जैसलमेर में शादी के 14 साल बाद विवाहिता को जिंदा जलाने का आरोप, जोधपुर में उपचार के दौरान मौत जैसलमेर के कोरवा गांव में पेट्रोल डालकर जलाई गई हिना ने जोधपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने पति, सास, ससुर और जेठानी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है। राजस्थान के जैसलमेर जिले के खुहड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरवा गांव में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के करीब चौदह साल बाद एक महिला पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इस वीभत्स वारदात में 90 फीसदी से ज्यादा झुलसी महिला ने जोधपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए दम तोड़ दिया। मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के चार सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आधी रात को पेट्रोल डालकर आग के हवाले करने का आरोप यह खौफनाक वारदात 21 सितंबर 2026 की देर रात करीब एक बजे के बाद घटित हुई। आरोप है कि ससुराल के भीतर हिना पर अचानक पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी गई। लपटों में घिरी महिला की चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग कुछ समझ पाते, वह 90 प्रतिशत से ज्यादा गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस जाब्ता तत्काल मौके पर पहुंचा। इसके बाद लहूलुहान और जली हुई हालत में हिना को जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने महिला की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जोधपुर के इस बड़े चिकित्सा केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में कई दिनों तक उसका उपचार चलता रहा, किंतु तमाम प्रयासों के बावजूद 24 सितंबर की सुबह लगभग 6 बजे उसने अंतिम सांस ली। शादी के बाद से लगातार प्रताड़ना और दहेज की मांग माणपिया गांव के निवासी और पेशे से सरकारी शिक्षक पुरखाराम भील ने अपनी बेटी हिना की हत्या के संबंध में खुहड़ी थाने में विस्तृत लिखित रिपोर्ट सौंपी है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार हिना का विवाह 29 जून 2012 को कोरवा गांव निवासी भगवानाराम के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ था। मृतका के पिता का कहना है कि विवाह के कुछ समय बीतने के बाद से ही ससुराल में हिना को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाने लगी थीं। ससुराल वाले लगातार दहेज और अन्य भौतिक चीजों की अनुचित मांगें रखकर उस पर दबाव बनाते थे। विशेष रूप से हिना पर अपने मायके से एक चार पहिया वाहन यानी कार लाने की लगातार जिद्द की जा रही थी और इसे लेकर उसे रोजाना जलील किया जाता था। पुश्तैनी जमीन और धोखे से गर्भपात कराने की साजिश मृतका के पिता ने अपनी शिकायत में हिना की जेठानी अमृता देवी पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप मढ़े हैं। पिता का दावा है कि अमृता देवी परिवार की पुश्तैनी जमीन को अकेले हड़पने की नीयत रखती थी। इसी दुर्भावना के चलते वह कभी नहीं चाहती थी कि हिना के आंगन में कोई संतान जन्म ले, जिससे जमीन के बंटवारे में हिस्सेदारी पैदा हो। पिता ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के तहत हिना को धोखे से गर्भपात कराने वाली दवाइयां और कई अन्य संदिग्ध पदार्थ खिलाए जाते थे। इन जहरीले और हानिकारक तत्वों के लगातार सेवन से हिना की शारीरिक सेहत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती चली गई और वह बेहद कमजोर हो गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन गंभीर आरोपों की असल सच्चाई गहन छानबीन और फॉरेंसिक रिपोर्टों के बाद ही साफ हो सकेगी। अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और मानसिक उत्पीड़न का सिलसिला हिना के परिजनों ने ससुराल के लोगों पर अंधविश्वास की आड़ में अमानवीय व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार जब भी हिना की तबीयत बिगड़ती, तो उसे किसी योग्य चिकित्सक के पास ले जाकर उचित इलाज कराने के बजाय जबरन स्थानीय माता के थान पर ले जाया जाता था। वहां तांत्रिक क्रियाएं, टोने-टोटके और झाड़-फूंक के नाम पर उसे मानसिक रूप से डराया, धमकाया और प्रताड़ित किया जाता था। इसके अतिरिक्त करीब दो वर्ष पूर्व मायके की ओर से खरीदी गई कार को ससुराल लाने की मांग को लेकर भी उस पर मानसिक दबाव चरम पर पहुंचा दिया गया था। पति सहित ससुराल के चार लोग गिरफ्तार खुहड़ी थाना प्रभारी भागु राम ने बताया कि मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कानूनी कदम उठाए हैं। पुलिस ने दहेज हत्या के तहत मामला दर्ज कर मृतका के पति भगवानाराम, ससुर सोनाराम, सास लसमो देवी और जेठानी अमृता देवी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों की टीम चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह खंगाल रहे हैं कि 21 सितंबर की देर रात वास्तव में कमरे के भीतर क्या घटित हुआ था और किन परिस्थितियों में