गाजियाबाद में इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट से सरिया चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार और 41 टन से ज्यादा माल बरामद गाजियाबाद में पुलिस ने कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट से वजन में हेराफेरी कर सरिया चुराने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को दबोचा गया है और उनके कब्जे से करीब 41.78 टन सरिया व ट्रक बरामद हुआ है। गाजियाबाद में पुलिस ने लोहे की सरिया चुराने वाले एक बड़े गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चार लोगों को धर दबोचा है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब पुलिस की स्वाट टीम, अपराध शाखा और कविनगर थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से एक अभियान चलाया। इस सनसनीखेज वारदात में शातिर अपराधी कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल कर वजन में बड़ा फेरबदल करते थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया भारी-भरकम माल भी बरामद कर लिया है, जिसका वजन 41,780 किलोग्राम यानी करीब 41.78 टन है। गुप्त सूचना पर 23 अगस्त को हुई संयुक्त कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देशों के तहत और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त अपराध के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग धर्मकांटे में तकनीकी छेड़छाड़ करके चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसके आधार पर 23 अगस्त 2026 को पुलिस टीमों ने जाल बिछाया और चार आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की। मौके से पकड़ा गया ट्रक नंबर NL01AH7968 पूरी तरह चोरी के सरियों से भरा हुआ था। नैथली बारापत गोदाम में उतारा जाता था चोरी का माल पकड़े गए आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि चोरी किया गया सारा सरिया नैथली बारापत ले जाया जाता था। इस अवैध काम को अंजाम देने के लिए उद्योग कुंज धर्मकांटे के पास एक विशेष गोदाम बनाया गया था। इस गोदाम को संचालित करने के पीछे बुलंदशहर के रहने वाले राजकुमार उर्फ राजू, शास्त्रीनगर गाजियाबाद के लोकेश शर्मा उर्फ दिवाकर और डासना के रहने वाले आफताब की मुख्य भूमिका बताई गई है। ट्रक खाली होने के बाद दूसरी गाड़ियों से होती थी ढुलाई पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि जब मुख्य ट्रक गोदाम पर पहुंचता था और वहां सरिया उतारा जाता था, उसके तुरंत बाद राजकुमार, आफताब और दिवाकर द्वारा दूसरी गाड़ियां भेजी जाती थीं। उन गाड़ियों में चोरी का माल लादकर अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर भिजवा दिया जाता था। इस अवैध धंधे से ये लोग काफी मुनाफा कमाते थे और काम में सहयोग करने वाले मजदूरों को उनकी सामान्य मजदूरी से कहीं अधिक पैसे देकर अपने साथ जोड़े रखते थे। धर्मकांटे में चिप और रिमोट का हाईटेक इस्तेमाल इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में एक गुप्त इलेक्ट्रॉनिक चिप फिट कर देते थे और फिर रिमोट कंट्रोल के जरिए कांटे के वजन को नियंत्रित करते थे। इससे वाहनों के वजन में हेराफेरी करके आसानी से सरिया चुरा लिया जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी काफी लंबे समय से इस तरह की चोरियों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह के सदस्यों आफताब और राजू का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान और बरामदगी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान हापुड़ के गांव गुजराला निवासी मुसर्रफ पुत्र अनवर (उम्र 42 वर्ष), मेरठ के बिजली बंबा बाईपास निवासी ओसामा पुत्र रिफाकत (उम्र 25 वर्ष), बुलंदशहर के गुललावठी निवासी ईमरान पुत्र एजाज अली (उम्र 27 वर्ष) और औरैया के बिधूना निवासी प्रशांत पुत्र शैलेन्द्र कुमार (उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 41,780 किलोग्राम सरिया और वारदात में प्रयुक्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अन्य सह-आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब उन तमाम संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इसका आप पर असर भारत में: निर्माण सामग्री की चोरी और अवैध सिंडिकेट्स के खिलाफ पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से ढांचागत सामग्री की सुरक्षा को लेकर कड़े संदेश गए हैं। गाजियाबाद में: स्थानीय स्तर पर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स को धर्मकांटों में होने वाली हेराफेरी से राहत मिल सकती है और औद्योगिक इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। सवाल-जवाब 1. गाजियाबाद में पुलिस ने किस गिरोह का पर्दाफाश किया है? पुलिस ने कंप्यूटरीकृत धर्मकांटों में इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट का इस्तेमाल कर सरिया चुराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 2. इस कार्रवाई के दौरान कुल कितना सरिया बरामद किया गया है? पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 41,780 किलोग्राम यानी लगभग 41.78 टन चोरी का सरिया बरामद किया है। 3. इस मामले में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान चार सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4. आरोपी वजन में हेराफेरी कैसे करते थे? आरोपी धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप फिट करके रिमोट की मदद से वजन को कम-ज्यादा कर लेते थे। https://trendkia.com/crime/ghaziabad-men-electronic-chip-aura-remote-se-sariya-chori-karane-vale-giroha-ka-bhndaphora-chara-giraphtara-aura-41-tana-se-jyada--20677 TrendKia — Har trend, sabse pehle.