गुजरात में नकली दूध बनाने वाली अवैध फैक्ट्री पर बड़ा छापा, हजारों लीटर दूध और घी बरामद गुजरात के जामनगर में पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक अवैध डेयरी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान मौके से सात हजार लीटर से अधिक नकली दूध, घी और मिल्क पाउडर जब्त किया गया है। गुजरात के जामनगर जिले में प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कालावड़ तालुका के अंतर्गत आने वाले हरीपर गांव में पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध रूप से दूध तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री और उत्पाद बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। छापेमारी में भारी मात्रा में सामग्री बरामद पुलिस को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि इस ग्रामीण इलाके में अवैध तरीके से दूध का निर्माण कर उसकी बड़े पैमाने पर सप्लाई की जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस दल ने हरीपर गांव में स्थित इस ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान अधिकारियों को मौके से सात हजार लीटर से अधिक दूध मिला। इसके अलावा, 120 लीटर वनस्पति घी और 15 किलो मिल्क पाउडर भी बड़ी मात्रा में जब्त किया गया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि मौके से किसी भी तरह के खतरनाक केमिकल या वॉशिंग पाउडर जैसे घातक पदार्थ बरामद नहीं किए गए हैं। लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई इस पूरी कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग यानी FSO की टीम तुरंत हरकत में आई। टीम ने मौके से दूध और अन्य सभी बरामद सामग्रियों के सैंपल जुटाए और उन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए तुरंत प्रयोगशाला भेज दिया है। इस मामले में पुलिस ने लगभग छह संदिग्ध लोगों की पहचान भी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आते ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ औपचारिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी। जामनगर और आसपास के इलाकों में होती थी सप्लाई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध फैक्ट्री में तैयार होने वाला मिलावटी दूध केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि जामनगर शहर और उसके आसपास के कई ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में धड़ल्ले से सप्लाई किया जाता था। इस नेटवर्क की गहराई का पता लगाने के लिए अब पुलिस कॉल रिकॉर्डिंग और तकनीकी सर्विलांस का सहारा ले रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका पूरा सप्लाई चेन नेटवर्क कहां-कहां तक फैला हुआ था। त्योहारों के सीजन में बढ़ती हैं ऐसी घटनाएं इस प्रकार के अवैध कारखानों और मिलावट के मामलों का खुलासा आमतौर पर त्योहारों के सीजन के आसपास अधिक देखने को मिलता है। जब बाजार में दूध और उससे बने उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है, तब ऐसे अवैध धंधे करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद रहते हैं और इस तरह की हरकतों की सख्त निगरानी करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का घटिया और मिलावटी माल इंसानी शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है और इसे खाने से आम लोगों की सेहत गंभीर रूप से बिगड़ सकती है। फिलहाल जामनगर पुलिस और खाद्य विभाग की टीमें अंतिम लैब रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही हैं, जिसके बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। इसका आप पर असर आम जनता के लिए इस खबर का सीधा असर सेहत और सुरक्षा से जुड़ा है: • भारत में: त्योहारी सीजन या सामान्य दिनों में बाजार से खरीदे जाने वाले दूध और डेयरी उत्पादों की शुद्धता को लेकर चिंता बढ़ती है, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों की सख्त जांच की मांग जोर पकड़ती है। • जामनगर में: स्थानीय उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि शहर और आसपास के इलाकों में इस अवैध फैक्ट्री से मिलावटी दूध की सप्लाई की जा रही थी, जिसका सीधा असर स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. यह अवैध दूध फैक्ट्री गुजरात में कहाँ पकड़ी गई? यह अवैध फैक्ट्री जामनगर जिले के कालावड़ तालुका के हरीपर गांव में पकड़ी गई। 2. छापेमारी के दौरान कुल कितना दूध जब्त किया गया? पुलिस ने छापेमारी के दौरान 7 हजार लीटर से अधिक दूध जब्त किया है। 3. दूध के अलावा मौके से और क्या सामान बरामद हुआ? मौके से 120 लीटर वनस्पति घी और 15 किलो मिल्क पाउडर भी बरामद किया गया। 4. इस मामले में कितने लोगों की पहचान हुई है? पुलिस जांच के दौरान मौके से लगभग 6 लोगों की पहचान हुई है। 5. नकली दूध की सप्लाई कहाँ की जाती थी? यह दूध जामनगर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। https://trendkia.com/crime/gujarat-mein-nakli-dudh-factory-jamnagar-raid-seized-20760 TrendKia — Har trend, sabse pehle.