गाजियाबाद के मंडोला जंगल में मिला लापता कारोबारी का शव, धारदार हथियार से किए गए थे ताबड़तोड़ वार लोनी के ट्रॉनिका सिटी इलाके में रविवार से लापता 42 वर्षीय हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता का शव मंडोला के जंगलों में मिला। शरीर पर चाकू के कई गहरे निशान मिले हैं और पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। गाजियाबाद जनपद के लोनी बॉर्डर से सटे ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रविवार शाम से अचानक गायब हुए एक स्थानीय हार्डवेयर कारोबारी की चाकू गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह उनका खून से लथपथ शव मंडोला गांव के निकटवर्ती जंगल में बरामद हुआ। मृतक के जिस्म पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई प्रतीत होती है। सूचना पाकर पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें मौके पर पहुंचीं और जरूरी साक्ष्य जुटाए। मवेशी चराने गए चरवाहे ने दी थी पुलिस को सूचना मृतक की शिनाख्त 42 साल के विनोद गुप्ता के रूप में हुई है, जो भोला गुप्ता के पुत्र थे। विनोद पुस्ता पुलिस चौकी के समीप अपनी हार्डवेयर सामग्री की दुकान चलाते थे। परिजनों के मुताबिक, विनोद रविवार शाम से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे और उनका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। अगली सुबह लगभग 10 बजे जब एक स्थानीय ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने मंडोला के जंगल की तरफ गया, तो उसने वहां झाड़ियों में एक अज्ञात शव पड़ा देखा। ग्रामीण ने तुरंत पुलिस को इस संबंध में खबर दी। सूचना प्राप्त होते ही ट्रॉनिका सिटी थाने की पुलिस टीम बिना देर किए घटनास्थल पर रवाना हो गई। मौके पर पहुंचकर जब पुलिसकर्मियों ने जांच की, तो मृतक के शरीर पर चाकुओं से किए गए कई गहरे जख्म मिले। इन निशानों से पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि कारोबारी की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। उच्चाधिकारियों ने किया मौका-मुआयना, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स और आसपास पड़े जरूरी सुराग अपने कब्जे में लिए। इसके पश्चात पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम गृह भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी रूरल) सुरेंद्र नाथ तिवारी, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी लोनी) रामकिशन और ट्रॉनिका सिटी के थाना प्रभारी भारी पुलिस बल लेकर जंगल पहुंचे। अधिकारियों ने इलाके की बारीकी से छानबीन की और मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस टीम परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि रंजिश या लेन-देन से जुड़े किसी भी विवाद का पता लगाया जा सके। फिलहाल हत्याकांड की असली वजह सामने नहीं आ सकी है और पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है। रोहतक में नहर से मिला था दिल्ली के प्रेमी जोड़े का शव एक अन्य सनसनीखेज मामले में हरियाणा के रोहतक जिले से भी गंभीर घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली के रहने वाले एक युवक और उसकी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर उनके शव आसौधा के पास स्थित नहर में फेंक दिए गए थे। गोताखोरों की मदद से पुलिस ने दोनों शवों को नहर से बाहर निकाला। जांच में पता चला कि दोनों मृतक बीते आठ महीनों से साथ रह रहे थे। इस दोहरे हत्याकांड का आरोप युवक के ही दोस्तों पर लगा है। पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचकर अदालत से तीन दिन की पुलिस रिमांड हासिल कर ली है, जिनसे गहन पूछताछ चल रही है। इसका आप पर असर इस तरह की हिंसक वारदातें कारोबारी समुदाय और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी करती हैं। • भारत में: व्यापारियों और नागरिकों के खिलाफ अचानक होने वाले हिंसक अपराध कानून व्यवस्था पर सतर्कता बढ़ाने का संदेश देते हैं। इससे व्यवसायियों को शाम के समय अपनी सुरक्षा और व्यावसायिक विवादों की समय रहते पुलिस शिकायत दर्ज करने की जरूरत समझ आती है। • गाजियाबाद में: लोनी और ट्रॉनिका सिटी के सुनसान इलाकों में आवाजाही करने वाले लोगों को शाम के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या अचानक गुमशुदगी की तत्काल पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना देनी चाहिए। • परिवारों के लिए: अगर परिवार का कोई सदस्य सामान्य समय पर घर न लौटे, तो तुरंत नजदीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में काफी मदद मिल सकती है। • न्याय प्रक्रिया: पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही समय और चोटों की प्रकृति पूरी तरह साफ हो पाएगी। पीड़ित परिवार को कानूनी न्याय मिलने के लिए पुलिस का आरोपियों को जल्द पकड़ना बेहद जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ यह वारदात एक कारोबारी के अचानक गायब होने और फिर सुनसान जंगल में शव मिलने से जुड़ी है, जिसमें हत्या की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। • सीधा कारण: व्यापारी के शरीर पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे, जिससे मौके पर ही अत्यधिक रक्तस्राव होने से उनकी जान चली गई। प्राथमिक दृष्टि से यह योजनाबद्ध तरीके से किया गया हमला प्रतीत होता है। • परिस्थितिजन्य पृष्ठभूमि: मृतक रविवार शाम से लापता थे और उनका शव अगले दिन सुबह सुनसान जंगली इलाके में मिला। सुनसान इलाका होने की वजह से अपराधियों को वारदात अंजाम देने या शव छिपाने का मौका मिल गया। • जांच की वर्तमान स्थिति: हत्या पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या लूटपाट के इरादे से की गई, इस पर पुलिस अभी जांच कर रही है। फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटनाक्रम की सही दिशा स्पष्ट हो पाएगी। सवाल-जवाब 1. मृतक कारोबारी का नाम क्या था और वह क्या काम करते थे? मृतक का नाम 42 वर्षीय विनोद गुप्ता था और वह पुस्ता पुलिस चौकी के पास हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। 2. विनोद गुप्ता का शव कहां से बरामद किया गया? उनका शव गाजियाबाद के लोनी इलाके में ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के मंडोला गांव के पास जंगल में मिला। 3. शव को सबसे पहले किसने देखा और पुलिस को कैसे पता चला? सोमवार सुबह करीब 10 बजे मंडोला के जंगल में भैंस चराने गए एक चरवाहे ने शव देखकर पुलिस को सूचित किया। 4. घटनास्थल पर कौन से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे? डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसीपी लोनी रामकिशन और ट्रॉनिका सिटी थाना प्रभारी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। 5. रोहतक में हुई दूसरी घटना में क्या कार्रवाई हुई है? रोहतक नहर से दिल्ली के प्रेमी जोड़े का शव बरामद होने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है। https://trendkia.com/crime/ghaziabad-ke-mandola-jngala-men-mila-lapata-karobari-ka-shava-dharadara-hathiyara-se-kie-gae-the-tabaratora-vara-46958 TrendKia — Har trend, sabse pehle.