हिना आग की लपटों से घिरी। इसके साथ ही पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की नीयत, कार की मांग, धोखे से दी जाने वाली गर्भपात की गोलियों तथा अंधविश्वास से जुड़े सभी बिंदुओं की कड़ियों को बारीकी से जोड़ा जा रहा है। शादी के 14 साल बाद हिना की इस दर्दनाक मौत से उसके मायके माणपिया गांव में कोहराम मचा हुआ है और परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी सजा की मांग कर रहे हैं। इसका आप पर असर यह घटना वैवाहिक विवादों और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना के मामलों में कानूनी सुरक्षा एवं त्वरित पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित करती है। • भारत में: यह मामला दर्शाता है कि शादी के लंबे समय बाद भी वैवाहिक उत्पीड़न और दहेज से जुड़े कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। पीड़ित परिवार घरेलू प्रताड़ना या अनुचित मांगों की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या महिला हेल्पलाइन पर प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं। • राजस्थान में: राज्य में अंधविश्वास और दहेज के नाम पर होने वाले उत्पीड़न के विरुद्ध सख्त पुलिस निगरानी और त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है। जैसलमेर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिक ऐसे मामलों की सूचना फौरन संबंधित पुलिस अधिकारियों को दे सकते हैं। • कानूनी अधिकार: यदि किसी महिला को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, तो वह घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत तुरंत कानूनी संरक्षण मांग सकती है। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जबरन दवा दिए जाने की शिकायत चिकित्सा परीक्षण के साथ दर्ज कराई जा सकती है। • आपातकालीन सहायता: संकट के समय पीड़ित महिलाएं राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन नंबर 112 या 181 पर संपर्क कर त्वरित सुरक्षा पा सकती हैं। इन नंबरों पर चौबीसों घंटे तत्काल कानूनी और चिकित्सीय मदद उपलब्ध कराई जाती है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद घटना वैवाहिक तनाव, अनुचित भौतिक मांगों, पुश्तैनी संपत्ति के लालच और अमानवीय अंधविश्वास के परस्पर टकराव के कारण घटित हुई। • दहेज और गाड़ी की मांग: मृतका के मायके पक्ष के अनुसार शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले हिना पर लगातार दबाव बना रहे थे। विशेष रूप से दो साल पहले मायके द्वारा खरीदी गई कार को ससुराल लाने की मांग को लेकर विवाद चल रहा था। • जमीन हड़पने और संतान न होने देने की साजिश: पिता का आरोप है कि जेठानी अमृता देवी परिवार की पुश्तैनी जमीन पर पूर्ण अधिकार चाहती थी। इसी वजह से उसने हिना के गर्भवती होने में बाधाएं पैदा करने के लिए धोखे से संदिग्ध दवाइयां दीं। • अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाएं: शारीरिक बीमारी के बावजूद महिला को उचित चिकित्सा सुविधा देने के स्थान पर जबरन स्थानीय मंदिर के थान पर ले जाया जाता था। तांत्रिक अनुष्ठानों के माध्यम से उसे लगातार मानसिक दहशत और दबाव में रखा गया। • पुलिस जांच की स्थिति: पुलिस ने 21 सितंबर की रात पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना से जुड़े हर बिंदु, चिकित्सा साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट की आधिकारिक पड़ताल की जा रही है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस स्थान और किस तारीख की है? यह घटना जैसलमेर जिले के खुहड़ी थाना क्षेत्र स्थित कोरवा गांव की है, जहां 21 सितंबर 2026 की देर रात महिला पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। 2. मृतका की पहचान क्या है और उसकी मौत कब हुई? मृतका की पहचान हिना के रूप में हुई है, जिसकी शादी 29 जून 2012 को हुई थी। उसने 24 सितंबर 2026 की सुबह जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में दम तोड़ा। 3. पुलिस ने इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया है? खुहड़ी पुलिस ने मृतका के पति भगवानाराम, ससुर सोनाराम, सास लसमो देवी और जेठानी अमृता देवी को गिरफ्तार किया है। 4. मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं? पिता ने मायके से कार लाने के दबाव, पुश्तैनी जमीन हड़पने की नीयत, धोखे से गर्भपात की दवाइयां खिलाने और अंधविश्वास के नाम पर तांत्रिक क्रियाएं करवाने के आरोप लगाए हैं। 5. घटना के बाद महिला को किन अस्पतालों में ले जाया गया? गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसे पहले जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल ले जाया गया और फिर हालत नाजुक होने पर जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। https://trendkia.com/crime/jaisalmer-men-shadi-ke-14-sala-bada-vivahita-ko-jinda-jalane-ka-aropa-jodhpur-men-upachara-ke-daurana-mauta-38600 TrendKia — Har trend, sabse pehle.