# जयपुर में यात्रियों से भरी लो-फ्लोर बस में लगी आग, खाली निकला फायर एक्सटिंग्विशर

> जयपुर में कालवाड़ से चांदपोल जा रही जेसीटीएसएल की एक चलती बस में अचानक आग लग गई। यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि मौके पर पहुंचे पानी के टैंकर ने आग बुझाई।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/jaipur-me-chalti-low-floor-bus-me-lagi-aag-20719 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर बस आग, जेसीटीएसएल बस, कालवाड़ रोड, परिवहन विभाग, मातेश्वरी कंपनी

गुलाबी शहर जयपुर की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की एक चलती हुई लो-फ्लोर बस में अचानक आग भड़क उठी, जिससे वाहन में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। स्थिति इतनी डरावनी थी कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए चलती बस से ही नीचे कूदना पड़ा। इस दुर्घटना ने नगर निगम और परिवहन संचालन से जुड़े महकमों के दावों की पोल खोल दी है, साथ ही रोजाना सफर करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

## कालवाड़ से चांदपोल जा रही बस में हादसा
यह खतरनाक वाकया उस वक्त सामने आया जब रूट नंबर 24 पर चलने वाली जेसीटीएसएल बस, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RJ14PD 8539 है, कालवाड़ से अपनी मंजिल चांदपोल की तरफ बढ़ रही थी। वाहन सामान्य रूप से सड़क पर चल रहा था और केबिन के भीतर सामान्य दिनों की तरह यात्री बैठे हुए थे। सफर के बीच में ही अचानक बस के पिछले हिस्से में स्थित इंजन कंपार्टमेंट से काला धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में इस धुएं ने भीषण आग की लपटों का रूप ले लिया। केबिन के भीतर तेजी से फैले धुएं के कारण वहां अफरातफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर घबरा गए। हालात की गंभीरता को भांपते हुए कई यात्रियों ने अपनी जिंदगी बचाने के लिए वाहन से नीचे छलांग लगाने में ही भलाई समझी।

## फायर एक्सटिंग्विशर निकला खाली और पानी के टैंकर ने बचाई जान
दुर्घटना के दौरान लापरवाही की एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि वाहन के भीतर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जो अग्निशमन यंत्र लगाया गया था, वह पूरी तरह खाली निकला। मौके पर मौजूद लोगों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि यह सुरक्षा उपकरण महज दिखावे के तौर पर टांगा गया था। जब आग तेजी से फैल रही थी, तब चालक और अन्य स्टाफ आग बुझाने के मामले में पूरी तरह असहाय नजर आए। गनीमत यह रही कि उसी दौरान एक पानी का टैंकर वाहन के ठीक पीछे से गुजर रहा था। टैंकर के चालक ने बिना वक्त गंवाए अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और वाहन रोककर पानी की तेज बौछार से आग पर काबू पा लिया। अगर समय पर यह पानी का टैंकर नहीं मिलता, तो पूरी गाड़ी जलकर खाक हो जाती और बड़ा नुकसान हो सकता था।

## मातेश्वरी कंपनी के मेंटेनेंस पर उठे गंभीर सवाल
प्राप्त विवरण के अनुसार, इन लो-फ्लोर बसों की देखरेख और मरम्मत का जिम्मा 'मातेश्वरी कंपनी' के पास है। चलती गाड़ी के इंजन में इस तरह आग लग जाना सीधे तौर पर घटिया स्तर के रखरखाव और तकनीकी निरीक्षण में बरती जा रही गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। सरकारी खजाने से रखरखाव के नाम पर भारी भरकम भुगतान किया जाता है, इसके बावजूद वाहनों के इंजनों की समय पर सटीक जांच क्यों नहीं की जाती, यह एक बड़ा और अनुत्तरित प्रश्न है। यह पूरी घटना जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिस पर तुरंत ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

## खस्ताहाल बसों के संचालन पर लग रहे हैं विराम
सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि अपनी मियाद पूरी कर चुकी कंडम गाड़ियों के संचालन की अवधि बार-बार क्यों बढ़ाई जा रही है? जर्जर स्थिति में पहुंच चुके इन वाहनों को सड़क पर उतारकर रोजमर्रा सफर करने वाले नागरिकों की जिंदगी को जोखिम में डालने की अनुमति आखिर कौन दे रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के घटित होने का इंतजार कर रहा है? अब यह देखना बेहद अहम होगा कि इस गंभीर लापरवाही के उजागर होने के बाद सरकार और परिवहन महकमा मातेश्वरी कंपनी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस और कड़े कदम उठाते हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** सार्वजनिक परिवहन में नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता पर देश भर के निगमों को सख्ती बरतनी चाहिए।

**जयपुर में:** स्थानीय यात्रियों को जर्जर बसों में सफर करते वक्त सुरक्षा संबंधी कमियों और खाली फायर एक्सटिंग्विशर जैसी लापरवाही से सीधा खतरा रहता है।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में बस में आग कहां और किस रूट पर लगी?
यह आग कालवाड़ से चांदपोल की ओर जा रही रूट नंबर 24 की जेसीटीएसएल बस में लगी।

### 2. बस का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या था?
आग की चपेट में आई बस का रजिस्ट्रेशन नंबर RJ14PD 8539 था।

### 3. बस में आग बुझाने के लिए क्या उपाय किया गया?
बस का फायर एक्सटिंग्विशर खाली था, लेकिन पीछे आ रहे एक पानी के टैंकर के चालक ने पानी डालकर आग पर काबू पाया।

### 4. इन लो-फ्लार बसों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसके पास थी?
इन बसों की देखरेख और रखरखाव का जिम्मा मातेश्वरी कंपनी के पास बताया जा रहा है।

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