गुवाहाटी में यूनिवर्सिटी छात्रा निमिषा की संदिग्ध मौत मामले में रैपिडो चालक आसिक अली गिरफ्तार, होमस्टे मालिक हिरासत में गुवाहाटी में यूनिवर्सिटी छात्रा की होमस्टे के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने रैपिडो चालक आसिक अली को गिरफ्तार किया है और बिना पहचान पत्र के कमरा देने वाले होमस्टे मालिक को हिरासत में लिया है। असम की राजधानी गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा की होमस्टे के भीतर हुई संदिग्ध मौत के सनसनीखेज मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत 26 साल के आसिक अली को गिरफ्तार कर लिया है, जो पेशे से एक रैपिडो ड्राइवर है। इसके साथ ही जिस 'रूद्रा किचन' नामक होमस्टे में यह घटना घटी, उसके मालिक जयंत साठी को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर इस लड़के और लड़की को बिना किसी वैध पहचान पत्र या आधार कार्ड के कमरे में रहने की इजाजत दी गई थी। प्राथमिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ये दोनों महीने में लगभग पांच बार इस होमस्टे में ठहरने आते थे। होमस्टे का माहौल और आधी रात का घटनाक्रम पुलिस जांच के अनुसार, छात्रा घटना की शाम को आसिक अली के साथ गोरल स्थित रूद्रा किचन होमस्टे पहुंची थी। होमस्टे के कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि दोनों को पहले भी कई बार वहां आते-जाते देखा गया था। घटना की रात कमरे के अंदर शराब पार्टी का आयोजन हुआ था, जिसके दौरान खाने के लिए चावल और एग करी का ऑर्डर दिया गया था। इसके बाद देर रात करीब 2 बजे एक अजीब घटना घटी, जब आसिक अली ने होमस्टे के रसोइये का दरवाजा खटखटाकर उसे नींद से जगाया। मां को आधी रात में आई कॉल और दर्दनाक खुलासा इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वह फोन कॉल है जो छात्रा ने अपनी मां को देर रात की थी। छात्रा के पिता ने इस संबंध में बताया कि रात लगभग 2 बजे उनकी बेटी ने अपनी मां के नंबर पर फोन किया था। उस दौरान उसने रोते और तड़पते हुए कहा कि उसे सीने पर लात मारी गई है और उससे सांस नहीं ली जा रही है। परिवार के अनुसार, फोन कॉल के दौरान पृष्ठभूमि में दो से तीन अन्य युवकों की आवाजें भी साफ सुनाई दे रही थीं। इस बातचीत के तुरंत बाद छात्रा का मोबाइल फोन बंद हो गया। जब परिजन दोबारा संपर्क करने में नाकाम रहे, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अस्पताल ले जाने का घटनाक्रम और शरीर पर चोट के निशान सूचना मिलने पर पुलिस ने छात्रा की खोजबीन शुरू की और उसे गोरल स्थित रूद्रा किचन से बेहद गंभीर स्थिति में बरामद किया। पहले उसे प्राथमिक इलाज के लिए गोरल पीएचई ले जाया गया, जिसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के लिए रेफर कर दिया गया। रात करीब 3 बजे एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस को 'जोन' नाम के एक शख्स ने फोन करके बुलाया था और अस्पताल ले जाते समय आसिक अली भी छात्रा के साथ मौजूद था। पुलिस की शुरुआती जांच में छात्रा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। पीड़िता के चेहरे, हाथों, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों के अलावा जननांगों पर भी चोट पाई गई है। हालांकि, ये चोटें किन परिस्थितियों में और कब लगीं, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पिता की व्यथा और जांच से जुड़ी मांगें छात्रा के पिता ने अपनी बेटी की मौत की जांच को लेकर गहरा असंतोष जताया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शाम करीब 5 बजे घर से बाहर खाना खाने की बात कहकर निकली थी। बाद में उसने घर पर जानकारी दी थी कि वह अपनी एक सहेली के साथ हॉस्टल में रुक रही है। 