मच्छर ने किस फ्लाइट की घटना का जिक्र किया है? उन्होंने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 की घटना का जिक्र किया है। 2. हमलावर को-पायलट का नाम क्या था? हमलावर को-पायलट का नाम अल-हमामी था। 3. कैप्टन स्मित ने किन मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू दिया? कैप्टन स्मित ने 'द नेशनल' और 'स्काई न्यूज अरेबिया' को इंटरव्यू दिया है। 4. अल-हमामी ने हमले से पहले क्या कहा था? उसने कॉकपिट के भीतर नमाज पढ़ने की इच्छा जताई थी। 5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित से क्या कहा? प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ ने एक और 9/11 होने से रोक लिया। 6. अल-हमामी पहले किस एयरलाइन से बैन था? अल-हमामी ओमान एयर से बैन होने के बावजूद फ्लाई दुबई में नौकरी पाने में कामयाब रहा था। https://trendkia.com/crime/flight-fz1073-ke-captain-smit-machahar-ne-sunai-cockpit-ke-andar-hue-khaufnaak-sangharsh-ki-poori-kahani-48725 TrendKia — Har trend, sabse pehle.