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  "type": "article",
  "title": "इथियोपिया से दबोचा गया 5 लाख का इनामी गैंगस्टर अफरीदी, पंजाब पुलिस लाई भारत",
  "summary": "पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन गैंगस्टर ते वार के तहत विदेश भागे कुख्यात गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट कराकर दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया है।",
  "content": "पंजाब पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से सुरक्षित देश वापस बुला लिया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मिशन को अंजाम दिया है, जिसके चलते पिछले दस महीनों से फरार चल रहा यह वांटेड आखिरकार शिकंजे में आ गया है। दिल्ली के हवाई अड्डे पर विमान से उतरते ही उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया और अब उसे सड़क मार्ग से राज्य के अन्य ठिकाने पर ले जाया जा रहा है।\n\nकौन है गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी और क्या है उसका आपराधिक रिकॉर्ड\nयह कुख्यात शख्सियत डोनी बल और प्रभ दासूवाल गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर कुल पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उसके ऊपर तीस से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। लंबे अरसे से कानून की पकड़ से दूर रहने वाला यह शख्स देश से बाहर बैठकर ही अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार साल 2025 में लखनऊ से एक फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाकर वह भारत की सीमाओं से भाग निकला था और सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात जा पहुंचा था।\n\nदस महीने लंबा अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग अभियान\nइस वांटेड को पकड़ने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो की सहायता ली गई और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती हुई सुगबुगाहट और लगातार निगरानी के कारण आरोपी ने अपनी लोकेशन बार-बार बदली। वह अप्रैल 2026 में कीनिया पहुंच गया और उसके बाद नवंबर के महीने में इथियोपिया शिफ्ट हो गया। अंततः अफ्रीकी धरती पर उसकी सटीक मौजूदगी का पता चल गया और स्थानीय सहयोग से उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफ्रीकी देश से पंजाब पुलिस द्वारा किसी वांटेड को वापस लाने का यह पहला सफल प्रयास है।\n\nराज्य में गिरोहों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान\nपुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध की दुनिया से जुड़ने वाले तत्वों को यह चेतावनी है कि वे कानून के हाथ से बच नहीं सकते, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं। उन्होंने युवा पीढ़ी से भी आग्रह किया है कि वे हथियार और अपराध संस्कृति का रास्ता तुरंत त्याग दें। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक कुल तेरह आरोपियों को विदेश से वापस लाया जा चुका है और विभिन्न अपराधियों के खिलाफ पच्चीस रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।\n\nहजारों गिरफ्तारियां और हथियारों का जखीरा बरामद\nअप्रैल 2022 के बाद से राज्यभर में आपराधिक गिरोहों के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने के लिए बड़े पैमाने पर धरपकड़ की गई है। इस अवधि के दौरान पुलिस ने तीन हजार तीन सौ से अधिक गिरफ्तारियां की हैं और लगभग एक हजार दो सौ से ज्यादा गिरोहों के मॉड्यूल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानून प्रवर्तन दलों ने ढाई हजार से अधिक हथियार और सात सौ से ज्यादा वाहन भी जब्त किए हैं। प्रशासन का दावा है कि संगठित अपराध का पूरी तरह सफाया करने के लिए यह निगरानी अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nयह बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई उन सभी अपराधियों और गिरोहों के लिए एक सख्त संदेश है जो देश से बाहर छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।\n\n• भारत में: देश की सुरक्षा एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए विदेश भागे अपराधियों को वापस लाने में अधिक सक्रिय हो गई हैं। इससे संगठित अपराध से जुड़े लोगों का सुरक्षित पनाहगाहों में छिपना मुश्किल हो गया है।\n• पंजाब में: राज्य के युवाओं को गिरोह संस्कृति और हथियारों के रास्ते से दूर रहने की सीधी चेतावनी दी गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस के बढ़ते दबाव से आम नागरिकों की सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nविदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के पीछे लंबी तकनीकी निगरानी और मजबूत अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सहयोग की भूमिका रही है।\n\n• इंटरपोल समन्वय: पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया, जिससे दुनिया भर की एजेंसियों के साथ सटीक खुफिया जानकारी साझा की जा सकी।\n• लगातार बदलते ठिकाने: आरोपी ने कानून की बढ़ती निगरानी से बचने के लिए संयुक्त अरब अमीरात से कीनिया और फिर इथियोपिया तक लगातार अपनी लोकेशन बदली।\n• कूटनीतिक दबाव: अफ्रीकी देश में सटीक सुराग मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के सहयोग से डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी की गई और उसे विशेष विमान से भारत लाया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को किस देश से वापस लाया गया है?\nउसे इथियोपिया से डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया है।\n\n2. गैंगस्टर अफरीदी पर कितने का इनाम घोषित था?\nउस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।\n\n3. अफरीदी भारत छोड़कर कब और कैसे भागा था?\nवह साल 2025 में लखनऊ से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर भारत से फरार हुआ था।\n\n4. भारत लौटने के बाद उसे कहां हिरासत में लिया गया?\nइथियोपिया से डिपोर्ट होने के बाद उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।\n\n5. इस साल राज्य में कुल कितने आरोपियों को डिपोर्ट कराया गया है?\nइस साल ऑपरेशन के तहत अब तक कुल तेरह आरोपियों की डिपोर्टेशन करवाई जा चुकी है।",
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  "publishedAt": "2026-11-08",
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    "पंजाब पुलिस",
    "गैंगस्टर अफरीदी",
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    "अपराध समाचार"
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