# गाड़ी छोड़ने के नाम पर 4 लाख की रिश्वत, फरीदाबाद में ETO सुरेंद्र पूनिया और ड्राइवर गिरफ्तार

> फरीदाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्क्रैप से भरे वाहन को छोड़ने के एवज में रिश्वत मांगने वाले आबकारी अधिकारी सुरेंद्र पूनिया और उनके ड्राइवर को 1 लाख रुपये की किश्त लेते पकड़ा।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/gari-chhorane-ke-nama-para-4-lakha-ki-rishvata-faridabad-men-eto-surender-punia-aura-draivara-giraphtara-22258 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद पुलिस, एंटी करप्शन ब्यूरो, सुरेंद्र पूनिया ETO, रिश्वतखोरी, हरियाणा अपराध, ट्रांसपोर्ट समाचार

हरियाणा के फरीदाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ETO) सुरेंद्र पूनिया और उनके ड्राइवर राम बाबू को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों पर आरोप है कि लखनऊ से माल लेकर आए एक व्यावसायिक वाहन को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की पेनाल्टी का डर दिखाकर 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर ड्राइवर को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ कार्यालय से रंगे हाथों दबोचा।

## स्क्रैप से भरी गाड़ी रोकने के बाद शुरू हुआ वसूली का खेल
इस पूरे मामले की शुरुआत 10 अगस्त को हुई जब ईटीओ सुरेंद्र पूनिया ने लखनऊ से स्क्रैप ला रही एक ट्रांसपोर्ट कंपनी की गाड़ी को फरीदाबाद क्षेत्र में चेकिंग के दौरान रोक लिया। गाड़ी की देखरेख और रूट पास प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी अशोक ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उसी रात अशोक की मुलाकात अधिकारी से हुई, जहां वाहन पर लगभग 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कहकर 4 लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने का सौदा तय किया गया।

## सेक्टर-11 के पीजी में तय हुई किश्तें और भविष्य का आश्वासन
रिश्वत की रकम और उसके भुगतान का तरीका तय करने के लिए 14 अगस्त को सेक्टर-11 स्थित एक पीजी में बैठक हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ईटीओ सुरेंद्र पूनिया ने 2 लाख रुपये 15 अगस्त के बाद और शेष 2 लाख रुपये अगले दो से चार दिनों में देने के लिए कहा। बातचीत के दौरान अधिकारी ने ट्रांसपोर्टर को यह भरोसा भी दिया कि रिश्वत चुकता करने के बाद उनकी कंपनी की किसी भी गाड़ी को रास्ते में नहीं रोका जाएगा। इस पूरी बातचीत के समय ईटीओ का ड्राइवर राम बाबू भी उनके साथ मौजूद था।

## कार्यालय में बिछाया गया जाल और ड्राइवर की गिरफ्तारी
ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि अशोक ने अधिकारी के साथ हुई इस रिश्वत की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर ली और उसे एंटी करप्शन ब्यूरो फरीदाबाद को सौंप दिया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता 1 लाख रुपये की पहली किश्त लेकर अधिकारी के कार्यालय पहुंचा। वहां मौजूद ड्राइवर राम बाबू ने ईटीओ की ओर से 1 लाख रुपये की नकदी स्वीकार की, तभी घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने राम बाबू को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली।

## भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एंटी करप्शन ब्यूरो ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईटीओ सुरेंद्र पूनिया और ड्राइवर राम बाबू दोनों को हिरासत में ले लिया। इस संबंध में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना फरीदाबाद में 25 अगस्त को एफआईआर संख्या 19 दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा कायम किया है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर बिजेंदर ने बताया कि एसीबी की टीम रिश्वत की बाकी रकम और इस प्रकरण में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह खबर प्रशासनिक सतर्कता और व्यापारिक संचालन से जुड़ी है:

- **भारत में:** व्यावसायिक वाहनों की अवैध जब्ती के खिलाफ त्वरित सरकारी कार्रवाई से माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टरों का भरोसा मजबूत होता है।
- **फरीदाबाद में:** स्थानीय औद्योगिक व परिवहन नेटवर्क में भ्रष्ट अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगने से पारदर्शी व्यापार माहौल बनेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. ईटीओ सुरेंद्र पूनिया और उनके ड्राइवर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें फरीदाबाद में एक स्क्रैप वाहन को छोड़ने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 1 लाख रुपये स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

### 2. रिश्वत का मामला एंटी करप्शन ब्यूरो तक कैसे पहुंचा?
ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी अशोक ने अधिकारी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग एसीबी को सौंपकर शिकायत दर्ज कराई थी।

### 3. रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए कौन पकड़ा गया?
ईटीओ का ड्राइवर राम बाबू कार्यालय में अधिकारी के लिए 1 लाख रुपये की पहली किश्त स्वीकार करते समय पकड़ा गया।

### 4. दोनों आरोपियों के खिलाफ किस कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है?
फरीदाबाद के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर संख्या 19 दर्ज की गई है।

### 5. रिश्वत की रकम तय करने के लिए बैठक कहां हुई थी?
अधिकारी और शिकायतकर्ता के बीच किश्तों में 4 लाख रुपये भुगतान करने का सौदा सेक्टर-11 स्थित एक पीजी में हुआ था।

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