जयपुर में टोंक रोड पर घड़ी शोरूम में सेंधमारी, करोड़ों रुपये की लग्जरी घड़ियां गायब जयपुर के टोंक रोड स्थित एक बड़े घड़ी शोरूम से चोर लगभग 250 कीमती घड़ियां समेट ले गए, जिनकी कीमत 5 से 7 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के सहारे मामले की जांच में जुटी है। जयपुर के टोंक रोड इलाके में एक बड़े घड़ी शोरूम को निशाना बनाकर चोरों ने करोड़ों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना द वॉच फैक्ट्री नाम के शोरूम में सामने आई, जहां विशेष रूप से राडो ब्रांड की घड़ियां बेची जाती हैं। चोरों ने शोरूम में सेंध लगाकर वहां रखी बेहद कीमती घड़ियों को पार कर दिया। प्राथमिक आकलन में पहले चार से पांच करोड़ रुपये के नुकसान का अंदेशा लगाया गया था, लेकिन विस्तृत जांच में लगभग 250 घड़ियों के गायब होने की बात सामने आई, जिनका कुल मूल्य पांच से सात करोड़ रुपये के आसपास आंका जा रहा है। इतनी बड़ी डकैतीनुमा चोरी का पता चलते ही शोरूम के कर्मचारियों से लेकर पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे घटनास्थल पर घटना की खबर मिलते ही बजाज नगर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शोरूम का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करते हुए शोरूम के भीतरी हिस्से, प्रवेश द्वारों और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया ताकि वारदात के तरीकों को समझा जा सके। सुबह तड़के हुई वारदात, 250 घड़ियां ले उड़े बदमाश शुरुआती पड़ताल के अनुसार यह पूरी वारदात सुबह तकरीबन 4 से 5 बजे के दरमियान अंजाम दी गई। चोरों ने शोरूम में घुसने के लिए कौन सा रास्ता चुना और सुरक्षा चक्र को कैसे तोड़ा, पुलिस की प्राथमिक जांच इसी बिंदु पर केंद्रित है। शोरूम के भीतर रखे स्टॉक से लगभग 250 लग्जरी घड़ियां गायब मिली हैं। इतनी भारी संख्या में बेशकीमती सामान गायब होने से आशंका जताई जा रही है कि इस घटना में कई लोग योजनाबद्ध तरीके से शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों की पड़ताल जांच दल शोरूम के भीतर लगे कैमरों के अलावा आसपास के प्रतिष्ठानों और टोंक रोड पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रहा है। फुटेज के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्तों का नक्शा तैयार करने की कोशिश की जा रही है। मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही घटनास्थल की फोटोग्राफी भी कराई गई है। डॉग स्क्वायड की मदद और स्टॉक का मिलान आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वायड को भी जांच में शामिल किया है। खोजी कुत्तों के जरिए बदमाशों के भागने की दिशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी तरफ, शोरूम प्रबंधन अपने इन्वेंट्री और स्टॉक रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान कर रहा है ताकि गायब हुई प्रत्येक घड़ी का सटीक विवरण और बिलिंग मूल्य तय किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और स्टॉक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसका आप पर असर व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर यह घटना सीधे तौर पर सतर्क रहने का संकेत देती है। • भारत में: देशभर के महंगे रिटेल और ज्वेलरी शोरूम मालिकों को अपनी रात्रिकालीन सुरक्षा और डिजिटल निगरानी प्रणालियों की समीक्षा करनी होगी। महंगे उत्पादों को रखने वाले व्यापारी इस घटना के बाद अपने बीमा कवरेज और इन्वेंट्री सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता दे सकते हैं। • जयपुर में: टोंक रोड और आसपास के व्यापारिक बाजारों में गश्त और रात्रि सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज होगी। स्थानीय दुकानदारों और शोरूम संचालकों को अलार्म सिस्टम और नाइट गार्ड की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी जा रही है। • ग्राहकों के लिए: सेकंड-हैंड या अनाधिकृत डीलरों से बिना बिल की लग्जरी घड़ियां खरीदने से आम खरीदारों को पूरी तरह बचना चाहिए। चोरी की गई संपत्तियों की खरीद-फरोख्त कानूनी जांच के दायरे में आ सकती है। • व्यापारियों के लिए: शोरूम के सीसीटीवी बैकअप को क्लाउड स्टोरेज पर सुरक्षित रखना अब अनिवार्य जैसा हो गया है। स्थानीय कारोबारी संगठनों को अपनी बाजार सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ जयपुर के टोंक रोड स्थित शोरूम में हुई यह बड़ी चोरी सुनियोजित योजना, तड़के के समय कम आवाजाही और सुरक्षा खामियों के जरिए अंजाम दी गई। पुलिस फिलहाल चोरों के प्रवेश मार्ग और उनके तौर-तरीकों की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। • समय का चयन: यह वारदात सुबह 4 से 5 बजे के बीच की गई, जिस समय सड़कों पर यातायात नगण्य होता है और सामान्यतः पहरेदारी कमजोर पड़ जाती है। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर बदमाशों ने शोरूम के भीतर प्रवेश किया। • योजनाबद्ध निशाना: चोरों ने विशेष रूप से लगभग 250 कीमती राडो घड़ियों को निशाना बनाया, जिससे साफ है कि उन्हें शोरूम के लेआउट और माल की कीमत की पूर्व जानकारी थी। इस प्रकार की वारदात अक्सर पहले से की गई रेकी के बाद ही संभव होती है। • जांच की वर्तमान स्थिति: घटना के ठीक पीछे किस गिरोह का हाथ था और वे शोरूम में किस खिड़की या दरवाजे से घुसे, यह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, फिंगरप्रिंट और कैमरों के फुटेज से सटीक कारण और माध्यम का पता लगा रही है। सवाल-जवाब 1. जयपुर में घड़ी के शोरूम में चोरी की यह घटना कहां हुई? यह वारदात राजधानी जयपुर के टोंक रोड स्थित 'द वॉच फैक्ट्री' नामक शोरूम में हुई। 2. शोरूम से कितनी घड़ियां और कितने मूल्य का सामान चोरी हुआ? चोर लगभग 250 घड़ियां चुरा ले गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 5 से 7 करोड़ रुपये बताई गई है। 3. यह घटना किस समय अंजाम दी गई? पुलिस जांच के मुताबिक यह चोरी सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच अंजाम दी गई थी। 4. मामले की जांच में कौन से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं? घटनास्थल का निरीक्षण विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन सहित अन्य अधिकारियों ने किया। 5. आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस क्या कदम उठा रही है? पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं और डॉग स्क्वायड की सहायता ली जा रही है। https://trendkia.com/crime/jaipur-men-tonk-road-para-ghari-shoruma-men-sendhamari-karoron-rupaye-ki-lagjari-ghariyan-gayaba-41101 TrendKia — Har trend, sabse pehle.