गुवाहाटी में निमिषा ठाकुरिया मर्डर केस के आरोपी पर पुलिस की फायरिंग, रिमांड खत्म होने से पहले पैर में लगी दो गोलियां गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी आशिक अली पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान फायरिंग में घायल हो गया है। असम की राजधानी गुवाहाटी में छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल हो गया है। यह घटना मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे धारापुर इलाके में उस समय घटी जब आरोपी ने पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने उसे भागने से रोकने के लिए गोलियां चलाईं, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और दोबारा पकड़ा गया। भागने की कोशिश और मंगलवार तड़के हुई फायरिंग सुरक्षा बलों के अनुसार, आशिक अली को मंगलवार तड़के किसी स्थान पर ले जाया जा रहा था, तभी उसने अचानक भागने का कदम उठाया। पुलिस ने चेतावनी देने के बाद उसे काबू में करने के लिए फायरिंग की। घटना के तत्काल बाद घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करते हुए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अस्पताल में भर्ती और मेडिकल रिपोर्ट गोली लगने के उपरांत आशिक अली को सुबह करीब 5:35 बजे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) पहुंचाया गया, जहां उसे तुरंत भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। GMCH के अधीक्षक के अनुसार, आरोपी के दाहिने पैर में दो जगह गोलियां लगी हैं। पहली गोली घुटने के ठीक नीचे लगी, जबकि दूसरी गोली पिंडली के हिस्से में लगी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि दोनों गोलियां पैर को आर-पार करते हुए निकल गईं। मेडिकल टीम ने परीक्षण के बाद पुष्टि की कि उसके शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। रिमांड खत्म होने से चंद घंटे पहले की घटना आशिक अली की 8 दिन की पुलिस हिरासत मंगलवार को ही समाप्त हो रही थी। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत रिमांड पूरी होने के बाद उसे उसी दिन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में पेश किया जाना था। अदालत में पेशी से महज कुछ घंटे पहले हिरासत से भागने की कोशिश और एनकाउंटर की इस कार्रवाई ने मामले में नया घटनाक्रम जोड़ दिया है। धारापुर होमस्टे और निमिषा ठाकुरिया की मौत का पूरा घटनाक्रम यह गंभीर मामला 25 सितंबर को उस वक्त प्रकाश में आया था, जब धारापुर स्थित रुद्राक्ष होमस्टे के एक कमरे से गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया का शव बरामद किया गया था। वह अपने कथित प्रेमी आशिक अली के साथ उक्त होमस्टे में ठहरी हुई थी, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी जान चली गई। शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आशिक अली को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई थी, जिसके बाद अदालत ने उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। अब पुलिस फायरिंग के दावे और उस वक्त के जमीनी हालात को लेकर आगे की पड़ताल जारी है। इसका आप पर असर यह घटना असम में संवेदनशील आपराधिक मामलों में पुलिस निगरानी और हिरासत सुरक्षा के नियमों से सीधे तौर पर जुड़ी है। • असम में: इस घटना के बाद हिरासत में आरोपियों के आवागमन और अदालत में पेशी के सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा किया जा सकता है। धारापुर और आसपास के इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग और लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। • भारत में: देश भर में न्यायिक अभिरक्षा और पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के अधिकारों और सुरक्षा पर विमर्श तेज हो सकता है। यह मामला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों की अदालती सुनवाई से पहले कस्टोडियल सुरक्षा नियमों का पालन कितना अनिवार्य है। • छात्रों और आम नागरिकों के लिए: कॉलेज परिसरों और होमस्टे जैसी जगहों पर सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। युवा और अभिभावक हॉस्टल और अस्थायी ठहरने की जगहों के नियमों को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं। • कानूनी प्रक्रिया पर असर: घायल आरोपी के अस्पताल में भर्ती होने से अदालत में उसकी पेशी और आगे की कानूनी पूछताछ में अस्थायी देरी हो सकती है। डॉक्टरों से स्वास्थ्य अनुमति मिलने के बाद ही न्यायिक प्रक्रिया की अगली कार्रवाई तय होगी। ऐसा क्यों हुआ यह घटना हिरासत में रखे गए आरोपी के कथित रूप से भागने की कोशिश और उस पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण हुई। • हिरासत से भागने का प्रयास: पुलिस का कहना है कि मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे धारापुर इलाके में ले जाने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिससे बल प्रयोग की नौबत आई। • रिमांड की अंतिम अवधि: आरोपी की आठ दिन की पुलिस हिरासत मंगलवार को समाप्त हो रही थी और उसे अदालत में पेश किया जाना था, जिससे कुछ घंटे पहले यह घटनाक्रम हुआ। • हत्या की जांच का दबाव: 25 सितंबर को रुद्राक्ष होमस्टे में छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद से ही आरोपी पुलिस की सघन पूछताछ और जांच के दायरे में था। • जांच की वर्तमान स्थिति: घटना के समय वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और पुलिस के दावे के अनुरूप क्या हुआ, इसे लेकर आधिकारिक पड़ताल जारी है। सवाल-जवाब 1. आशिक अली कौन है और उस पर क्या आरोप है? आशिक अली गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी है। 2. पुलिस फायरिंग की यह घटना कब और कहां हुई? यह घटना मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे धारापुर इलाके में हुई जब आरोपी कथित तौर पर हिरासत से भाग रहा था। 3. आरोपी को कितनी गोलियां लगी हैं और उसकी हालत क्या है? आशिक अली के दाहिने पैर में दो गोलियां लगी हैं और वह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में भर्ती है। 4. निमिषा ठाकुरिया का शव कब बरामद हुआ था? छात्रा का शव 25 सितंबर को धारापुर स्थित रुद्राक्ष होमस्टे के एक कमरे से संदिग्ध हालत में मिला था। 5. आरोपी की पुलिस हिरासत कब खत्म होनी थी? उसकी आठ दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को समाप्त होनी थी, जिसके बाद उसे CJM अदालत में पेश किया जाना था। https://trendkia.com/crime/guwahati-men-nimisha-thakuria-mardara-kesa-ke-aropi-para-pulisa-ki-phayaringa-rimanda-khatma-hone-se-pahale-paira-men-lagi-do-goli-43893 TrendKia — Har trend, sabse pehle.