22 वर्षों तक अपनी बेटी का पालन-पोषण करने वाले पिता ने मांग की है कि इस जघन्य घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मृतका गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स की स्नातक छात्रा थी। उसकी इस अचानक मौत ने कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं, जैसे उस रात होमस्टे के बंद कमरे में आखिर क्या हुआ था? छात्रा के शरीर पर मिले चोट के निशान किस वजह से आए? फोन कॉल के समय कमरे में कौन लोग मौजूद थे और कॉल कटते ही फोन बंद क्यों हो गया? क्या कमरे में आसिक अली के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे? पुलिस फिलहाल इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है, हालांकि आधिकारिक स्तर पर सभी तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। इसका आप पर असर यह दुखद घटना भारत भर में होमस्टे और छोटे होटलों में सुरक्षा और नियमों के पालन की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। • भारत में: देश भर के होमस्टे और गेस्ट हाउसों में बिना पहचान पत्र के प्रवेश देने पर सख्त कार्रवाई का कानून लागू होना जरूरी है। यात्रियों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा पंजीकृत और अधिकृत परिसरों का ही चयन करना चाहिए। • गुवाहाटी में: स्थानीय प्रशासन ने शहर के बिना लाइसेंस और बिना आईडी चेक के चलने वाले होमस्टे के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। गुवाहाटी के निवासियों और छात्रों को अपने रहने के स्थानों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। • युवाओं के लिए सुरक्षा सलाह: आपात स्थिति में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 डायल करना चाहिए और लाइव लोकेशन परिजनों के साथ शेयर करनी चाहिए। संदिग्ध या असुरक्षित परिस्थितियों में अकेले किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ ठहरने से बचना चाहिए। • परिवारों के लिए जरूरी कदम: देर रात आपातकालीन संपर्क नंबरों को सक्रिय रखें और परिजनों के लगातार संपर्क में रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर बिना देरी किए नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। ऐसा क्यों हुआ गुवाहाटी के होमस्टे में हुई छात्रा की संदिग्ध मौत के पीछे कई सुरक्षा लापरवाही और अज्ञात परिस्थितियां जिम्मेदार रही हैं। • बिना सत्यापन प्रवेश: होमस्टे मालिक ने बिना आधार कार्ड या आईडी जांच के कमरा किराए पर दिया। इस नियम उल्लंघन के कारण परिसर के भीतर सुरक्षा निगरानी का अभाव रहा। • शराब पार्टी और हमला: कमरे में रात के समय शराब पार्टी हुई जिसके बाद शारीरिक हमले के संकेत मिले हैं। छात्रा की मां को की गई कॉल से पता चलता है कि उसे सीने पर लात मारी गई थी। • संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी: फोन कॉल के दौरान 2-3 अन्य युवकों की आवाजें सुनाई दी थीं। कमरे में दो से अधिक लोगों की मौजूदगी और बाद में फोन बंद होना साजिश की ओर इशारा करता है। • जांच जारी: मौत के सटीक कारणों और शारीरिक चोटों के समय का पता लगाने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। सवाल-जवाब 1. निमिषा की मौत के मामले में पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया है? पुलिस ने 26 वर्षीय रैपिडो चालक आसिक अली को गिरफ्तार किया है और 'रूद्रा किचन' होमस्टे के मालिक जयंत साठी को हिरासत में लिया है। 2. होमस्टे में क्या नियम उल्लंघन पाया गया? होमस्टे में बिना किसी पहचान पत्र या आधार कार्ड के रुकने की अनुमति दी गई थी। 3. छात्रा ने रात 2 बजे अपनी मां से फोन पर क्या कहा था? छात्रा ने फोन पर कहा था कि उसे सीने पर लात मारी गई है और उससे सांस नहीं ली जा रही है। 4. पीड़िता को किस अस्पताल ले जाया गया? उसे पहले गोरल पीएचई और फिर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। https://trendkia.com/crime/guvahati-men-yunivarsiti-chhatra-nimisha-ki-sndigdha-mauta-mamale-men-raipido-chalaka-aashik-ali-giraphtara-homaste-malika-hirasat-39062 TrendKia — Har trend, sabse pehle.